गलगलिया को मिलेगी जाम से मुक्ति: लेवल क्रॉसिंग SK-247 पर बनेगा 2-लेन रेलवे ओवरब्रिज, 'विशेष रेल परियोजना' घोषित

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गलगालिया स्थित रेल गुमटी | Prabhat Khabar Network

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गलगलिया के वर्षों पुराने रेलवे फाटक जाम से जल्द मुक्ति मिलेगी. लेवल क्रॉसिंग SK-247 पर 2-लेन रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण होगा, जिसे 'विशेष रेल परियोजना' घोषित किया गया है. यह भारत-नेपाल व्यापार के लिए लॉजिस्टिक्स हब बनेगा.

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वर्षों से रेलवे फाटक पर घंटों जाम का संताप झेलने वाले गलगलिया, ठाकुरगंज और पड़ोसी देश नेपाल (भद्रपुर) जाने वाले हजारों यात्रियों के लिए आखिरकार बड़ी राहत की खबर आ गई है. भारत-नेपाल सीमा पर स्थित गलगलिया बस पड़ाव से भद्रपुर जाने वाले मुख्य मार्ग पर अब रेलवे फाटक की जगह आधुनिक 2-लेन रेलवे ओवरब्रिज (ROB) का निर्माण किया जाएगा. रेल मंत्रालय ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को आधिकारिक तौर पर "विशेष रेलवे परियोजना" घोषित कर दिया है.

लेवल क्रॉसिंग SK-247 के स्थान पर बनेगा नया ROB

पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (NFR) के मुख्य परियोजना प्रबंधक (गतिशक्ति), कटिहार की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार:

  • यह 2-लेन रेलवे ओवरब्रिज लेवल क्रॉसिंग संख्या SK-247 (ADQ–GAGA रेलखंड के किमी 43/9-44/0) के स्थान पर बनाया जाएगा.
  • परियोजना को पीएम गतिशक्ति योजना के तहत शामिल किया गया है, जिससे इसका निर्माण कार्य बेहद तेज गति से पूरा किया जाएगा.
  • केंद्र सरकार ने इस प्रोजेक्ट के लिए किशनगंज के जिला भू-अर्जन पदाधिकारी को सक्षम प्राधिकारी (Competent Authority) नियुक्त किया है, जिससे भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तुरंत शुरू हो सकेगी.

₹21 करोड़ की लागत से बनेगा लॉजिस्टिक्स और माल ढुलाई का बड़ा केंद्र

गलगलिया अब केवल एक साधारण सीमावर्ती स्टेशन नहीं रहेगा, बल्कि उत्तर-पूर्व सीमांत रेलवे का एक प्रमुख लॉजिस्टिक्स हब बनने जा रहा है:

  1. ₹5.40 करोड़: नया स्टेशन भवन, अप्रोच रोड, ओवरहेड टैंक, प्लेटफॉर्म विस्तार और स्टेशन परिसर के सौंदर्यीकरण पर खर्च किए जा रहे हैं.
  2. ₹16 करोड़: आधुनिक गुड्स शेड, नए यार्ड, लिंकिंग और अतिरिक्त रेल लाइनों के निर्माण पर खर्च हो रहे हैं.

इन परियोजनाओं के पूरा होते ही गलगलिया पूर्वोत्तर भारत और नेपाल के बीच माल ढुलाई (Freight Operations) का सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभरेगा.

जाम से मिलेगी निजात, भारत-नेपाल व्यापार को मिलेगी नई गति

नेपाल, पश्चिम बंगाल और बिहार के त्रि-संगम पर बसे गलगलिया की पहचान लंबे समय से रेलवे फाटक पर लगने वाले भीषण जाम से थी. ओवरब्रिज बनने के बाद:

  • रोजाना सफर करने वाले हजारों यात्रियों और वाहनों को घंटों के इंतजार से मुक्ति मिलेगी.
  • भारत और नेपाल के बीच आयात-निर्यात, व्यावसायिक परिवहन और सीमावर्ती कनेक्टिविटी सुरक्षित व तीव्र होगी.
  • क्षेत्र में दुर्घटनाओं की आशंका बेहद कम हो जाएगी.

स्थानीय निवासियों में खुशी की लहर

परियोजना की घोषणा के बाद गलगलिया क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय निवासियों में भारी उत्साह है. स्थानीय नागरिक गणेश राय, मुन्ना सिंह, निरुपम शर्मा, अमरनाथ नायक, अमर राय, दीनानाथ शर्मा और मो. जमील सहित कई गणमान्य लोगों ने रेल मंत्रालय और केंद्र सरकार के इस निर्णय का जोरदार स्वागत किया है.

लोगों का कहना है कि यह ओवरब्रिज और गुड्स शेड गलगलिया को बिहार का सबसे महत्वपूर्ण सीमावर्ती रेलवे लॉजिस्टिक्स हब और भारत-नेपाल व्यापार का प्रमुख प्रवेश द्वार बनाएगा.


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बच्छराज

लेखक के बारे में

By बच्छराज

बच्छराज प्रिंट माध्यम में 25 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. ठाकुरगंज (किशनगंज) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक कार्यों, शिक्षा, राजनीति व खेल में रुचि रखते हैं.

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