Madhubani: दो क्लीनिक बंद, 10-10 हजार जुर्माना, मां दुर्गा अस्पताल सील करने का आदेश

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प्रतीकात्मक तस्वीर

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मधुबनी में जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने मानकों का उल्लंघन करने वाले अवैध चिकित्सा केंद्रों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है. घोघरडीहा के दो क्लीनिकों को तत्काल बंद करने और 10-10 हजार रुपये का जुर्माना लगाने का आदेश दिया गया है. वहीं, झंझारपुर के मां दुर्गा अस्पताल को भी सील करने का निर्देश जारी हुआ है.

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मधुबनी: जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने अवैध रूप से चल रहे फर्जी और मानक के अनुरूप नहीं संचालित चिकित्सा केंद्रों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है. इसी क्रम में सिविल सर्जन ने घोघरडीहा प्रखंड के ब्रह्मपुरा स्थित ग्रामीण आरोग्य हेल्थ केयर और नंदनगर चौक, तमुरिया स्थित आयुर्वेद स्वास्थ्य संस्थान को तत्काल प्रभाव से बंद करने का आदेश जारी किया है. मानक के अनुरूप नहीं पाए जाने पर दोनों क्लीनिक पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है.

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दूसरी ओर, झंझारपुर स्थित बिना मानक संचालित मां दुर्गा अस्पताल को सील करने का निर्देश प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, झंझारपुर को दिया गया है.

जांच में बिना रजिस्ट्रेशन चल रहे थे क्लीनिक

मिली जानकारी के अनुसार, जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी और अनुमंडलीय अस्पताल फुलपरास के प्रभारी उपाधीक्षक ने क्लीनिकों का औचक निरीक्षण किया था. जांच प्रतिवेदन में सामने आया कि दोनों क्लीनिक संचालकों द्वारा नैदानिक स्थापन नियमावली 2013 के नियमों का उल्लंघन किया जा रहा था.

जांच में क्लीनिकों के पास वैध निबंधन नहीं पाया गया. साथ ही वे न्यूनतम स्वास्थ्य मानकों को भी पूरा नहीं कर रहे थे.

10-10 हजार रुपये का अर्थदंड

बिहार स्वास्थ्य विभाग की अधिसूचना संख्या 655 (18) के आलोक में सिविल सर्जन कार्यालय ने क्लीनिक संचालकों को प्रथम अतिलंघन का दोषी माना है. कार्रवाई के तहत दोनों संचालकों पर 10-10 हजार रुपये का नकद जुर्माना लगाया गया है.

दोनों केंद्रों को तत्काल प्रभाव से बंद करने का आदेश भी जारी किया गया है.

मां दुर्गा अस्पताल को सील करने का निर्देश

झंझारपुर स्थित मां दुर्गा अस्पताल के खिलाफ भी स्वास्थ्य विभाग ने सख्त कार्रवाई की है. सिविल सर्जन कार्यालय की ओर से अस्पताल को तत्काल प्रभाव से सील करने का आदेश जारी किया गया है.

जांच रिपोर्ट के अनुसार, नर्सिंग होम का संचालन निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं किया जा रहा था. अस्पताल का इंफ्रास्ट्रक्चर एवं उपलब्ध सुविधाएं चिकित्सा विभाग के तय मानकों के अनुरूप नहीं पायी गयीं. जांच दल ने अपनी रिपोर्ट में अस्पताल को तत्काल बंद करने की सिफारिश की थी.

निजी क्लीनिक संचालकों में मचा हड़कंप

स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई के बाद झंझारपुर और आसपास के इलाकों में बिना निबंधन और बिना योग्य डॉक्टरों के संचालित निजी क्लीनिक एवं नर्सिंग होम संचालकों के बीच हड़कंप मच गया है.

फर्जी क्लीनिकों को नहीं बख्शने की चेतावनी

सिविल सर्जन हरेंद्र कुमार ने कहा कि जिले में आम लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी फर्जी क्लीनिक या नर्सिंग होम को बख्शा नहीं जाएगा.

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