सीमांचल को मिला पहला सरस्वती विद्या मंदिर सैनिक स्कूल, मोतीबाग में नए शैक्षणिक सत्र का शुभारंभ

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मोतीबाग स्थित सरस्वती विद्या मंदिर सैनिक स्कूल के उद्घाटन समारोह में दीप प्रज्वलित करते मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल.

सीमांचल के शैक्षिक परिदृश्य में ऐतिहासिक दिन, सरस्वती विद्या मंदिर सैनिक स्कूल का शुभारंभ हुआ. बिहार सरकार के मंत्री ने उद्घाटन कर शिक्षा के साथ संस्कार और राष्ट्रभक्ति पर जोर दिया. यह संस्थान स्थानीय विद्यार्थियों के लिए नए अवसर खोलेगा.

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किशनगंज से गौरव कुमार की रिपोर्ट

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किशनगंज : सीमांचल के शैक्षिक परिदृश्य में मंगलवार का दिन ऐतिहासिक बन गया, जब शहर के मोतीबाग स्थित सरस्वती विद्या मंदिर सैनिक स्कूल के प्रथम शैक्षणिक सत्र का विधिवत शुभारंभ किया गया. बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने वैदिक मंत्रोच्चार और दीप प्रज्वलन के साथ विद्यालय का उद्घाटन किया. इस अवसर पर शिक्षाविद्, जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, अभिभावक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे.


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शिक्षा के साथ संस्कार और राष्ट्रभक्ति पर दिया जोर

उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत उसके शिक्षित, अनुशासित और संस्कारवान युवा होते हैं. उन्होंने कहा कि सैनिक शिक्षा विद्यार्थियों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास, समयपालन और राष्ट्रसेवा की भावना विकसित करती है. सीमांचल जैसे सीमावर्ती क्षेत्र में इस प्रकार के संस्थान की शुरुआत क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि है.

स्थानीय विद्यार्थियों को मिलेगा नया अवसर

मंत्री ने कहा कि अब तक सीमांचल के विद्यार्थियों को सैनिक शिक्षा और प्रतियोगी माहौल के लिए राज्य के अन्य शहरों का रुख करना पड़ता था. अब स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अनुशासित वातावरण उपलब्ध होने से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को भी बेहतर अवसर मिलेंगे.

भारतीय संस्कृति और आधुनिक शिक्षा का होगा समन्वय

विद्यालय प्रबंधन के अनुसार संस्थान में आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति, नैतिक शिक्षा, चरित्र निर्माण, योग, शारीरिक शिक्षा, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति को विशेष महत्व दिया जाएगा. साथ ही विद्यार्थियों को नेतृत्व विकास और रक्षा सेवाओं से संबंधित प्रतियोगी परीक्षाओं के अनुरूप प्रशिक्षण देने की भी व्यवस्था की जाएगी.

रक्षा सेवाओं के लिए तैयार होंगे विद्यार्थी

सैनिक स्कूल के रूप में शुरू हुए इस संस्थान का उद्देश्य विद्यार्थियों को नियमित शैक्षणिक अध्ययन के साथ शारीरिक दक्षता, व्यक्तित्व विकास और अनुशासित जीवनशैली के लिए तैयार करना है. इससे भविष्य में छात्र राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA), सेना, अर्द्धसैनिक बलों तथा अन्य प्रतिष्ठित सेवाओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे.

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