मीरगंज आरओबी निर्माण की रफ्तार पर सवाल, वैकल्पिक मार्ग क्षतिग्रस्त होने से बढ़ी परेशानी

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डायवर्सन के बीच के हिस्से पानी में बह जाने के कारण मरमती का काम शुरू

मीरगंज में रेल उपरिगामी सेतु निर्माण की धीमी गति से स्थानीय लोग नाराज हैं। दुर्गापूजा के दौरान आवागमन बाधित होने की आशंका से लोगों में भारी चिंता है।

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मधेपुरा. मीरगंज में राष्ट्रीय राजमार्ग-231 पर रेल उपरिगामी सेतु निर्माण को लेकर अब निर्माण कंपनी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं. सेतु निर्माण के लिए लिया गया बड़ा अवरोध 30 सितंबर को समाप्त होने वाला है, लेकिन निर्माण कार्य की मौजूदा रफ्तार को देखते हुए स्थानीय लोगों को तय समय-सीमा के भीतर काम पूरा होने पर संदेह है. मुख्य मार्ग पर आवागमन बाधित होने के बीच वैकल्पिक रास्ते की स्थिति ने भी लोगों की परेशानी बढ़ा दी है.

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बैंगा नदी पर बनाया गया वैकल्पिक मार्ग बारिश में क्षतिग्रस्त

सेतु निर्माण के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग-231 पर आवागमन बाधित होने के बाद रतनपट्टी होकर बैंगा नदी पर वैकल्पिक मार्ग बनाया गया था. शनिवार रात हुई बारिश के बाद नदी का जलस्तर बढ़ गया. पानी के तेज बहाव के कारण वैकल्पिक मार्ग का बीच का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया. इससे करीब 24 घंटे तक इस रास्ते पर आवागमन पूरी तरह बाधित रहा.

सुरक्षा के लिए ग्रामीणों ने बंद किया रास्ता

वैकल्पिक मार्ग क्षतिग्रस्त होने के बाद सुरक्षा को देखते हुए स्थानीय लोगों ने रास्ते के दोनों ओर बांस-बल्ला लगाकर आवागमन बंद कर दिया. लोगों का कहना है कि पानी के तेज बहाव के बीच क्षतिग्रस्त हिस्से से गुजरना जोखिम भरा था. इससे राहगीरों और वाहन चालकों के सामने अतिरिक्त परेशानी खड़ी हो गयी.

डायवर्सन के बीच के हिस्से पानी में बह जाने के कारण मरमती का काम शुरू दूसरी तस्वीर आर ओ बी निर्माण के धीमी गति से चलने की तस्वीर | Prabhat Khabar Network
आरओबी निर्माण के धीमी गति | Prabhat Khabar Network

संवेदक ने पहुंचकर शुरू करायी मरम्मत

रविवार दोपहर निर्माण कार्य के संवेदक मौके पर पहुंचे और वैकल्पिक मार्ग की मरम्मत का काम शुरू कराया. पानी की निकासी के लिए कंक्रीट के पाइप लगाए जा रहे हैं. मरम्मत के बाद रास्ते से आवागमन बहाल होने की उम्मीद है. हालांकि, बारिश के बाद वैकल्पिक मार्ग के क्षतिग्रस्त होने की घटना ने इसकी मजबूती और निर्माण से पहले की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

पर्व-त्योहार में बढ़ेगी चुनौती

स्थानीय लोगों की सबसे बड़ी चिंता आने वाली दुर्गापूजा और दशहरा को लेकर है. पर्व-त्योहार के दौरान मुरलीगंज, मधेपुरा और आसपास के क्षेत्रों में वाहनों तथा यात्रियों की आवाजाही काफी बढ़ जाती है. ऐसे समय में यदि सेतु निर्माण के कारण मुख्य मार्ग बाधित रहा और वैकल्पिक मार्ग भी पर्याप्त मजबूत नहीं रहा तो लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है.

30 सितंबर की समय-सीमा को लेकर संशय

स्थानीय लोगों का कहना है कि बड़े अवरोध की अवधि समाप्त होने में अब अधिक समय नहीं बचा है. निर्माण कार्य की मौजूदा रफ्तार को देखते हुए तय समय-सीमा के भीतर सेतु का निर्माण पूरा होना मुश्किल दिखाई दे रहा है. लोगों ने संबंधित विभाग और निर्माण कंपनी से काम में तेजी लाने की मांग की है.

मजबूत वैकल्पिक मार्ग के साथ जल्द पूरा हो निर्माण

स्थानीय लोगों ने मांग की है कि सेतु निर्माण में तेजी लाने के साथ वैकल्पिक मार्ग को भी मजबूत और सुरक्षित बनाया जाए. लोगों का कहना है कि जब तक मुख्य मार्ग पर निर्माण कार्य पूरा नहीं होता, तब तक वैकल्पिक रास्ते की मजबूती और सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना जरूरी है. लोगों ने 30 सितंबर को बड़े अवरोध की अवधि समाप्त होने से पहले सेतु निर्माण पूरा करने की मांग की है.

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