शारदा सिन्हा के निधन से बिहार की लोक संस्कृति ने खो दिया अनमोल रत्न : मंत्री

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शारदा सिन्हा के निधन पर जताया शोक

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किशनगंज. सुप्रसिद्ध लोक गायिका 72 वर्षीय शारदा सिन्हा ने दिल्ली एम्स में अपनी आखिरी सांस ली. इस खबर ने देशभर में उनके शुभचिंतकों को झकझोर कर रख दिया. शारदा सिन्हा के गाये छठ गीत अभी हर तरफ गूंज रहे हैं. इस महापर्व के बीच में उनके निधन की खबर से प्रशंसकों में मायूसी छायी है. भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ दिलीप कुमार जायसवाल ने उनके निधन पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि स्वर कोकिला शारदा सिन्हा ने अपनी मधुर आवाज और लोक संगीत के माध्यम से न केवल बिहार बल्कि पूरे देश को गौरवान्वित किया. उनके गीतों में जो आत्मीयता और संस्कृति की झलक मिलती थी, वह अमूल्य थी. उनके बिना संगीत जगत में एक अपूरणीय रिक्तता उत्पन्न हो गयी है. उनके जाने से बिहार की लोक संस्कृति ने अपना एक अनमोल रत्न खो दिया है. उनके निधन पर भाजपा के पूर्व विधायक अवध बिहारी सिंह, सिकंदर सिंह, जिलाध्यक्ष सुशांत गोप, वार्ड पार्षद प्रतिनिधि कुमार विशाल उर्फ डब्बा,रेड क्रॉस सोसायटी के सचिव मिक्की साहा, समाज सेवी माधव त्रिपाठी, मनोज गट्टानी, ललितेंद्र भारतीय, मुकेश मलिक ने कहा कि शारदा सिन्हा का जाना बिहार के लोक संगीत और संस्कृति के लिए अपूरणीय क्षति है. उन्होंने अपनी अद्वितीय आवाज से बिहार की लोक परंपराओं को संजोये रखा और उसे देश-विदेश में ख्याति दिलायी. उनके परिवार और उनके अनगिनत प्रशंसकों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट करते हुए ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और उनके परिवार को इस कठिन समय में संबल प्रदान करें.

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