नंबर प्लेट चोरी या गुम हुई तो पहले FIR, नई HSRP के लिए करना होगा ये काम
हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट. | Prabhat Khabar Network
अगर आपकी HSRP (हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट) टूट गई है, गिर गई है या चोरी हो गई है, तो अब घबराएं नहीं. नई प्लेट के लिए FIR दर्ज कराने की पूरी प्रक्रिया को समझें. जानें क्यों है यह सख्ती और वाहन मालिकों की क्या हैं मांगें.
HSRP replacement process: वाहन की नंबर प्लेट टूट गयी है, सड़क पर गिर गयी है या चोरी हो गयी है, तो अब इसे मामूली परेशानी समझकर नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है. हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट यानी HSRP के गुम या चोरी होने की स्थिति में वाहन मालिक को पहले थाने में प्राथमिकी दर्ज करानी होगी. इसके बाद ही नई नंबर प्लेट के लिए आवेदन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी.
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यही वजह है कि किशनगंज में नंबर प्लेट बदलवाने को लेकर वाहन मालिकों को थाने से लेकर अधिकृत एजेंसी और ऑनलाइन आवेदन तक की प्रक्रिया से गुजरना पड़ रहा है. खासकर उन लोगों की परेशानी बढ़ रही है, जिनकी नंबर प्लेट सड़क पर गिरकर टूट गयी या दुर्घटना में क्षतिग्रस्त हो गयी है.
नंबर प्लेट गुम हुई तो सबसे पहले थाने जाना होगा
वाहन की HSRP अगर गिरकर कहीं गुम हो गयी है या चोरी हो गयी है, तो वाहन मालिक को संबंधित थाने में इसकी सूचना देकर FIR दर्ज करानी होगी. इसके बाद FIR की प्रति के आधार पर नई HSRP के लिए आवेदन किया जा सकेगा.
नई प्लेट जारी करने वाली अधिकृत एजेंसी को वाहन से जुड़े दस्तावेजों के साथ FIR की जानकारी भी देनी पड़ सकती है. ऑनलाइन रिप्लेसमेंट प्रक्रिया में कई मामलों में FIR नंबर, तारीख, संबंधित थाना और FIR की कॉपी अपलोड करने का विकल्प भी दिया जाता है.
इस पूरी प्रक्रिया का मकसद केवल नई प्लेट जारी करना नहीं, बल्कि पुरानी नंबर प्लेट के रिकॉर्ड को सुरक्षित रखना भी है.
आखिर HSRP के लिए इतनी सख्ती क्यों?
HSRP सामान्य नंबर प्लेट से अलग होती है. इसमें विशेष सुरक्षा फीचर और वाहन की यूनिक पहचान से जुड़े विवरण दर्ज होते हैं. ऐसे में प्लेट खो जाने या चोरी होने के बाद उसके गलत इस्तेमाल की आशंका रहती है.
इसी वजह से वाहन की पुरानी प्लेट के संबंध में पुलिस रिकॉर्ड तैयार करने और अधिकृत एजेंसी के माध्यम से ही नई प्लेट जारी करने की व्यवस्था रखी गयी है. इससे वाहन और नंबर प्लेट के रिकॉर्ड को ट्रैक करने में मदद मिलती है.
टूट गयी नंबर प्लेट तो भी बढ़ सकती है परेशानी
सबसे ज्यादा परेशानी उन वाहन मालिकों को हो रही है, जिनकी नंबर प्लेट चोरी नहीं हुई बल्कि दुर्घटना, खराब सड़क या सामान्य टूट-फूट के कारण क्षतिग्रस्त हो गयी है.
ऐसे मामलों में भी पुरानी प्लेट का रिकॉर्ड रखने और निर्धारित प्रक्रिया का पालन करने की जरूरत पड़ती है. वाहन मालिकों को प्लेट की फोटो, वाहन संबंधी विवरण और अन्य जरूरी दस्तावेज देने पड़ सकते हैं.
यानी केवल प्लेट टूट जाने के बाद बाजार से नई नंबर प्लेट बनवाकर वाहन पर लगाना HSRP के मामले में सही तरीका नहीं है.
थाने से ऑनलाइन आवेदन तक लगाने पड़ रहे चक्कर
वाहन मालिकों का कहना है कि पहले नंबर प्लेट टूटने या गिरने की स्थिति में नई प्लेट बनवाना अपेक्षाकृत आसान था. अब HSRP की प्रक्रिया में कई चरण जुड़ गये हैं.
प्लेट चोरी या गुम होने पर पहले थाने में शिकायत करनी पड़ती है. इसके बाद FIR की प्रति और दूसरे दस्तावेज जुटाने होते हैं. फिर अधिकृत केंद्र या ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से रिप्लेसमेंट के लिए आवेदन करना पड़ता है.
इस पूरी प्रक्रिया में वाहन मालिक का समय भी खर्च होता है और उसे कई जगहों पर भागदौड़ करनी पड़ती है.
वाहन मालिकों की मांग, मामूली नुकसान में प्रक्रिया हो आसान
वाहन मालिकों का कहना है कि नंबर प्लेट चोरी या गुम होने की स्थिति में FIR की व्यवस्था जरूरी हो सकती है, लेकिन मामूली टूट-फूट के मामलों में प्रक्रिया को आसान बनाया जाना चाहिए.
लोगों की मांग है कि यदि पुरानी क्षतिग्रस्त प्लेट वाहन मालिक जमा कर देता है, तो उसे FIR जैसी लंबी प्रक्रिया से अलग रखते हुए सरल तरीके से नई HSRP उपलब्ध करायी जाए. वहीं प्लेट के पूरी तरह गुम या चोरी होने की स्थिति में पुलिस सत्यापन और FIR की प्रक्रिया जारी रखी जा सकती है.
HSRP replacement process: सुरक्षा और सुविधा के बीच संतुलन जरूरी
विभागीय स्तर पर HSRP रिप्लेसमेंट की प्रक्रिया को सुरक्षा के लिहाज से जरूरी बताया जाता है. नंबर प्लेट के गुम या चोरी होने पर FIR दर्ज होने से उसका रिकॉर्ड तैयार होता है और पुरानी प्लेट के संभावित दुरुपयोग पर नजर रखने में मदद मिलती है.
लेकिन आम वाहन मालिकों के लिए यह प्रक्रिया तभी सुविधाजनक होगी, जब गुम, चोरी और सामान्य रूप से क्षतिग्रस्त प्लेट के मामलों में स्पष्ट और आसान प्रक्रिया उपलब्ध हो.
फिलहाल वाहन मालिकों के लिए जरूरी है कि नंबर प्लेट टूटने, गिरने या चोरी होने की स्थिति को नजरअंदाज न करें. HSRP के मामले में अधिकृत प्रक्रिया के तहत ही नई प्लेट लगवाना सुरक्षित विकल्प है.
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