2.46 करोड़ का पुल बनने के बाद भी क्यों बंद है रास्ता? लोहे की प्लेट के सहारे गुजर रहे ग्रामीण
अप्रोथ पथ का निर्माण नहीं होने पर विरोध जताते ग्रामीण
मोतिहारी में करोड़ों की लागत से बना पुल भी ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बन गया है. पुल के अप्रोच पथ के अधूरा रहने के कारण करीब 2500 लोग रोज जोखिम उठाकर नदी पार करने को मजबूर हैं. स्थानीय लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.
Motihari News: मुख्यमंत्री ग्रामीण सेतु योजना के तहत पंचायत के चंपारण तटबंध से मझरिया जाने वाले मार्ग में पुल का निर्माण करा दिया गया, लेकिन दोनों तरफ अप्रोच पथ अधूरा छोड़ दिए जाने से करीब ढाई हजार लोगों की आवाजाही मुश्किल हो गई है. मझरिया गांव के वार्ड संख्या एक, तीन और चार के करीब 300 घरों के लोगों के लिए यह बाजार, स्कूल, अस्पताल और अन्य जरूरी कार्यों तक पहुंचने का प्रमुख रास्ता है. फिलहाल पानी जमा होने के कारण परेशानी और बढ़ गयी है.
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Kesaria News: पुल बनने के बाद भी ग्रामीणों की परेशानी नहीं हुई कम
ग्रामीणों के अनुसार, पुल बनने के बाद उन्हें उम्मीद थी कि आवागमन सुगम होगा, लेकिन अप्रोच पथ पूरा नहीं होने से सुविधा के बजाय परेशानी बढ़ गयी है. पुल निर्माण के दौरान निर्माण कंपनी की ओर से लोगों की आवाजाही के लिए डायवर्सन की कोई वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं की गयी. प्रशासन की ओर से नाव की सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण ग्रामीणों को जोखिम उठाकर पानी पार करना पड़ रहा है.
लोहे की प्लेट के सहारे पैदल पार कर रहे लोग
पुल की ऊंचाई अधिक होने के कारण फिलहाल ग्रामीण लोहे की प्लेट के सहारे किसी तरह पैदल आवागमन कर रहे हैं. रास्ते में पानी जमा होने से स्थिति और कठिन हो गयी है. बाइक समेत अन्य वाहनों का परिचालन पूरी तरह बाधित है. इससे मझरिया गांव के लोगों को रोजमर्रा के जरूरी कामों के लिए आने-जाने में काफी परेशानी हो रही है.
मझरिया की तरफ अब तक नहीं हुआ मिट्टीकरण
बताया गया कि बांध की ओर कुछ मिट्टीकरण कराया गया है, लेकिन मझरिया गांव की तरफ सड़क पर अब तक मिट्टीकरण नहीं होने से पुल तक पहुंचना भी चुनौती बना हुआ है. ग्रामीणों का कहना है कि दोनों तरफ अप्रोच पथ का निर्माण पूरा होने के बाद ही पुल का वास्तविक लाभ लोगों को मिल सकेगा.
ग्रामीणों ने पुल के पास पहुंचकर जताया विरोध
यह स्थिति करीब दो माह से बनी हुई है. शनिवार को ग्रामीण शिवनाथ सिंह, रामवृक्ष राम, इकबाल राम सहित सैकड़ों लोग पुल के पास पहुंचे और अप्रोच पथ का निर्माण नहीं होने पर विरोध जताया. ग्रामीणों ने निर्माण कंपनी से दोनों तरफ अप्रोच पथ का निर्माण अविलंब पूरा कराने की मांग की. उनका कहना है कि अधूरे रास्ते के कारण लोगों को रोज जोखिम उठाना पड़ रहा है.
2.46 करोड़ की लागत से बन रहा पुल
मुख्यमंत्री ग्रामीण सेतु योजना के तहत इस पुल का निर्माण 2 करोड़ 46 लाख 45 हजार रुपये की प्राक्कलित राशि से कराया जा रहा है. पुल की लंबाई 20.25 मीटर है, जबकि इसके अप्रोच पथ की प्रस्तावित लंबाई करीब 150 मीटर है. पुल का निर्माण कार्य पूरा होने के बावजूद अप्रोच पथ अधूरा रहने से ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
निर्माण कार्य से जुड़े जिम्मेदार ने बताया कि लगातार बारिश होने और मिट्टी उपलब्ध नहीं होने के कारण पुल के अप्रोच पथ का निर्माण कार्य फिलहाल रुका हुआ है. मौसम साफ होते ही मिट्टी की व्यवस्था कर निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा. अप्रोच पथ का निर्माण जल्द पूरा कराकर आवागमन सुचारु किया जाएगा.
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