सामान निगरानी के नाम पर लाखों हुए खर्च

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मधुबनी : जिले में सरकारी विभागों का क्रिया कलाप भी अद्भूत ही है. कुछ विभाग ऐसे हैं जो सामान रखवाली के नाम पर उतनी राशि खर्च कर चुका है जितना उस सामान की कीमत भी नहीं. यह बात और है कि उस विभाग द्वारा विगत 15 साल में लोगों के हित में सरकार के निर्देश […]

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मधुबनी : जिले में सरकारी विभागों का क्रिया कलाप भी अद्भूत ही है. कुछ विभाग ऐसे हैं जो सामान रखवाली के नाम पर उतनी राशि खर्च कर चुका है जितना उस सामान की कीमत भी नहीं.

यह बात और है कि उस विभाग द्वारा विगत 15 साल में लोगों के हित में सरकार के निर्देश के तहत भले ही एक भी काम न किये गये हों, लेकिन इन खराब हो चुके सामान की रखवाली के लिए नियमित रूप से राशि खर्च किये जा रहे हैं.
यह मामला नलकूप विभाग का है. जो अपने जर्जर हो चुके सामनों की रखवाली में कई कोताही नहीं
बरत रहा.
1989 से रखा है सामान
विभाग से मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 1989 में जिले में स्टेट बोरिंग लगाने के लिए लोहे का पाइप, पंपिंग सेट एवं अन्य सामान मंगाया गया. सभी सामान को स्टेडियम रोड मार्ग स्थित खादी भंडार के परिसर में रखा गया.
पर वर्ष 2001 के बाद जिले में बोरिंग लगाने का काम पूरी तरह बंद हो गया . पर उस वक्त इस गोदाम में रखे सामान की रख रखाव की न तो कोई व्यवस्था की गयी और न ही इसे विभाग को वापस किया गया और ना ही इसकी निलामी की प्रक्रिया ही की गयी. स्थित आज यह है कि इन सामानों की स्थिति कबाड़े की बन कर रह गयी है.
कई सामान हो गये खराब
परिसर में खुले रूप से सामान रखने के कारण सामान पूरी तरह खराब हो गया है. जंगल में सामान रखे रहने के कारण हर सामान तो नजर नहीं आ रही पर एक ट्रक, कई बड़े पंपिंग सेट के खराब रूप,
सैकड़ों बोरिंग का पाइप व अन्य सामान है. इन सामान की कीमत कभी लाखों में रही होगी, लेकिन अब इसकी कीमत हजारों में भी हो जाये तो गनीमत है.
लाखों हुए खर्च
साल दर साल काम बंद हो गया, परिसर में रखा सामान खराब हो गया. पर इसकी निगरानी पंद्रह साल पूर्व की तरह ही आज भी हो रही है.
आज भी इसकी निगरानी के लिये चौकीदार तैनात है. जिसे प्रतिमाह 23 हजार रुपये भुगतान किये जा रहे हैं. विगत पंद्रह साल से ये कर्मी यहां पर प्रतिनियुक्त है. ऐसे में इसकी सुरक्षा के लिए लाखों रुपये खर्च हो गये. यदि हर माह 23 हजार रुपये की दर से हिसाब जोड़ा जाय तो 41 लाख 40 हजार रुपये खर्च हो गये.
क्या कहते हैं अधिकारी
कार्यपालक अभियंता अनिरूद्ध प्रसाद ने बताया कि जिस कर्मी को जिस पद पर पदस्थापित किया गया है उससे वही काम लिया जायेगा.
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