मोकामा-मुंगेर ग्रीनफील्ड सड़क पर लखीसराय में किसानों का मोर्चा: DPR और नक्शा सार्वजनिक करने की मांग; बिना सहमति काम रोकने का अल्टीमेटम

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फोटो -अपनी मांगों को लेकर बैठक करते किसान | Prabhat Khabar Network

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मोकामा-मुंगेर ग्रीनफील्ड सड़क परियोजना के लिए किसानों ने उचित मुआवजे और पारदर्शिता की मांग की है। बिना सहमति भूमि अधिग्रहण का विरोध करने का संकल्प लिया।

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लखीसराय, बड़हिया. प्रस्तावित मोकामा-मुंगेर ग्रीनफील्ड सड़क निर्माण को लेकर किसानों ने अपनी मांगों को लेकर मोर्चा खोल दिया है. रविवार को बड़हिया में प्रगतिशील किसान मंच की बैठक आयोजित की गयी. बैठक की अध्यक्षता किसान नेता राम स्वार्थ सिंह ने की. इस दौरान प्रस्तावित ग्रीनफील्ड सड़क परियोजना के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गयी.

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भू-स्वामियों के हितों की अनदेखी नहीं करने की मांग

बैठक में किसानों ने कहा कि सड़क परियोजना विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, लेकिन इसके लिए भूमि अधिग्रहण के दौरान भू-स्वामियों के हितों की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए. किसानों ने कहा कि परियोजना से प्रभावित होने वाले लोगों को पहले से पूरी जानकारी उपलब्ध कराना जरूरी है, ताकि उन्हें अपनी जमीन और प्रस्तावित सड़क के एलाइनमेंट की स्पष्ट जानकारी मिल सके.

प्राक्कलन, डीपीआर और भू-अर्जन का नक्शा सार्वजनिक करने की मांग

प्रगतिशील किसान मंच ने सर्वसम्मति से मांग की कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू करने से पहले सरकार और संबंधित विभाग पूरी पारदर्शिता बरतें. किसानों ने प्रस्तावित सड़क का प्राक्कलन, डीपीआर और भू-अर्जन से संबंधित नक्शा सार्वजनिक करने की मांग की.

किसानों का कहना है कि इन दस्तावेजों के सार्वजनिक होने से प्रभावित भू-स्वामियों को यह स्पष्ट हो सकेगा कि परियोजना में उनकी कितनी जमीन जा रही है और सड़क का वास्तविक एलाइनमेंट किस दिशा में प्रस्तावित है.

भू-स्वामियों की सहमति के बिना कार्रवाई नहीं करने का प्रस्ताव

बैठक में किसानों ने प्रस्ताव पारित कर कहा कि भू-स्वामियों की सहमति और उनकी आपत्तियों पर विचार किए बिना किसी तरह की कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए. किसानों की समस्याओं और आपत्तियों को प्राथमिकता के आधार पर सुनने की मांग भी की गयी.

बाजार दर के अनुसार उचित मुआवजे की मांग

किसानों ने भूमि अधिग्रहण के बदले उचित मुआवजा देने की मांग को भी प्रमुखता से उठाया. उनका कहना है कि जमीन का मूल्य निर्धारण वास्तविक बाजार दर को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए. किसानों ने मुआवजा निर्धारण की प्रक्रिया को पारदर्शी रखने और प्रभावित भू-स्वामियों के हितों को इसमें शामिल करने की मांग की.

संबंधित विभाग को आवेदन देने का निर्णय

बैठक में किसानों ने अपनी मांगों को लेकर संबंधित विभाग को आवेदन देने का निर्णय लिया. किसानों ने कहा कि परियोजना को लेकर उनकी आपत्तियों और मांगों पर विभाग स्तर से स्पष्ट जानकारी उपलब्ध करायी जानी चाहिए.

एकजुट होकर अधिकारों की लड़ाई जारी रखने का संकल्प

बैठक के अंत में प्रगतिशील किसान मंच से जुड़े किसानों ने एकजुट होकर अपने अधिकारों की लड़ाई जारी रखने का संकल्प लिया. किसानों ने कहा कि विकास परियोजना का वे विरोध नहीं कर रहे हैं, लेकिन भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में पारदर्शिता, उचित मुआवजा और भू-स्वामियों के हितों का संरक्षण सुनिश्चित किया जाना चाहिए.

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