बाल श्रम उन्मूलन के लिए अधीक्षक ने की कार्रवाई, तीन बाल श्रमिक हुए विमुक्त

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बाल श्रम उन्मूलन अधिनियम के तहत 14 साल से कम उम्र के बच्चों से काम कराना कानूनन अपराध है.

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मधेपुरा जिले के सिंहेश्वर बाजार में बाल श्रम उन्मूलन अधिनियम के तहत तीन दुकानों में श्रम अधीक्षक के मार्गनिर्देशन में विभिन्न श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, लोक भारती सेवा आश्रम और स्थानीय पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में गठित धावा दल के द्वारा छापा मारकर तीन बाल श्रमिकों को विमुक्त कराया गया है. विमुक्त कराये गये बाल श्रमिकों को बाल कल्याण समिति मधेपुरा में उपस्थापन करवा कर संरक्षित करवाये गये हैं. धावादल में शामिल श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी सिंहेश्वर स्वेता कुमारी, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी गम्हरिया अनिश राज, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी उदा किशुनगंज सागर कुमार तथा लोक भारती सेवा आश्रम के जिला समन्वयक विकास कुमार सिंह ने सिंहेश्वर बाजार के एक एक कपड़े दूकान, बर्तन की दूकान और किराना दुकान से कुल तीन बाल श्रमिक को विमुक्त कराया गया है. धावादल का नेतृत्व करते हुए जिला श्रम अधीक्षक कुमार रमण सिंह ने कहा कि बाल श्रम उन्मूलन अधिनियम के तहत 14 साल से कम उम्र के बच्चों से काम कराना कानूनन अपराध है. विभाग की ओर से कई बार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं. फिर भी बच्चों से काम लिया जाता है जो दण्डनीय अपराध है. लगातार लोक भारती सेवा आश्रम की ओर से जिले में ट्रेकिंग किया जाता रहा है.

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डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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