बुनबुना टाल में मकई फसल पर चोर गिरोह की निगाहें
Author Prabhat khabar digital desk
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मेदनीचौकी : क्षेत्र के ग्राम झपानी के किसानों की बुनबुना टाल स्थित खेत में लगी मक्के की फसल पर चोर गिरोह निशाना बनाये हुए हैं. अबतक एक दर्जन से अधिक किसानों की तकरीबन बीस बीघे में लगी मक्के की हरी फसल को चोरों ने काटकर बर्बाद कर दिया है. जानकारी के अनुसार झपानी ग्राम के […]
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मेदनीचौकी : क्षेत्र के ग्राम झपानी के किसानों की बुनबुना टाल स्थित खेत में लगी मक्के की फसल पर चोर गिरोह निशाना बनाये हुए हैं. अबतक एक दर्जन से अधिक किसानों की तकरीबन बीस बीघे में लगी मक्के की हरी फसल को चोरों ने काटकर बर्बाद कर दिया है. जानकारी के अनुसार झपानी ग्राम के अधिक किसान बुनबुना टाल में मक्के की खेती करते हैं.
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इन दिनों मक्का की फसल में बाली निकल आयी है, जिससे एक तरफ किसान अच्छी फसल की उम्मीद पाले हुए हैं, तो वहीं दूसरी ओर क्षेत्र में हरी फसल की चोरी करने वाले चोर गिरोह काफी सक्रिय हैं, जोकि हरी फसल को चोरी से काट कर किसानों को काफी नुकसान पहुंचा रहे हैं.
झपानी ग्राम के किसान बीजो रजक, शशि साव, नेवल महतो, गणेश महतो, जगदेव महतो, बद्रीनाथ महतो, शंकर महतो, ओपेंद्र महतो, ललन रजक सहित एक दर्जन से अधिक किसानों के खेत में लगी मक्के की फसल में जहां बालियां निकल आयी है, वहीं भुट्टे में दाना अभी आना बाकी है और चोर मक्के के पेड़ के ऊपर की भाग काटकर अपने-अपने मवेशी को खिला देते है.
किसानों की मानें तो, मक्के के पेड़ का छिप कट जाने से, भुट्टे में आने वाले दाना का विकास रुक जाता है और आये दाना में नमी कम हो जाती है, जिससे दाना चुटक जाते हैं, और अच्छी उपज में भारी कमी देखने को मिलती है, ऐसे में किसानों का बहुत बड़ा नुकसान हो जाता है.
चोर गिरोह का आतंक छिपकर काटने तक ही नहीं खत्म होता है, भुट्टा समेत पूरा पेड़ भी काट लेते हैं. ऐसी स्थित में सबसे ज्यादा वो गरीब किसान दुखी होते हैं, जो खेत पट्टे पर 12,15 हजार रुपये देकर नकदी खेती करते हैं, उन किसानों को उनके द्वारा खेत में लगी लागत भी नहीं ऊपर हो पाता है.
झपानी ग्रामवासी पोषण सदा बताते हैं कि पूर्व में उक्त टाल के लिए सुरक्षा समिति का भी गठन हुआ था, लेकिन कुछ वर्ष ही चले, क्योंकि चोर का आतंक इतना था कि जिस किसी को भी, टाल सुरक्षा समिति द्वारा खेतों की रखवाली के लिए रखा जाता था, उन्हें ही चोर गिरोह द्वारा बुरी तरह पीटा जाता था.
जिससे भयभीत होकर कोई भी खेतों की रखवाली लेने से मना कर देते थे और नतीजन वर्तमान में सुरक्षा समिति का गठन होना ही समाप्त हो गया. सूत्रों की मानें तो झपानी, किरणपुर, खावा सहित आसपास के गांव के हर खास जाति पशुपालक द्वारा किसानों की फसल की चोरी की जाती है.
एक तरफ जहां किसान मेहनत और पैसे खर्च कर अच्छी फसल उगाते हैं, वहीं दूसरी ओर क्षेत्र के पशुपालन, किसानों की फसल काटकर भैंस को खिला देते हैं. उक्त आशय की शिकायत पीड़ित किसान द्वारा स्थानीय थाना में भी किया गया.
बावजूद इस पर पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है, जिससे किसानों में आक्रोश पनप रहा है. ऐसे में किसान, चोर गिरोह की पहचान कर, इसके विरुद्ध स्वयं कार्रवाई करने का मन बना रहे हैं. पुलिस की अकर्मण्यता से गांव में कभी भी कोई अशुभ घटना हो सकती है.
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