निजी जमीन पर है सड़क, चौड़ीकरण को लेकर ठेकेदार देता है धमकी

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निजी जमीन पर है सड़क, चौड़ीकरण को लेकर ठेकेदार देता है धमकी

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प्रतिनिधि, सिंहेश्वर

प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत जजहट सबैला पंचायत के भेलवा के ग्रामीणों ने सड़क निर्माण कर रहे संवेदक के खिलाफ अंचलाधिकारी व जिला पदाधिकारी को आवेदन देकर न्याय की गुहार लगायी है. ग्रामीणों ने कहा कि नारियल विकास बोर्ड से लेकर मजरहट सीमा सुखासन तक ग्रामीणों की निजी जमीन है. उक्त जमीन पर वर्षों से लोग चलते आ रहे हैं. इसलिए पूर्व में इस पर सड़क बना दिया गया था. सड़क धीरे- धीरे बढ़ती आबादी के अनुसार बड़ा होता गया और ग्रामीणों की जमीन कम होते चली गयी. इसके बावजूद बेहतर यातायात के लिए ग्रामीणों ने सरकार को स्वेच्छा से जमीन उपलब्ध करा दिया, लेकिन इन दिनों उक्त सड़क के चौड़ीकरण को लेकर लगातार संवेदक द्वारा सड़क के दोनों ओर चार- चार फीट और खाली करने को कहा जा रहा है. नहीं खाली करने पर कार्रवाई की धमकी दी जा रही है.

सिंहेश्वर से सुखासन के लिए अलग है रास्ता

ग्रामीण शेख नसीम, मो असीम, मो फिरोज, मो अफरोज, मो मुन्ना आदि ने कहा कि सिंहेश्वर के नारियल विकास बोर्ड से लेकर सहरसा जिले के पछगछिया तक जाने के लिए सड़क है, जो रोड नंबर 54 के नाम से जाना जाता है, जो बिहार सरकार की जमीन है, लेकिन वर्षों से उस सड़क पर निर्माण कार्य न करके आम लोगों के निजी जमीन पर सड़क बना दिया गया. पहले भी विरोध किया गया था और अब भी इसका विरोध किया जा रहा है, लेकिन सरकार इस और कोई ध्यान नहीं दे रहा है.

अब तक नहीं मिला मुआवजा

भेलवा के ग्रामीण मो सलाउद्दीन, मो नसीम, मो हलीम, मो कौशल, मो सद्दाम आदि ने कहा कि पूर्व में निजी जमीन के बदले मुआवजा के नाम पर सड़क का निर्माण कर दिया, लेकिन आज तक मुआवजा नहीं मिला है. लोगों ने जिस जमीन पर सड़क बनी है वे जमीन हाल सर्वे, खतियानी जमीन है, जो उनके पूर्वजों के नाम से जमाबंदी कायम है. संवेदक द्वारा लगातार सरकार के द्वारा मुआवजा देने की बात कहकर शेष जमीन को खाली करवाया जा रहा है.

मजदूर तबके के हैं सभी

संवेदक जिन लोगों पर जमीन खाली कराने का दबाव बना रहे हैं वे सभी मजदूर वर्ग के है. जिन्हें संवेदक के द्वारा बात नहीं माने जाने पर जेल भेज देने की धमकी दी जा रही है. ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि ग्रामीण विकास विभाग के संवेदक पर कार्रवाई करते हुए जमीन की मापी करवायी जाय. कहा कि ग्रामीणों के द्वारा पूर्व में दिये गये 10 से 12 फीट के जमीन का मुआवजा आज तक नहीं मिला. ग्रामीण ने कहा कि जिन लोगों ने पक्का मकान बना रखा है. उनलोगों पर संवेदक या ठेकेदार द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है.

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आवेदन मिला है. लेकिन अभी एक भी सरकारी अमीन नहीं रहने के कारण परेशानी हो रही है.

नवीन कुमार सिंह, अंचलाधिकारी, सिंहेश्वर

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निजी जमीन पर सड़क बनाना गलत है. इसके लिए भूमि अधिग्रहण किया जाता है. जानकारी मिली है. जांच की जायेगी.

संतोष कुमार,अनुमंडल पदाधिकारी, मधेपुरा

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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