सड़क पर गोबर, कचरा या बालू-गिट्टी रखने पर लगेगा जुर्माना, ₹300 से ₹5000 तक की होगी वसूली
सड़क पर गोबर | Prabhat Khabar Network
झंझारपुर नगर परिषद अब सड़कों पर गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ सख्त होने जा रही है. गोबर, बालू-गिट्टी, कचरा और यहां तक कि बायोमेडिकल कचरा फेंकने पर ₹300 से ₹5000 तक का जुर्माना लगाया जाएगा. यह कार्रवाई शहर को स्वच्छ बनाने के उद्देश्य से की जा रही है.
झंझारपुर: शहर की सड़कों पर गंदगी फैलाने वालों पर अब नगर परिषद सख्ती करने जा रही है. सड़क पर गोबर का ढेर लगाने से लेकर बालू-गिट्टी, ईंट-पत्थर और कचरा रखने वालों से जुर्माना वसूला जाएगा. अलग-अलग तरह की गंदगी के लिए अलग-अलग जुर्माना तय किया गया है.
नगर परिषद के स्वच्छता पदाधिकारी दीपक कुमार ने बताया कि स्वच्छ शहर के लिए लोगों का सहयोग जरूरी है. गंदगी से बीमारियां फैलती हैं. लोगों को लगातार जागरूक किया जा रहा है. पहले चेतावनी दी जाएगी और इसके बाद भी नियम नहीं मानने पर जुर्माना लगाया जाएगा. कार्रवाई के लिए वीडियोग्राफी, मोबाइल ऐप और सीसीटीवी की मदद ली जाएगी.
कचरा फेंकने पर 300 से 700 रुपये तक जुर्माना
सड़क पर सामान्य रूप से कचरा फेंकने पर 300 रुपये जुर्माना लगेगा. होटल या सार्वजनिक स्थान पर गंदगी फैलाने वाले व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर 700 रुपये जुर्माना तय किया गया है.
मिठाई और फास्ट फूड की दुकानों पर डस्टबिन नहीं रखने तथा कचरा सड़क पर फेंकने पर 200 रुपये जुर्माना वसूला जाएगा.
ईंट-बालू रखने से लेकर गोबर जमा करने पर भी कार्रवाई
सार्वजनिक जगह पर ईंट, पत्थर, बालू, गिट्टी या लोहा रखने पर 500 से 1500 रुपये तक जुर्माना लगेगा. खुले में मुर्गे के पंख या अंडे के खोल फेंकने पर 1000 रुपये जुर्माना तय किया गया है.
सड़क पर गोबर जमा करने वालों से भी 1000 रुपये जुर्माना वसूला जाएगा. इससे सड़क पर गंदगी फैलाने और आवागमन में परेशानी पैदा करने वालों पर नगर परिषद की कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है.
बायोमेडिकल कचरे पर सबसे ज्यादा सख्ती
नगर परिषद ने बायोमेडिकल कचरे को लेकर भी सख्त प्रावधान किया है. स्वास्थ्य संस्थानों द्वारा सड़क या सार्वजनिक स्थान पर बायोमेडिकल कचरा फेंकने पर 1000 रुपये जुर्माना लगेगा.
सामान्य कचरे में बायोमेडिकल कचरा मिलाने पर 5000 रुपये जुर्माना तय किया गया है. वहीं, खुले में कचरा जलाने पर भी 5000 रुपये जुर्माना वसूला जाएगा.
जुर्माना वसूलना नहीं, शहर को स्वच्छ रखना उद्देश्य
स्वच्छता पदाधिकारी दीपक कुमार ने कहा कि जुर्माना वसूलना नगर परिषद का उद्देश्य नहीं है, बल्कि लोगों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता लाना है. जुर्माने के प्रावधान से लोगों में जिम्मेदारी की भावना बढ़ेगी और शहर को साफ रखने में मदद मिलेगी.
नगर परिषद अब जागरूकता के साथ नियमों का उल्लंघन करने वालों पर निगरानी और कार्रवाई की तैयारी में है. इसके लिए वीडियोग्राफी, मोबाइल ऐप और सीसीटीवी का इस्तेमाल किया जाएगा.
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