डॉक्टर छुट्टी पर, मरीज परेशान! सूर्यगढ़ा अस्पताल में बंध्याकरण को लेकर मचा हंगामा

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फोटो - संघ द्वारा सिविल सर्जन लखीसराय को भेजा गया पत्र | Prabhat Khabar Network

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सूर्यगढ़ा सीएचसी में डॉक्टर की अनुपस्थिति के कारण 18 लाभार्थी बंध्याकरण ऑपरेशन से वंचित रह गए. आशा कार्यकर्ताओं ने व्यवस्था में सुधार की मांग की है.

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सूर्यगढ़ा (लखीसराय). सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सूर्यगढ़ा में निर्धारित तिथि पर बंध्याकरण ऑपरेशन के लिए पहुंचे 18 लाभार्थियों को ऑपरेशन नहीं होने के कारण वापस लौटाए जाने का मामला सामने आया है. इसे लेकर बिहार राज्य राजपत्रित कर्मचारी महासंघ सेवांजलि से संबद्ध बिहार राज्य आशा कार्यकर्ता संघ (सेवांजलि), लखीसराय जिला शाखा ने मंगलवार, 22 सितंबर को सिविल सर्जन-सह-सदस्य सचिव, जिला स्वास्थ्य समिति को पत्र भेजा.

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निबंधन के बाद 18 लाभार्थियों को लौटाए जाने का आरोप

संघ के जिला संरक्षक नागेश्वर यादव ने पत्र में कहा है कि निर्धारित तिथि पर बंध्याकरण ऑपरेशन के लिए लाभार्थियों का निबंधन किया गया था. इसके बावजूद 18 लाभार्थियों को यह कहकर वापस कर दिया गया कि चिकित्सा पदाधिकारी की ओर से केवल 10 लाभार्थियों का ही बंध्याकरण ऑपरेशन किया जाएगा. संघ का कहना है कि लाभार्थी पहले से निर्धारित तिथि पर अस्पताल पहुंचे थे. ऐसे में ऑपरेशन नहीं होने के कारण उन्हें दोबारा अस्पताल आने की स्थिति उत्पन्न हो सकती है.

24 पंचायत और नगर परिषद क्षेत्र के मरीज आते हैं सीएचसी

संघ के अनुसार सूर्यगढ़ा प्रखंड की 24 ग्राम पंचायतें और सूर्यगढ़ा नगर परिषद क्षेत्र सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत आते हैं. दूरदराज के ग्रामीण इलाकों से लाभार्थी बंध्याकरण ऑपरेशन के लिए अस्पताल पहुंचते हैं. संघ ने पत्र में कहा है कि अस्पताल में शल्य चिकित्सा पदाधिकारी के पदस्थापित नहीं रहने के कारण लाभार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. निर्धारित तिथि पर अस्पताल पहुंचने के बाद वापस लौटने से लाभार्थियों के साथ-साथ आशा कार्यकर्ताओं को भी परेशानी होती है.

आशा कार्यकर्ताओं को भी झेलना पड़ता है लाभार्थियों का आक्रोश

आशा संघ का कहना है कि लाभार्थियों को ऑपरेशन के लिए अस्पताल लाने और पूरी प्रक्रिया में सहयोग करने के बाद जब उनका ऑपरेशन नहीं होता है तो आशा कार्यकर्ताओं को भी उनके आक्रोश का सामना करना पड़ता है. संघ ने इस व्यवस्था में सुधार की मांग करते हुए कहा है कि लाभार्थियों को पहले से स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराई जानी चाहिए, ताकि उन्हें अनावश्यक रूप से अस्पताल तक आने में परेशानी न हो.

कार्य बहिष्कार और आंदोलन की चेतावनी

संघ ने सिविल सर्जन को भेजे पत्र में मामले में आवश्यक कार्रवाई की मांग की है. साथ ही चेतावनी दी है कि यदि अस्पताल प्रशासन का रवैया इसी तरह जारी रहा तो संघ को बाध्य होकर कार्य बहिष्कार और आंदोलन का निर्णय लेना पड़ेगा.

चार माह की छुट्टी पर हैं पदस्थापित सर्जन

इस मामले में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सूर्यगढ़ा के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. राजीव कुमार ने बताया कि सीएचसी में पदस्थापित सर्जन चिकित्सक डॉ. सीमा भारती चार माह की छुट्टी पर चली गई हैं. उन्होंने बताया कि उनकी अनुपस्थिति में जिला से सर्जन चिकित्सक को भेजा जा रहा है. जिला से आने वाली सर्जन चिकित्सक एक दिन में अधिकतम 10 बंध्याकरण ऑपरेशन कर रही हैं. इसी वजह से कुछ लाभार्थियों को बिना ऑपरेशन कराए वापस लौटना पड़ा.

क्षमता के अनुरूप हो रहे ऑपरेशन, व्यवस्था बढ़ाने की जरूरत

अस्पताल प्रबंधन के अनुसार पदस्थापित सर्जन के अवकाश पर रहने के कारण फिलहाल जिला से आने वाली सर्जन के माध्यम से ऑपरेशन कराया जा रहा है. वहीं आशा संघ ने लाभार्थियों की संख्या और क्षेत्र की जरूरत को देखते हुए सर्जिकल सुविधा बढ़ाने तथा व्यवस्था को बेहतर करने की मांग की है.

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