प्रतिबंध के बावजूद सड़कों पर दौड़ रहीं जुगाड़ गाड़ियां, बढ़ रहा हादसों का खतरा और बिगड़ रही यातायात व्यवस्था

Author Aman Kumar|Edited by Amit Kr Sinha
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सड़क पर जा रही जुगाड गाड़ी. | Prabhat Khabar Network

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Jugaad Vehicle : प्रतिबंध के बावजूद, जिले में जुगाड़ गाड़ियों का संचालन फिर से बढ़ गया है, जिससे सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. ये वाहन सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करते हुए नियमों को धता बता रहे हैं.

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Jugaad Vehicle : कुछ समय पहले जिला प्रशासन और परिवहन विभाग ने जुगाड़ गाड़ियों के संचालन पर सख्ती के निर्देश जारी किए थे. अभियान चलाकर कई वाहनों को जब्त भी किया गया था, लेकिन कार्रवाई धीरे-धीरे ठंडी पड़ गई. अब स्थिति यह है कि शहर के मुख्य मार्गों, बाजारों और ग्रामीण सड़कों पर ये वाहन बिना किसी रोक-टोक के चलते दिखाई दे रहे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासनिक निगरानी कमजोर होने से इनका संचालन फिर बढ़ गया है.

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सुरक्षा मानकों से कोसों दूर हैं ये वाहन

जुगाड़ गाड़ियां पुराने इंजन, ट्रैक्टर के पुर्जों या मोटरसाइकिल के इंजन से तैयार की जाती हैं. इनमें न तो पंजीकरण होता है, न बीमा और न ही आवश्यक सुरक्षा उपकरण. अधिकांश वाहनों में ब्रेक, लाइट, इंडिकेटर और अन्य सुरक्षा सुविधाएं भी मानकों के अनुरूप नहीं होतीं. कई वाहन क्षमता से अधिक भार लेकर चलते हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका और बढ़ जाती है.

हादसों और जाम की बढ़ रही समस्या

स्थानीय लोगों का कहना है कि हाल के दिनों में कई छोटे-बड़े सड़क हादसों में जुगाड़ गाड़ियों की भूमिका सामने आई है. ये वाहन अक्सर धीमी गति से चलते हैं और बीच सड़क पर रुक जाने से जाम की स्थिति बन जाती है. बाजार क्षेत्रों में हर दिन बड़ी संख्या में ऐसे वाहन पहुंचने से यातायात प्रभावित होता है और राहगीरों को परेशानी झेलनी पड़ती है.

रोजी-रोटी की मजबूरी भी है कारण

ग्रामीण क्षेत्रों में कई किसान और छोटे व्यापारी आर्थिक तंगी के कारण कम लागत में जुगाड़ गाड़ियां बनाकर खेतों से बाजार तक सामान ढोने का काम करते हैं. कुछ लोग इन्हें सवारी वाहन के रूप में भी इस्तेमाल करते हैं. हालांकि यह उनकी आजीविका का साधन है, लेकिन कानून के अनुसार ऐसे वाहनों का संचालन पूरी तरह अवैध है और इससे आम लोगों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा बना रहता है.

सख्त कार्रवाई की उठ रही मांग

लोगों का कहना है कि सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन को दोबारा व्यापक अभियान चलाकर अवैध जुगाड़ गाड़ियों पर प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए. साथ ही ऐसे लोगों के लिए वैकल्पिक और सुरक्षित परिवहन व्यवस्था पर भी विचार किया जाना चाहिए, ताकि कानून का पालन होने के साथ उनकी आजीविका भी प्रभावित न हो.


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