नाटक मनुष्य के जीवंत स्वरूप का करती है प्रदर्शन

Updated:
विज्ञापन

नाटक मनुष्य के जीवंत स्वरूप का करती है प्रदर्शन

विज्ञापन

आपके शहर में

विज्ञापन

प्रतिनिधि, मधेपुरा

भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित तरंग प्रतियोगिता के अंतर्गत अंतर महाविद्यालय नाट्य प्रतियोगिता में पार्वती विज्ञान महाविद्यालय मधेपुरा ने एकांकी नाट्य विधा में भाग लिया, जहां छात्र-छात्राओं ने तृतीय स्थान प्राप्त किया. यह प्रतियोगिता रमेश झा महिला महाविद्यालय सहरसा में आयोजित की गयी थी. जिसके बाद सफल प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र व प्रतीक चिह्न देखकर सम्मानित किया गया. महाविद्यालय से टीम लीटर बनकर बीएड विभाग के शिक्षक महेश मिश्र गये हुए थे, जबकि नाटक का निर्देशन संगीत व नाट्यशास्त्र में मास्टर डिग्री प्राप्त सुनीत साना ने किया था. नाटक में कृष्ण कुमार, श्रेया कुमारी, मनीषा कुमारी, प्रीति राज, प्रगति राज, नीतेश कुमार, दिलखुश कुमार, पायल कुमारी, सपना कुमारी, सोनम कुमारी, पूजा कुमारी, रियांशी प्रिया ने अभिनय किया. जिसके बाद महाविद्यालय प्राचार्य प्रो अशोक कुमार ने सभी सफल प्रतिभागियों को मिठाई खिलाकर उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए भविष्य में और भी बेहतर करने की शुभकामना दी. उन्होंने कहा कि कहा कि नाटक मनुष्य के जीवंत स्वरूप का प्रदर्शन करती है. वह सबों के अंदर सहयोग की भावना को बढ़ाती है. नाटक हाव-भाव के द्वारा प्रदर्शित करने वाली एक ऐसी सृजनात्मक कला है, जो मनुष्य के व्यक्तित्व का विकास करती है

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन