पुस्तकालय बिना शोध संभव नहीं, इंटरनेट आज के समय की जरूरत

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पुस्तकालय बिना शोध संभव नहीं, इंटरनेट आज के समय की जरूरत

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मधेपुरा. भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग में आयोजित छह दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला के दूसरे दिन मंगलवार दो अकादमी सत्रों का संचालन किया गया. पहले सत्र में विषय विशेषज्ञ के रूप में बीएनएमयू के जंतु विज्ञान विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो नरेंद्र श्रीवास्तव ने व्यवस्थित समीक्षा साहित्य पर व्याख्यान दिया. प्रो नरेंद्र श्रीवास्तव ने शोध छात्र-छात्राओं को क्रमबद्ध तरीके से साहित्य की समीक्षा (लिटरेचर रिव्यु) करने का तरीका सिखाया. शोधार्थियों को स्पष्ट होना है आवश्यक- प्रो नरेंद्र ने साहित्य हासिल करने के दो श्रोत को मुख्य रूप से बताया. उन्होंने कहा कि जहां पुस्तकालय के बिना शोध संभव नहीं है, वहीं इंटरनेट आज के समय की जरूरत बन गयी है. किसी भी विषय के साहित्य को तलाशने के लिए कीवर्ड की जरूरत होती है और इसके लिए शोधार्थियों को स्पष्ट होना आवश्यक है. उन्होंने साहित्य विश्लेषण के तरीकों की जानकारी दी. माइक्रो सॉफ्टवेयर के साथ गूगल प्वाइंट का भी करें उपयोग- दूसरे सत्र में बीएनएमयू के भौतिकी विभाग के असिस्टेंट प्रो डॉ आशीम राय ने पॉवर पॉइंट के द्वारा शोध प्रस्तुतीकरण पर विचार रखते हुए भाग ले रहे शोधार्थियों को प्रशिक्षित किया. उन्होंने पॉवर पॉइंट स्लाइड्स कैसे बनाया जाये व उसे सुंदर ढंग से कैसे प्रस्तुत करेंगे, पर ऑनलाइन सॉफ्टवेयर की सहायता से प्रशिक्षण दिया. उन्होंने शोधार्थियों को माइक्रो सॉफ्टवेयर के उपयोग के साथ गूगल प्वाइंट को भी उपयोग में लाने की सलाह दी. सेमिनार के तीसरे दिन मगध विश्वविद्यालय बोधगया की मनोविज्ञान विभाग की विभागध्यक्ष प्रो मीनाक्षी व बीएनएमयू के आईक्यूएसी निदेशक प्रो नरेश कुमार व बीएनएमयू के मनोविज्ञान विभाग के विभागध्यक्ष प्रो एमआइ रहमान व्यखान देंगे.

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