Madhubani: सदर अस्पताल के औचक निरीक्षण में खुली व्यवस्था की पोल, कई डॉक्टर-कर्मी मिले गायब

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सदर अस्पताल का निरीक्षण करते सिविल सर्जन डॉ हरेंद्र कुमार | Prabhat Khabar Network

मधुबनी सदर अस्पताल में सिविल सर्जन डॉ हरेंद्र कुमार के अचानक निरीक्षण से स्वास्थ्य सुविधाओं की पोल खुल गई. चाइल्ड ओपीडी से लेकर इमरजेंसी यूनिट तक कई चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी अनुपस्थित पाए गए, जिससे व्यवस्था में गंभीर खामियां सामने आईं.

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Madhubani News: सदर अस्पताल मधुबनी में स्वास्थ्य सुविधाओं की हकीकत जानने के लिए सिविल सर्जन डॉ हरेंद्र कुमार ने शुक्रवार को औचक निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान अस्पताल की व्यवस्था में कई खामियां सामने आयीं. चाइल्ड ओपीडी से लेकर इमरजेंसी यूनिट तक कई चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी ड्यूटी से अनुपस्थित मिले. निरीक्षण के बाद लापरवाह चिकित्सकों और कर्मियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है.

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चाइल्ड ओपीडी से लेकर प्रसव कक्ष तक मिली लापरवाही

निरीक्षण के दौरान चाइल्ड ओपीडी में कोई चिकित्सक और स्टाफ मौजूद नहीं मिला. सर्जिकल ओपीडी, डेंटल ओपीडी, टीबी ओपीडी, अल्ट्रासाउंड सेंटर और प्रसव कक्ष में भी महिला चिकित्सक अनुपस्थित मिलीं. प्रसव कक्ष में सिर्फ एक जीएनएम मौजूद थी.

प्रसव कक्ष के नोटिस बोर्ड पर 27 अगस्त 2026 की पुरानी ड्यूटी तालिका लगी मिली. इसे देखकर सिविल सर्जन ने नाराजगी जतायी और अस्पताल प्रबंधन को आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया.

वाइटल जांच काउंटर पर मौजूद जीएनएम ने बताया कि डेटा ऑपरेटर जय प्रकाश भी ड्यूटी पर नहीं हैं. वहीं ओपीडी में लगा आरओ सिस्टम भी बंद मिला. इस पर सीएस ने अस्पताल प्रबंधन से तत्काल स्पष्टीकरण प्रतिवेदन मांगा.

ब्लड सेपरेशन मशीन लगाने का निर्देश

सिविल सर्जन ने अस्पताल के ब्लड बैंक में जल्द से जल्द ब्लड सेपरेशन मशीन लगाने का निर्देश अस्पताल प्रबंधक को दिया. दवा भंडार के निरीक्षण में फार्मासिस्ट ने बताया कि फिलहाल करीब 200 प्रकार की आवश्यक दवाएं उपलब्ध हैं. सीएस ने मरीजों को दवा की कमी नहीं होने देने के लिए जरूरी दवाओं का इंडेंट तत्काल भेजने का निर्देश दिया.

इमरजेंसी वार्ड की सफाई व्यवस्था पर भी सीएस ने नाराजगी जतायी. उन्होंने पर्याप्त मात्रा में फिनाइल का इस्तेमाल कर नियमित और बेहतर सफाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.

मरीजों से लिया अस्पताल की सुविधाओं का फीडबैक

निरीक्षण के दौरान सिविल सर्जन ने अस्पताल में भर्ती मरीजों से भी बातचीत कर सुविधाओं का फीडबैक लिया. मरीजों ने अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं को सामान्य तौर पर बेहतर बताया. हालांकि, एक मरीज ने चिकित्सकों की नियमित उपलब्धता पर सवाल उठाते हुए कहा कि डॉक्टर कभी आते हैं तो कभी नहीं आते हैं.

जीविका दीदी की रसोई के निरीक्षण के दौरान सीएस ने मरीजों को दाल की गुणवत्ता और मात्रा बेहतर देने का निर्देश दिया. उपाधीक्षक को वार्डों में चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों का नियमित राउंड सुनिश्चित करने को कहा गया.

ऑपरेशन का चिकित्सकवार प्रतिवेदन देने का निर्देश

सिविल सर्जन ने अस्पताल प्रबंधक को डॉक्टरों द्वारा किए गए सभी ऑपरेशन का चिकित्सकवार प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया. उन्होंने अस्पताल की स्वच्छता, दवाओं की उपलब्धता और मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतने को कहा.

सिविल सर्जन डॉ हरेंद्र कुमार ने कहा कि सदर अस्पताल की व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. ड्यूटी से अनुपस्थित मिले चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों से तत्काल स्पष्टीकरण मांगा गया है. संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर संबंधित के खिलाफ विभागीय एवं अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी. जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा.

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