औद्योगिक हब बनेगा मधेपुरा

Published at :01 Jan 2017 3:24 AM (IST)
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औद्योगिक हब बनेगा मधेपुरा

खुशखबरी. जिले में रेल इंजन कारखाने का हो रहा निर्माण बहुराष्ट्रीय एबीबी (स्वीटजरलैंड) और शेवरले ट्रांसपोर्ट (फ्रांस) ने फैक्टरी लगाने की दी है स्वीकृति, जबकि नौटेल (कनाडा) से वार्ता जारी है. मधेपुरा : मधेपुरा सभी प्रकार के संसाधनों से भरपूर और शांतिप्रिय जगह है, जहां कोई भी उद्योग सफलता से स्थापित कर संचालित किया जा […]

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खुशखबरी. जिले में रेल इंजन कारखाने का हो रहा निर्माण

बहुराष्ट्रीय एबीबी (स्वीटजरलैंड) और शेवरले ट्रांसपोर्ट (फ्रांस) ने फैक्टरी लगाने की दी है स्वीकृति, जबकि नौटेल (कनाडा) से वार्ता जारी है.
मधेपुरा : मधेपुरा सभी प्रकार के संसाधनों से भरपूर और शांतिप्रिय जगह है, जहां कोई भी उद्योग सफलता से स्थापित कर संचालित किया जा सकता है. यहां निवेश करने वाले निवेशक हर हाल में फायदे में रहेंगे. फ्रांस की कंपनी अल्सटॉम यहां रेल इंजन कारखाना का निर्माण कर रही है. आने वाले समय में मधेपुरा न केवल औद्योगिक हब बनेगा बल्कि यहां हर तरह के उद्योग लगेंगे. राज्य सरकार के साथ-साथ जिला प्रशासन निवेशकों को विश्व स्तर के संसाधन यहां मुहैया कराने जा रही है.
मधेपुरा में आयोजित ‘इंवेस्टर्स मीट’ में देश की नामचीन कंपनियों के प्रतिनिधियों का पदार्पण हो चुका है. निवेशकों को मधेपुरा में उपलब्ध संसाधनों की जानकारी देते हुए बिहार की नयी औद्योगिक नीति के बारे में बताया गया. इस ‘इंवेस्टर्स मीट’ में देश और विदेश के 23 कंपनियों के प्रतिनिधि पहुंचे थे. जिसमें बहुराष्ट्रीय एबीबी (स्वीटजरलैंड)
और शेवरले ट्रांसपोर्ट (फ्रांस) ने फैक्टरी लगाने की स्वीकृति दी है, जबकि नौटेल (कनाडा) से वार्ता जारी है. इसके अतिरिक्त 4-5 अन्य फैक्टरी से भी बात चल रही है. मधेपुरा में जितनी बिजली की खपत होती है उससे कहीं ज्यादा आपूर्ति रेल विद्युत इंजन कारखाना को जायेगी. कारखाना को मशीन व इंजन टेस्टिंग के लिए कुल 13.5 मेगावाट बिजली की जरूरत पड़ेगी. सीएम नीतीश कुमार ने 15 मेगावाट अतिरिक्त बिजली देने की बात कही है.
कच्चे माल की बहुतायत
इस इलाके में जूट बहुतायत में उपलब्ध है. यहां का मक्का विदेशों में निर्यात किया जाता है. वृहत स्तर पर केले की खेती की जाती है. इसके अलावा धान, मूंग, गेहूं की खेती भी काफी होती है. गन्ना भी यहां बड़े पैमाने पर उगाया जाता है. कच्चा माल काफी सस्ते दर पर उपलब्ध है.
बिजली भी है भरपूर : मधेपुरा में केवल 30 से 35 मेगावाट बिजली की जरूरत है लेकिन यहां 163.5 मेगावाट विद्युत आपूर्ति होती है. यहां बिहार के उन तीन जिलों में से एक है जहां शतप्रतिशत घरों में बिजली है. यहां सामान्यतया ग्रामीण इलाकों में भी 20 से 22 घंटे विद्युत आपूर्ति होती है. औद्योगिक क्षेत्र में यह 24 घंटे उपलब्ध होगी.
मधेपुरा में ग्रीन फील्ड विद्युत रेल इंजन कारखाना निर्माण का कार्य शुरू होते ही शहर के चहुमुंखी विकास का द्वारा खुल गया है. यह रेल कारखाना मधेपुरा के लिए मील का पत्थर साबित होगा. इससे हजारों लोगों के हाथों को रोजगार के अवसर मिलेंगे. साथ ही शहर में लाखों का निवेश होगा. मधेपुरा में बीस हजार करोड़ की लागत से रेल विद्युत इंजन कारखाने का निर्माण होगा. मधेपुरा में बनने वाले विद्युत रेल इंजन कारखाना के निर्माण की जिम्मेदारी फ्रांस की सबसे बड़ी ट्रांसपोर्ट कंपनी ऑल्सटॉम को दी गयी है. ये परियोजनाएं पूरी तरीके से एफडीआइ (प्रत्यक्ष विदेशी निवेश) पर आधारित है. यह प्रधानमंत्री की मेक इन इंडिया की अब तक की सबसे बड़ी सफलता मानी जा रही है.
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