चेकिंग अभियान में 11 हिरासत में

Published at :03 Dec 2015 6:38 PM (IST)
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चेकिंग अभियान में 11 हिरासत में

चेकिंग अभियान में 11 हिरासत मेंलखीसराय. पूर्व मध्य रेलवे के दानापुर डिवीजन के किऊल स्टेशन पर गुरुवार को विभिन्न ट्रेनों व प्लेटफॉर्म पर बिना टिकट यात्रा करने वालों के विरुद्ध चेकिंग अभियान चलाया गया. इस दौरान 11 यात्रियों को बिना टिकट यात्रा करने के जुर्म में गिरफ्तार किया गया. इससे बाद में जुर्माना की राशि […]

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चेकिंग अभियान में 11 हिरासत मेंलखीसराय. पूर्व मध्य रेलवे के दानापुर डिवीजन के किऊल स्टेशन पर गुरुवार को विभिन्न ट्रेनों व प्लेटफॉर्म पर बिना टिकट यात्रा करने वालों के विरुद्ध चेकिंग अभियान चलाया गया. इस दौरान 11 यात्रियों को बिना टिकट यात्रा करने के जुर्म में गिरफ्तार किया गया. इससे बाद में जुर्माना की राशि वसूल कर मुक्त किया गया. जुर्माना राशि नहीं अदा करनेवाले रेल यात्रियों को जेल भेज दिया जायेगा. रेलवे किऊल सीआइटी महेंद्र चौधरी ने बताया कि अप व डाउन प्लेटफॉर्म पर साहेबगंज इंटरसिटी एक्सप्रेस, पाटलिपुत्रा एक्सप्रेस, इएमयू, मिथिला एक्सप्रेस, ब्रह्मपुत्र मेल आदि ट्रेनों में बिना टिकट यात्रा करने वालों से जुर्माना की राशि वसूल की गयी.धान की उचित कीमत के अलावे प्रोत्साहन देने की मांग लखीसराय. धान की उपज करने में किसानों को जितना परिश्रम व पूंजी लग जाती है. उसके अनुसार दाम नहीं मिलने के कारण धान के बेहतर उपज के बावजूद भी किसानों में मायूसी है. वहीं अब तक पैक्स के द्वारा धान की खरीद शुरू नहीं होने से परेशान हैं. पैक्स अध्यक्ष रामाकांत यादव से मिली जानकारी के अनुसार सरकार द्वारा सूखे धान की खरीद का भाव प्रति क्विंटल निर्धारित राशि के अलावा प्रोत्साहन राशि का जानकारी नहीं दी जा रही है. जानकारी के अनुसार धान की उपज के शुरू से अंत तक के लागत खर्च पर गौर किया जाय तो पैक्स द्वारा निर्धारित की गयी धान का मूल्य लागत मूल्य के अपेक्षा सही नहीं है. हलसी निवासी किसान दिनेश सिंह, ललन सिंह, विजय सिंह, मुकेश कुमार, राजो यादव, बाजार निवासी धीरज सिंह, श्रीराम सिंह आदि ने बताया कि एक बीघे धान में सामान्य उपज 10 क्विंटल की जाती है व्यापारियों द्वारा खरीद 13 सौ 50 रुपये प्रति क्विंटल की जाती है ऐसे में 10 क्विंटल का दाम 12 हजार रुपये व उपज में होने वाली कुल खर्च नौ हजार रुपये आती है. किसान कहते हैं कि एक बीघे खेत में किसान की मेहनत मजदूरी, प्रकृति प्रकोप से धान के बिचड़े सूखना, गलना व धान के पौधे को कभी अनावृष्टि तो कभी अतिवृष्टि का सामना कुल मिला कर धान की खेती में मुनाफे की उम्मीद नहीं की जा सकती. उन्होंने पैक्स द्वारा आसान प्रक्रिया से खरीद व धान का सही मूल्य निर्धारित के अलावे 300 रुपये प्रोत्साहन देने की मांग की. जिससे किसानों उचित मजदूरी के अलावे मेहनताना भी मिल सके.

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