पिपरिया दियारा में तेज हुआ रेस्क्यू अभियान: 15 नावों से बांटी जा रही राहत सामग्री, अंधेरे से निपटने के लिए चौराहों पर लगे जनरेटर

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पिपरिया में राहत सामग्री का वितरण करते कर्मी

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पिपरिया दियारा क्षेत्र में बाढ़ से हजारों लोग परेशान हैं. प्रशासन ने राहत कार्यों में तेजी लाते हुए 15 नावों से सामग्री वितरण शुरू किया है. अंधेरे से निपटने के लिए चौराहों पर जनरेटर लगाए गए हैं.

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गंगा और सहायक नदियों के पानी के स्तर में ठहराव आया है और हल्की कमी भी हुई है, लेकिन लखीसराय जिले के पिपरिया दियारा क्षेत्र में बाढ़ पीड़ितों की मुसीबतें अब भी कम नहीं हुई हैं. निचले इलाकों और गांवों में अब भी पानी जमा रहने से हजारों लोग बेघर और परेशान हैं. सोचिए, एक पूरा परिवार, जिसने सालों तक मेहनत कर अपना घर बनाया था, आज बेघर हो गया है. ऐसे कई परिवार हैं जिनके सिर से छत छिन गई है और उनके बच्चे, बूढ़े सब खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं. इन लोगों की हालत देखकर दिल पसीज जाता है. पीड़ितों के संकट को देखते हुए जिला व अंचल प्रशासन द्वारा राहत एवं बचाव अभियान में तेजी लाई गई है.

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प्रभावित परिवारों को भूख से बचाने के लिए सामुदायिक रसोई (कम्युनिटी किचन) के संचालन के साथ- साथ मवेशियों के लिए चारा और खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर लोगों के बीच तिरपाल का बड़े पैमाने पर वितरण शुरू कर दिया गया है.

पथुआ और मुरवरिया पुल पर सामुदायिक किचन, गर्म भोजन की व्यवस्था

प्रभारी अंचलाधिकारी सह राजस्व अधिकारी जैनुल आबेदीन ने बताया कि प्रभावित ग्रामीणों को समय पर भोजन उपलब्ध कराने के लिए तीन प्रमुख स्थानों पर सामुदायिक रसोई शुरू कर दी गई है.

इसके तहत पथुआ गांव में दो अलग-अलग स्थलों पर और आवागमन के मुख्य बिंदु मुरवरिया पुल पर भोजनालय चालू किया गया है, जहां पीड़ितों को गुणवत्तापूर्ण गर्म भोजन कराया जा रहा है.

पिपरिया में राहत सामग्री वितरित करते हुए कर्मी और सामुदायिक किचन का संचालन

3000 परिवारों को मिली तिरपाल, मवेशियों को दिया गया चारा

अंचल प्रशासन के अनुसार अब तक 3000 बाढ़ पीड़ित परिवारों के बीच अस्थायी आशियाने के लिए तिरपाल बांटी जा चुकी है. बाढ़ के पानी में चारे की गंभीर समस्या को देखते हुए मंगलवार को पथुआ और सूरजीचक में पशुपालकों के बीच मुफ्त सूखा चारा (भूसा) वितरित किया गया, जिससे मवेशियों की भूख मिटाई जा सके.

प्रभारी सीओ ने बताया कि सूखा राशन का पर्याप्त स्टॉक प्रखंड मुख्यालय पहुंच चुका है और बुधवार से सभी चिह्नित परिवारों के बीच पैकेटों का वितरण शुरू कर दिया जाएगा. इन राहत पैकेटों के वितरण के साथ ही, अब प्रशासन बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बिजली की वैकल्पिक व्यवस्था और बचाव कार्य पर भी ध्यान दे रहा है.

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बिजली की वैकल्पिक व्यवस्था और बचाव कार्य

दियारा क्षेत्र में बाढ़ के कारण बिजली के खंभे डूबने और सुरक्षा कारणों से विद्युत आपूर्ति पूरी तरह ठप पड़ी हुई है. इस समस्या को दूर करने और रात के समय अंधेरे से निपटने के लिए प्रशासन ने महत्वपूर्ण सुमन चौक एवं बलीपुर चौक पर बड़े जनरेटर स्थापित कर रोशनी की व्यवस्था की है.

आवागमन और फंसे हुए ग्रामीणों को निकालने के लिए वर्तमान में दो सरकारी और 13 निजी नावों का परिचालन युद्धस्तर पर कराया जा रहा है. प्रशासन दो अन्य निजी नावों के निबंधन की प्रक्रिया पूरी कर रहा है, ताकि राहत सामग्री पहुंचाने में कोई बाधा न आए.

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