लखीसराय में सजी काव्य संध्या, कवियों ने कविता और ग़ज़लों से समाज, राजनीति व देश के मुद्दों पर रखे विचार

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कवि सम्मेलन में उपस्थित कवि. | Prabhat Khabar Network

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Lakhisarai Kavi Goshti : लखीसराय में आयोजित भव्य कवि गोष्ठी में जिले के साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक विषयों पर बेबाक अभिव्यक्ति दी. कार्यक्रम में कवियों ने समाज, राजनीति, महंगाई जैसे मुद्दों पर अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं.

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Lakhisarai Kavi Goshti : जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन, लखीसराय के तत्वावधान में रविवार को प्रभात चौक स्थित एक होटल के सभागार में भव्य कवि गोष्ठी का आयोजन किया गया. जिले के कवियों और साहित्यकारों ने अपनी कविताओं और ग़ज़लों के माध्यम से सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक विषयों पर बेबाक अभिव्यक्ति दी. कार्यक्रम के अंत में संगठन के नए पदाधिकारियों का भी सर्वसम्मति से मनोनयन किया गया.

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कविताओं में झलके समाज और देश के समसामयिक मुद्दे

कवि गोष्ठी की अध्यक्षता जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन के जिलाध्यक्ष अरविंद कुमार भारती ने की, जबकि संचालन उपाध्यक्ष देवेंद्र सिंह आजाद ने किया. कार्यक्रम में उपस्थित कवियों ने समाज, राजनीति, महंगाई, किसान, रिश्तों और देश की बदलती परिस्थितियों को अपनी रचनाओं के माध्यम से प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया. साहित्य प्रेमियों ने सभी रचनाकारों की प्रस्तुति का तालियों से स्वागत किया.

कवियों की प्रस्तुतियों ने बटोरी खूब सराहना

कवि बलजीत कुमार ने 'मतलबी दुनिया है, पैसा है तो सबकुछ है' और सुबोध कुमार ने 'रुपया गिर गया रे विश्व बैंक के बाजार में' शीर्षक से कविता सुनाकर खूब वाहवाही बटोरी. वहीं कवि मुंद्रिका सिंह ने 'मोदी जी तुझे सलाम, तूने दुनिया को दिखा दिया है भारत की शान' कविता प्रस्तुत की. राज कुमार, गुलशन कुमार सिंह, भोला पंडित, वार्ड कमिश्नर सुनील कुमार और राजेश्वरी प्रसाद सिंह ने भी अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया.

ग़ज़लों और व्यंग्य कविताओं से सजा साहित्यिक मंच

युवा कवि सौरव कुमार ने 'क्या कहता है दशांश', सचिव जीवन पासवान ने 'आप मेरी खुशी ले लीजिए और अपना गम मुझे दे दीजिए', दशरथ महतो ने 'सोने वाले जाग जाइए', उपेंद्र कुमार ने ग़ज़ल और देवेंद्र सिंह आजाद ने व्यंग्य रचना 'कहो छप्पन इंची, सरेंडर क्या हाल है' का पाठ किया. अध्यक्ष अरविंद कुमार भारती ने 'अपना हृदय के साफ करहो, छोटका के गलती माफ करहो' सुनाकर गोष्ठी को यादगार बना दिया.

सम्मेलन में नए पदाधिकारियों का हुआ मनोनयन

कार्यक्रम के समापन पर सर्वसम्मति से साहित्यकार सत्येंद्र अरुण को जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन का संरक्षक तथा कवि मुंद्रिका सिंह को कार्यकारी अध्यक्ष मनोनीत किया गया. धन्यवाद ज्ञापन राजेश्वरी प्रसाद सिंह ने किया. कार्यक्रम में जिले के साहित्यकारों और साहित्य प्रेमियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही.


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