ठाकुरगंज हाट बाजार के व्यापारियों का नगर पंचायत के खिलाफ मोर्चा: मूलभूत सुविधाओं की कमी पर सौंपा आवेदन

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ठाकुरगंज हटिया मे बना शौचालय जो निर्माण के बाद ही बंद पड़ा है | Prabhat Khabar Network

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ठाकुरगंज हाट बाजार के व्यापारियों ने नगर पंचायत प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया है. शुद्ध पेयजल, स्वच्छ शौचालय और नियमित साफ-सफाई की कमी को लेकर उन्होंने आवेदन सौंपा है.

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बाजार के दर्जनों व्यापारियों ने एकजुट होकर नगर पंचायत प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. इस संबंध में दुकानदारों ने एक संयुक्त हस्ताक्षरयुक्त आवेदन नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी (EO) को सौंपकर बाजार परिसर में शुद्ध पेयजल, स्वच्छ शौचालय, नियमित साफ-सफाई और संवेदक द्वारा अनुबंध की शर्तों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने की जोरदार मांग की है.

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पेयजल और शौचालय की बदहाली से दुकानदार और ग्राहक दोनों त्रस्त

व्यापारियों का कहना है कि राजस्व हाट बाजार क्षेत्र का एक प्रमुख व्यापारिक केंद्र है, जहां प्रतिदिन हजारों की संख्या में आम लोग खरीदारी करने आते हैं. इसके बावजूद नगर पंचायत प्रशासन आज तक यहां शुद्ध पेयजल की एक अदद मुकम्मल व्यवस्था नहीं करा सका है. बाजार में बने सार्वजनिक शौचालय की स्थिति भी बेहद जर्जर और बदहाल है. नियमित रूप से कूड़े का उठाव और झाड़ू न लगने के कारण पूरे परिसर में गंदगी का अंबार लगा रहता है, जिससे उठने वाली सड़ांध और दुर्गंध ने दुकानदारों व ग्राहकों का जीना मुहाल कर रखा है.

संवेदक पर एग्रीमेंट के उल्लंघन का आरोप, कार्रवाई की मांग

कार्यपालक पदाधिकारी को दिए गए आवेदन में व्यापारियों ने सीधे तौर पर सफाई और रख-रखाव का जिम्मा संभालने वाले संवेदक (ठेकेदार) को कटघरे में खड़ा किया है:

  • शर्तों की अनदेखी: आवेदन में गंभीर आरोप लगाया गया है कि उक्त संवेदक द्वारा नगर पंचायत के साथ किए गए अनुबंध (एग्रीमेंट) की शर्तों का सरेआम उल्लंघन किया जा रहा है.
  • लापरवाही पर एक्शन की मांग: मुनाफे के चक्कर में बाजार में बुनियादी सुविधाएं बहाल नहीं की जा रही हैं. व्यापारियों ने मांग की है कि जांच कर लापरवाही बरतने वाले संवेदक के खिलाफ अविलंब दंडात्मक कार्रवाई की जाए और उसका टेंडर रद्द किया जाए.

किसी एक की नहीं, पूरे बाजार की है सामूहिक समस्या

सब्जी और फल विक्रेताओं का कहना है कि यह समस्या किसी व्यक्तिगत दुकानदार की नहीं है, बल्कि इस ऐतिहासिक हाट बाजार के अस्तित्व और जनस्वास्थ्य से जुड़ी सामूहिक चिंता है. यदि नगर पंचायत प्रशासन ने इस जनसमस्या को गंभीरता से नहीं लिया और जल्द ही बुनियादी सुविधाएं बहाल नहीं कीं, तो व्यापारी उग्र आंदोलन के लिए विवश होंगे. अब देखना यह है कि प्रशासन इस सामूहिक मांग पर धरातल पर कितनी तेजी से कदम उठाता है.


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