मधुबनी में मानसून के दौरान लेप्टोस्पायरोसिस बीमारी की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

Author Anil kunar jha|Edited by Sumit Kumar
Updated:
विज्ञापन

फोटो परिचय सिविल सर्जन डॉ हरेंद्र कुमार

मधुबनी जिले में मानसून को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग लेप्टोस्पायरोसिस बीमारी के फैलाव को रोकने के लिए पूरी तरह तैयार है. संक्रमित चूहे और दूषित पानी से फैलने वाली इस बीमारी से बचाव के लिए विशेष निर्देश जारी किए गए हैं.

विज्ञापन

Leptospirosis Alert: मधुबनी जिले में मानसून के मौसम के दौरान लेप्टोस्पायरोसिस बीमारी की रोकथाम, नियंत्रण और व्यापक जन-जागरूकता फैलाने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से अलर्ट मोड में आ गया है. यह खतरनाक बीमारी लेप्टोस्पायरा नामक जीवाणु के कारण फैलती है, जो मुख्य रूप से संक्रमित चूहों और अन्य कृंतकों के मूत्र से दूषित हुए पानी या मिट्टी के संपर्क में आने से इंसानों में फैलती है. जिले में संभावित बाढ़ और जलजमाव की स्थिति को देखते हुए सभी चिकित्सा पदाधिकारियों और स्वास्थ्य कर्मियों को विशेष निर्देश दिए गए हैं.

आपके शहर में

विज्ञापन

Monsoon Health Advisory: रैपिड रिस्पांस टीम का गठन और त्वरित निगरानी

जिला सर्विलांस यूनिट और रैपिड रिस्पांस टीम को किसी भी संभावित प्रकोप या संदिग्ध मामले की तुरंत जांच और नियंत्रण कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार रखा गया है. सभी संदिग्ध या पुष्ट मामलों की समयबद्ध रिपोर्टिंग इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम के माध्यम से की जा रही है. जलजमाव और दूषित पानी की गंभीर समस्या से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग विभिन्न नगर निकायों और पंचायती राज संस्थाओं के साथ मिलकर काम कर रहा है, ताकि चूहों की आबादी पर प्रभावी नियंत्रण और स्वच्छता सुनिश्चित की जा सके.

आम लोगों के लिए स्वास्थ्य विभाग की जरूरी सलाह

स्वास्थ्य विभाग ने बाढ़ और जलजमाव से प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले आम लोगों को सलाह दी है कि वे दूषित और ठहरे हुए पानी के सीधे संपर्क में आने से बचें. यदि पानी के बीच काम करना आवश्यक हो, तो हाथों में दस्ताने और पैरों में गमबूट का उपयोग जरूर करें. शरीर में तेज बुखार, बदन दर्द या अन्य कोई लक्षण दिखाई देते ही तुरंत अपने नजदीकी सरकारी अस्पताल में डॉक्टर से संपर्क करें.

अस्पतालों को हाई अलर्ट पर रखने का निर्देश

सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार ने बताया कि स्वास्थ्य निदेशालय के निर्देशानुसार जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, अनुमंडलीय अस्पतालों और जिला अस्पताल को हाई अलर्ट पर रखा गया है. सभी चिकित्सा अधिकारियों को बुखार, सिरदर्द, कमजोरी, मतली और उल्टी जैसे लक्षणों वाले मरीजों की लेप्टोस्पायरोसिस के एंगल से तुरंत जांच और समुचित इलाज सुनिश्चित करने का सख्त निर्देश दिया गया है.

यह भी पढ़ें... खाना पहुंचाकर लौट रही नाबालिग का अपहरण

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन