न्यू फरक्का के पास रेलवे ट्रैक के नीचे धंसी जमीन, अप लाइन पर रात 1:20 से रेल परिचालन ठप

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रेल AI Image

न्यू फरक्का जंक्शन के पास रेलवे ट्रैक के नीचे की जमीन धंसने से उत्तर बंगाल और पूर्वोत्तर भारत का रेल संपर्क बुरी तरह प्रभावित हुआ है. भारी बारिश के कारण अप लाइन पर रात 1:20 बजे से परिचालन पूरी तरह रोक दिया गया है. हजारों यात्री प्रभावित हैं क्योंकि कई प्रमुख ट्रेनों को रद्द, डायवर्ट या घंटों की देरी से चलाया जा रहा है.

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पूर्व रेलवे के अंतर्गत न्यू फरक्का जंक्शन (NFK) के समीप रेलवे ट्रैक के नीचे की जमीन अचानक धंस जाने से उत्तर बंगाल और पूर्वोत्तर भारत को जोड़ने वाली मुख्य रेल लाइन पर परिचालन गंभीर रूप से बाधित हो गया है. रेलवे के आधिकारिक आदेश के अनुसार, न्यू फरक्का के किलोमीटर 256/31 से 256/35 के मध्य अप लाइन पर 3 सितंबर की देर रात 1:20 बजे से ट्रेनों का आवागमन पूरी तरह रोक दिया गया. क्षेत्र में लगातार हुई भारी बारिश के कारण ट्रैक के नीचे की मिट्टी बहने और धंसने की यह आपात स्थिति उत्पन्न हुई है, जिसके चलते सुरक्षा कारणों से कई प्रमुख ट्रेनों को रद्द, कई को परिवर्तित मार्ग (डायवर्ट) और कई को घंटों की देरी से संचालित किया जा रहा है.

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रात 1:20 बजे से अप लाइन ब्लॉक, सुरक्षा को प्राथमिकता

घटना की गंभीरता को देखते हुए रेलवे कंट्रोल रूम ने तत्काल प्रभाव से एक्शन लिया:

  • परिचालन पर ब्रेक: 3 सितंबर को मध्यरात्रि बाद (1:20 AM) जैसे ही ट्रैक के नीचे की मिट्टी खिसकने की सूचना मिली, संरक्षा को ध्यान में रखते हुए उस खंड से गुजरने वाली अप लाइन की ट्रेनों को विभिन्न स्टेशनों पर रोक दिया गया.
  • बारिश बनी मुख्य वजह: हाल के दिनों में हुई मूसलाधार बारिश के कारण ट्रैक के आधार (एम्बैंकमेंट) की मिट्टी में कटाव हुआ, जिससे किलोमीटर 256/31 से 256/35 के बीच पटरी के नीचे का हिस्सा धंस गया.

ट्रैक डैमेज का विवरण व परिचालन प्रभाव

प्रमुख बिंदु (Key Aspects)अद्यतन स्थिति / विवरण (Current Status)
घटनास्थलन्यू फरक्का (NFK) सेक्शन, किमी 256/31–256/35
प्रभावित लाइनअप लाइन (Up Line)
रोक का समय3 सितंबर, देर रात 01:20 बजे से निरंतर
मुख्य कारणभारी बारिश के चलते ट्रैक के नीचे मिट्टी का धंसना/कटाव
रेल परिचालन पर असरकई लंबी दूरी की ट्रेनें डायवर्ट, पैसेंजर ट्रेनें रद्द व कई लेट
मरम्मत कार्यरेलवे इंजीनियरिंग विंग द्वारा ट्रैक रेस्टोरेशन जारी

किशनगंज व ठाकुरगंज के यात्रियों पर सीधा असर

इस महत्वपूर्ण रेल रूट के बाधित होने का सीधा असर सीमांचल के दैनिक व लंबी दूरी के यात्रियों पर पड़ा है:

  • ट्रेनों के मार्ग में फेरबदल: हावड़ा, सियालदह और दक्षिण भारत की ओर जाने व आने वाली ट्रेनों को वैकल्पिक मार्गों (जैसे बल्लालपुर और नलहाटी रूट) से निकाला जा रहा है.
  • घंटों की देरी: मार्ग परिवर्तन और गति सीमा (कॉशन) लागू होने से किशनगंज, ठाकुरगंज, बारसोई और कटिहार से यात्रा करने वाले यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में घंटों अतिरिक्त समय लग रहा है.

युद्धस्तर पर रेस्टोरेशन कार्य में जुटा रेलवे अमला

रेलवे के तकनीकी व इंजीनियरिंग अधिकारियों की टीम मौके पर कैंप कर रही है:

  • भराव और पैकिंग का काम: ट्रैक को सुरक्षित स्तर पर लाने के लिए स्टोन मेटल (गिट्टी) और डस्ट की मदद से धंसे हुए हिस्से की पैकिंग की जा रही है.
  • जांच के बाद ही ग्रीन सिग्नल: रेलवे अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी परीक्षण और सुरक्षा ट्रायल रन पूरा होने के बाद ही अप लाइन पर सामान्य गति से ट्रेनों की आवाजाही शुरू की जाएगी.
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