मोतिहारी स्वास्थ्य व्यवस्था: अस्पताल में डॉक्टर गायब, फोर्थ ग्रेड कर्मी लगा रहा मरीज को टांके

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मरीज को टांका लगाता कर्मी | Prabhat Khabar Network

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पहाड़पुर CHC से जुड़े वायरल वीडियो में एक कर्मी के जख्मी मरीज का उपचार करने का दावा किया जा रहा है. ड्यूटी रोस्टर में नाम होने की बात पर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने इनकार किया है. अब जांच की मांग उठ रही है.

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मोतिहारी स्वास्थ्य व्यवस्था: पहाड़पुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से जुड़ा एक वीडियो इन दिनों चर्चा में है. वायरल वीडियो में एक कर्मी जख्मी मरीज का उपचार करते और टांका लगाते हुए दिखाई दे रहा है. वीडियो सामने आने के बाद स्वास्थ्य केंद्र की कार्यप्रणाली और मरीजों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं. बताया जा रहा है कि वीडियो में दिख रहा व्यक्ति कृष्णा कुमार है, जो स्वास्थ्य केंद्र में फोर्थ ग्रेड कर्मी के पद पर कार्यरत है. हालांकि, प्रभात खबर वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है.

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ड्यूटी रोस्टर को लेकर भी उठे सवाल

मामले में सामने आए एक ड्यूटी रोस्टर को लेकर भी सवाल खड़े हुए हैं. रोस्टर में कृष्णा कुमार का नाम पैरामेडिकल ड्यूटी में दर्ज होने की बात कही जा रही है. इसके अनुसार बुधवार और गुरुवार को सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक उनकी ड्यूटी लगाए जाने की जानकारी सामने आयी है.

हालांकि, इस संबंध में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अजहरुद्दीन ने पैरामेडिकल ड्यूटी वाले रोस्टर में कृष्णा कुमार का नाम होने से इनकार किया है. उनका कहना है कि कृष्णा कुमार का नाम पैरामेडिकल ड्यूटी में दर्ज नहीं है.

रोस्टर की तारीख का हवाला देने पर नहीं मिला स्पष्ट जवाब

प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के बयान के बाद जब उनके द्वारा जारी बताए जा रहे रोस्टर में दर्ज नाम और ड्यूटी की तारीख का हवाला दिया गया, तो इस मामले में स्पष्ट जवाब नहीं मिल सका. ऐसे में वायरल वीडियो और ड्यूटी रोस्टर को लेकर स्थिति अभी पूरी तरह साफ नहीं हो सकी है.

मामले की जांच होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि वीडियो में दिख रहे मरीज का उपचार किस परिस्थिति में किया गया था और उपचार करने वाले व्यक्ति को इसके लिए किस स्तर से अनुमति मिली थी.

जांच के बाद ही तय होगी जिम्मेदारी

वीडियो सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल मरीज की सुरक्षा को लेकर है. यदि किसी ऐसे कर्मी ने मरीज का उपचार किया है, जिसे इसके लिए अधिकृत नहीं किया गया था, तो यह गंभीर विषय हो सकता है. वहीं, यदि उसे किसी विशेष परिस्थिति में उपचार की अनुमति दी गयी थी, तो इसकी भी स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट होगी.

फिलहाल वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और स्वास्थ्य केंद्र प्रबंधन की ओर से भी पूरे मामले की स्पष्ट स्थिति सामने नहीं आयी है. जांच के बाद ही यह तय हो सकेगा कि मरीज का उपचार किन परिस्थितियों में हुआ और इसके लिए जिम्मेदार कौन है.

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