‘आज मेरे घर बेटी आई है’… नई कार पर लिखवाया संदेश, पिता की पहल ने जीता लोगों का दिल

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नई कार पर बेटी के जन्म की खुशी जाहिर करते साकिब राजा.

Daughter birth celebration: किशनगंज के ठाकुरगंज में एक पिता ने बेटी के जन्म पर वर्षों पुराना संकल्प पूरा करते हुए नई कार खरीदी और उस पर ‘आज मेरे घर बेटी आई है’ लिखकर पूरे शहर में खुशी मनाई। बेटियों के सम्मान का यह अनूठा उदाहरण लोगों का दिल जीत रहा है.

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ठाकुरगंज (किशनगंज) से बच्छराज नखत की रिपोर्ट:

Daughter birth celebration: किशनगंज जिले के ठाकुरगंज से एक ऐसी प्रेरणादायक तस्वीर सामने आई है, जिसने बेटियों के प्रति समाज की सकारात्मक सोच को नई पहचान दी है. एक पिता ने वर्षों पहले लिया गया अपना संकल्प बेटी के जन्म के साथ पूरा किया और नई कार खरीदकर उस पर “आज मेरे घर बेटी आई है” लिखवाते हुए पूरे शहर में खुशी का इजहार किया.

बेटी के स्वागत में निभाया वर्षों पुराना वादा

कहते हैं कि पिता अपने बच्चों से सबसे अधिक प्रेम करता है, लेकिन अपने जज्बात अक्सर खुलकर व्यक्त नहीं कर पाता. ठाकुरगंज नगर पंचायत के वार्ड संख्या-11 स्थित पेट्रोल पंप चौक निवासी साकिब राजा ने अपनी नवजात बेटी के जन्म पर जो किया, वह बेटियों के सम्मान और उनके प्रति प्रेम का अनूठा उदाहरण बन गया.

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साकिब राजा ने वर्षों पहले संकल्प लिया था कि जब तक उनके घर बेटी का जन्म नहीं होगा, तब तक वह चारपहिया वाहन नहीं खरीदेंगे. समय बीतता गया और करीब पांच वर्ष पहले उनके घर बेटे का जन्म हुआ, लेकिन उन्होंने अपना संकल्प नहीं तोड़ा. उनके मन में बेटी के आगमन की प्रतीक्षा बनी रही.

बेटी के जन्म के साथ खरीदी नई कार

कुछ दिन पहले उनके घर बेटी ने जन्म लिया. जैसे ही घर में नन्हीं किलकारी गूंजी, साकिब राजा ने वर्षों पुराना अपना वादा पूरा करते हुए नई चारपहिया गाड़ी खरीद ली. यह पल उनके लिए केवल वाहन खरीदने का नहीं, बल्कि अपनी बेटी के स्वागत का सबसे बड़ा उत्सव था.

“आज मेरे घर बेटी आई है” लिखकर पूरे शहर में बांटी खुशी

नई कार खरीदने के बाद उन्होंने उस पर बड़े अक्षरों में लिखवाया- “आज मेरे घर बेटी आई है.”

इसके बाद वह उसी गाड़ी से पूरे किशनगंज शहर में निकले. जहां-जहां उनकी गाड़ी पहुंची, लोग उत्सुकता से उसे देखने लगे. कई लोगों ने उन्हें बधाई दी, कुछ ने मोबाइल से तस्वीरें और वीडियो बनाए, जबकि अनेक लोगों ने कहा कि बेटी के जन्म का ऐसा अनोखा जश्न उन्होंने पहली बार देखा है.

समाज को देना चाहते हैं सकारात्मक संदेश

साकिब राजा का कहना है कि बेटी ईश्वर का सबसे सुंदर उपहार होती है. वह चाहते थे कि उनकी बेटी के जन्म की खुशी केवल परिवार तक सीमित न रहे, बल्कि समाज तक भी पहुंचे. उनका मानना है कि जिस दिन हर घर में बेटी के जन्म पर इसी तरह उत्सव मनाया जाएगा, उस दिन बेटा और बेटी के बीच का भेदभाव वास्तव में समाप्त हो जाएगा.

परिवार में उत्सव का माहौल

बेटी के जन्म के बाद पूरे परिवार में खुशी का माहौल है. दादा-दादी, नाना-नानी समेत सभी परिजन नवजात बच्ची पर स्नेह लुटा रहे हैं. घर में मिठाइयां बांटी जा रही हैं और बधाई देने वालों का लगातार तांता लगा हुआ है.

समाज के लिए बनी प्रेरणा

यह केवल नई कार खरीदने की कहानी नहीं है, बल्कि एक ऐसे पिता की भावनाओं की मिसाल है, जिसने अपनी बेटी के स्वागत को जीवन का सबसे बड़ा उत्सव बना दिया. ऐसे समय में, जब समाज के कुछ हिस्सों में आज भी बेटियों को लेकर संकीर्ण सोच देखने को मिलती है, ठाकुरगंज की यह पहल सकारात्मक बदलाव का संदेश देती है. यह कहानी बताती है कि सामाजिक परिवर्तन किसी बड़े अभियान से ही नहीं, बल्कि एक पिता की सोच और बेटी की पहली किलकारी से भी शुरू हो सकता है.

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