23 जुलाई को पूर्वी चंपारण के सभी आंगनबाड़ी केंद्र रहेंगे बंद, सेविका-सहायिकाओं ने किया आंदोलन का ऐलान

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पूर्वी चंपारण: मांगों पर आंगनबाड़ी केंद्र 1 दिन बंद

प्रतीकात्मक तस्वीर

पूर्वी चंपारण की आंगनबाड़ी सेविका और सहायिकाएं अपनी विभिन्न मांगों को लेकर 23 जुलाई को एक दिन के लिए अपने केंद्र बंद रखेंगी. इस आंदोलन में बाजार दर के अनुसार पोषाहार राशि बढ़ाने और पांच महीने से लंबित मानदेय भुगतान की मांग प्रमुख है.

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Motihari News: विभिन्न मांगों को लेकर पूर्वी चंपारण जिले की आंगनबाड़ी सेविका और सहायिकाएं 23 जुलाई को एक दिन के लिए आंगनबाड़ी केंद्र बंद रखेंगी. इस संबंध में बिहार राज्य आंगनबाड़ी कर्मचारी यूनियन की जिला इकाई ने जिलाधिकारी को पत्र देकर एकदिवसीय बंद की सूचना दी है.

यूनियन का कहना है कि सेविका-सहायिकाओं की लंबित समस्याओं का समाधान नहीं होने के कारण यह कदम उठाया जा रहा है.

बाजार दर के अनुसार पोषाहार राशि बढ़ाने की मांग

जिला अध्यक्ष ममता कुमारी सिंह ने कहा कि वर्तमान में मिलने वाली पोषाहार राशि बाजार मूल्य के अनुरूप नहीं है, जिससे लाभार्थियों के लिए पोषाहार उपलब्ध कराने में कठिनाई होती है.

यूनियन ने मांग की है कि पोषाहार मद की राशि वर्तमान बाजार दर के अनुसार तय की जाए.

पांच महीने से लंबित मानदेय भुगतान का मुद्दा

यूनियन ने पत्र में बताया कि पांच माह से मानदेय का भुगतान लंबित है. इसे जल्द जारी करने की मांग की गई है.

इसके अलावा अप्रैल से चल रहे आधार सीडिंग कार्य को तेजी से पूरा कराने और फेस कैप्चर में आ रही तकनीकी समस्याओं के समाधान की भी मांग उठाई गई है.

निजी मोबाइल से काम करने में आ रही परेशानी

यूनियन का कहना है कि अधिकांश सेविकाओं के पास सरकारी मोबाइल उपलब्ध नहीं है. ऐसे में उन्हें निजी मोबाइल से फेस कैप्चर करना पड़ रहा है, जिससे कई तरह की तकनीकी दिक्कतें सामने आ रही हैं.

इस समस्या के स्थायी समाधान की भी मांग की गई है.

पोषाहार नहीं मिला, फिर भी फेस कैप्चर का दबाव

यूनियन ने आरोप लगाया कि जून महीने का पोषाहार उपलब्ध नहीं कराया गया, जबकि जुलाई में राशि जारी की गई. इसके बावजूद लाभार्थियों का फेस कैप्चर कराने का दबाव बनाया गया.

पत्र में कहा गया है कि पोषाहार नहीं मिलने के बावजूद फेस कैप्चर होने का संदेश लाभार्थियों के मोबाइल पर पहुंचा, जिसके बाद कई जगह सेविकाओं को लोगों के विरोध और अभद्र व्यवहार का सामना करना पड़ा.

मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन होगा तेज

यूनियन ने प्रशासन से सभी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई करने की मांग की है. साथ ही चेतावनी दी है कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा.


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सामंत कुमार गौतम

लेखक के बारे में

By सामंत कुमार गौतम

सामंत वर्ष 2013 से यानी पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. वाणिज्य (बी.कॉम) और कानून (एलएलबी) स्नातक सामंत को समाचार संकलन, संपादन, कंप्यूटर तकनीक और समाचार प्रबंधन का व्यापक अनुभव है. ये पत्रकारिता के साथ-साथ समाचारों के तकनीकी व प्रबंधकीय कार्यों में विशेष रुचि रखते हैं.

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