डेढ़ माह बाद भी नहीं निकली निविदा, सफाई व्यवस्था बदहाल

Updated:
विज्ञापन

मधुबनी :एक ओर सरकार द्वारा स्वच्छता अभियान चलाकर लोगों को साफ सफाई के प्रति जागरूक किया जा रहा है. वहीं शहर में पिछले कई दिनों से सफाई व्यवस्था चरमरायी हुई है. सफाई के अभाव में जगह-जगह गंदगी का ढेर लगे हुए हैं. दरअसल, पिछले जून माह में शहर में सफाई का कार्य कर रहे एनजीओ […]

विज्ञापन

मधुबनी :एक ओर सरकार द्वारा स्वच्छता अभियान चलाकर लोगों को साफ सफाई के प्रति जागरूक किया जा रहा है. वहीं शहर में पिछले कई दिनों से सफाई व्यवस्था चरमरायी हुई है. सफाई के अभाव में जगह-जगह गंदगी का ढेर लगे हुए हैं. दरअसल, पिछले जून माह में शहर में सफाई का कार्य कर रहे एनजीओ का कार्यकाल समाप्त हो गया था. सशक्त स्थायी समिति की बैठक में निर्णय लिया गया कि जब तक निविदा के बाद नया एकरारनामा नहीं हो जाता तब तक वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर कार्य करेंगे.

आपके शहर में

विज्ञापन
करीब डेढ माह के बाद भी निविदा का प्रकाशन नहीं हुआ है. अब तक वैक्लपिक व्यवस्था के तौर पर सरस्वती आर्ट एंड कल्चर सेंटर नामक एनजीओ ही कर रहे हैं. गौरतलब हो कि सरस्वती आर्ट एंड कल्चर की सफाई व्यवस्था को लेकर नप के कार्यपालक पदाधिकारी आशुतोष आनंद चौधरी ने स्पष्टीकरण पूछा है. जबकि डीएम शीर्षत कपिल अशोक ने जून माह में एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया था.
सफाई पर 30 लाख खर्च: शहर में सफाई में प्रतिमाह करीब 20 लाख रुपये से अधिक खर्च हो रहे हैं. पर सफाई व्यवस्था चरमरायी रहती है. शहर में सफाई के 31 वार्ड बने है. जिसमें से 26 वार्ड की सफाई का कार्य एनजीओ के जिम्मे है. जबकि 5 वार्डों की सफाई नगर परिषद के स्थायी सफाई कर्मी करते है. एनीओ को 26 वार्ड के लिए 13 लाख 50 हजार रुपया प्रति माह भुगतान होता है. जबकि स्थायी सफाई कर्मी पर 15 लाख रुपये वेतन के रूप में दिया जाता है.
विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन