सीमांचल को बड़ी सौगात: गलगलिया से बागडोगरा तक 31 KM सड़क बनेगी फोरलेन, ₹2077 करोड़ मंजूर; सिलीगुड़ी कॉरिडोर का सफर होगा फर्राटेदार

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बंगाल सीमा | Prabhat Khabar Network

गलगलिया से बागडोगरा तक 31KM लंबी सड़क को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने चार लेन में बदलने की ₹2077.18 करोड़ की मंजूरी दे दी है. इस महत्वपूर्ण परियोजना से सीमांचल से पूर्वोत्तर भारत की कनेक्टिविटी मजबूत होगी और सिलीगुड़ी कॉरिडोर पर यातायात का दबाव कम होगा.

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बिहार और पश्चिम बंगाल की सीमा पर स्थित गलगलिया से सिलीगुड़ी और बागडोगरा की ओर जाने वाले यात्रियों और व्यवसायियों के लिए एक बेहद शानदार खबर है. केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले में NH-327 के गलगलिया-पानीटंकी-खड़ीबाड़ी-बागडोगरा हिस्से को चार लेन (Four-Lane) में विकसित करने के लिए ₹2,077.18 करोड़ की प्रशासनिक मंजूरी दे दी है. 31.02 किलोमीटर लंबी इस अहम सड़क परियोजना के पूरा होने से न सिर्फ सीमांचल से उत्तर-पूर्व भारत की कनेक्टिविटी मजबूत होगी, बल्कि सामरिक रूप से महत्वपूर्ण 'सिलीगुड़ी कॉरिडोर' का ट्रैफिक दबाव भी काफी हद तक कम हो जाएगा.

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₹2077 करोड़ के प्रोजेक्ट में क्या-क्या बनेगा?

31.02 किलोमीटर लंबे इस राजमार्ग को आधुनिक और सुरक्षित बनाने के लिए कई बड़े निर्माण किए जाएंगे:

  • हाथी अंडरपास (Elephant Underpasses): इस मार्ग पर वन्यजीवों, विशेषकर हाथियों के सुरक्षित आवागमन और संरक्षण को ध्यान में रखते हुए 5 बड़े हाथी अंडरपास बनाए जाएंगे.
  • पुल और ओवरब्रिज: प्रोजेक्ट के तहत 3 बड़े पुलों (Major Bridges) और 1 रेलवे ओवरब्रिज (ROB) का निर्माण किया जाएगा.
  • सर्विस रोड: स्थानीय लोगों के सुरक्षित आवागमन के लिए फोरलेन सड़क के दोनों ओर सर्विस रोड की सुविधा उपलब्ध होगी.

बिहार के अररिया-गलगलिया रूट को मिलेगी नई रफ्तार

इस परियोजना की आवश्यकता और महत्व इसलिए और बढ़ जाता है क्योंकि बिहार सीमा में फोरलेन का काम तेजी से हुआ है:

  • बॉटलनेक बनी थी टू-लेन सड़क: अररिया से गलगलिया तक बिहार सीमा में एनएच के फोरलेन बनने के बाद वाहनों का दबाव इस रूट पर काफी बढ़ गया था. बड़ी संख्या में वाहन पूर्णिया-दालकोला की बजाय अररिया से बहादुरगंज-ठाकुरगंज-गलगलिया होकर सिलीगुड़ी जा रहे हैं.
  • जाम से मिलेगी मुक्ति: बंगाल सीमा में गलगलिया के बाद टू-लेन सड़क होने से भारी जाम लग रहा था. अब पानीटंकी और खड़ीबाड़ी होते हुए बागडोगरा तक फोरलेन बन जाने से यह बॉटलनेक खत्म हो जाएगा और ट्रैफिक स्मूथ हो जाएगा.

सामरिक महत्व और भूमि अधिग्रहण का गजट जारी

यह प्रोजेक्ट केवल यातायात ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार और कूटनीति के लिहाज से भी अहम है:

  • सिलीगुड़ी कॉरिडोर की मजबूती: नेपाल, भूटान और बांग्लादेश की सीमाओं से सटे इस 'चिकन नेक' (सिलीगुड़ी कॉरिडोर) क्षेत्र में आधारभूत संरचना मजबूत होने से सेना और व्यापारिक वाहनों की आवाजाही आसान होगी.
  • भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू: 7 अगस्त 2026 को भारत के राजपत्र (Gazette) में NH-327 के किलोमीटर 0 से किलोमीटर 31.462 तक के हिस्से के लिए भूमि अधिग्रहण संबंधी अधिसूचना जारी कर दी गई है. इसमें बंगाल के नक्सलबाड़ी, फांसीदेवा और खड़ीबाड़ी क्षेत्र के कई गांव शामिल किए गए हैं.
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