मोतिहारी में मनरेगा योजनाओं की समीक्षा, डीडीसी ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

समीक्षा बैठक करते डीडीसी
मोतिहारी में मनरेगा योजनाओं की धीमी गति पर उप विकास आयुक्त डॉ. प्रदीप कुमार ने कड़ी नाराजगी जताई है. कई प्रखंडों में मानव दिवस सृजन, पीएम आवास और ई-केवाईसी की प्रगति बेहद चिंताजनक है. डीडीसी ने सभी संबंधित अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर लक्ष्यों को पूरा करने के सख्त निर्देश दिए हैं.
Motihari News: मनरेगा योजनाओं की प्रगति संतोषजनक नहीं मिलने पर उप विकास आयुक्त डॉ. प्रदीप कुमार ने कड़ी नाराजगी जताई है. समाहरणालय स्थित डॉ. राधाकृष्णन सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने मानव दिवस सृजन, पीएम आवास अभिसरण, ई-केवाईसी, जियो टैगिंग, अपूर्ण योजनाओं और वृक्षारोपण कार्यों की समीक्षा करते हुए संबंधित कार्यक्रम पदाधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर लक्ष्य के अनुरूप प्रगति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.
मानव दिवस सृजन में कई प्रखंडों का प्रदर्शन खराब
समीक्षा में पाया गया कि जिले में मानव दिवस सृजन की उपलब्धि 76.56 प्रतिशत है, जबकि राज्य स्तर पर यह 155.29 प्रतिशत है. संग्रामपुर, पहाड़पुर, बनकटवा, अरेराज, मेहसी, कोटवा और पताही प्रखंड का प्रदर्शन सबसे कमजोर रहा. डीडीसी ने सभी संबंधित कार्यक्रम पदाधिकारियों को कम से कम 75 प्रतिशत उपलब्धि हासिल करने का निर्देश दिया.
पीएम आवास अभिसरण और ई-केवाईसी पर जताई नाराजगी
पीएम आवास अभिसरण की समीक्षा में कुल 20,320 योजनाओं में से मात्र 3,339 योजनाओं में एमआर निर्गत होने पर नाराजगी जताई गई. संग्रामपुर, चकिया, पीपराकोठी, रामगढ़वा, कोटवा, छौड़ादानो, चिरैया, ढाका और घोड़ासहन की प्रगति बेहद कम पाई गई. वहीं जिले के 4,46,783 सक्रिय मजदूरों में से 56,148 मजदूरों का ई-केवाईसी लंबित पाया गया. सभी कार्यक्रम पदाधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर शत-प्रतिशत ई-केवाईसी कराने का निर्देश दिया गया.
जियो टैगिंग और अपूर्ण योजनाओं को जल्द पूरा करने का निर्देश
समीक्षा में प्रथम, द्वितीय और तृतीय चरण को मिलाकर 3,570 से अधिक जियो टैगिंग मामले लंबित पाए गए. कल्याणपुर, पकड़ीदयाल, रामगढ़वा, बनकटवा, केसरिया, पहाड़पुर, घोड़ासहन और चिरैया में सबसे अधिक मामले लंबित हैं. डीडीसी ने एक सप्ताह के भीतर सभी लंबित मामलों का निष्पादन कराने का निर्देश दिया. साथ ही मनरेगा के तहत शुरू की गई 43,426 योजनाओं में केवल 2,713 योजनाएं पूर्ण होने पर नाराजगी जताते हुए कम से कम 90 प्रतिशत अपूर्ण योजनाओं को शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया.
वृक्षारोपण और जल-जीवन-हरियाली योजनाओं पर भी जोर
वित्तीय वर्ष 2026-27 में वृक्षारोपण का लक्ष्य 9,50,400 निर्धारित है, जबकि उपलब्धि मात्र 20.79 प्रतिशत पाई गई. डीडीसी ने सभी कार्यक्रम पदाधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर लक्ष्य के अनुरूप वृक्षारोपण योजनाएं शुरू करने का निर्देश दिया. जल-जीवन-हरियाली योजनाओं में भी कम प्रगति वाले मामलों की समीक्षा करते हुए दो दिनों के भीतर लंबित प्रविष्टियां जेजेएच पोर्टल पर दर्ज कराने और निर्धारित लक्ष्य प्राप्त करने के निर्देश दिए.
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