कुव्यवस्था का शिकार आंगनबाड़ी केंद्र

Published at :26 Aug 2016 6:25 AM (IST)
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कुव्यवस्था का शिकार आंगनबाड़ी केंद्र

समस्या. जिले में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र कई प्रकार के कमी से जूझ रहा है सेविका सहायिका एवं पर्यवेक्षिका की कमी के कारण आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन ठीक तरीके से नहीं हो रहा है़ कई पोषक क्षेत्र ऐसे है जहां आंगनबाड़ी केंद्र संचालित ही नहीं है़ जिसका खामियाजा उस पोषक क्षेत्र के बच्चों, महिलाओं एवं बालिकाओं […]

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समस्या. जिले में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र कई प्रकार के कमी से जूझ रहा है

सेविका सहायिका एवं पर्यवेक्षिका की कमी के कारण आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन ठीक तरीके से नहीं हो रहा है़ कई पोषक क्षेत्र ऐसे है जहां आंगनबाड़ी केंद्र संचालित ही नहीं है़ जिसका खामियाजा उस पोषक क्षेत्र के बच्चों, महिलाओं एवं बालिकाओं को उठाना पड़ रहा है ़
किशनगंज : गरीब कुपोषित बच्चों को शिक्षा के साथ ही समुचित आहार मिले इसके लिए महिला एवं बाल विकास परियोजना के तहत आंगनबाड़ी केंद्र की स्थापना की गयी है. सरकार द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र में पोषक क्षेत्र के बच्चों को पढ़ाने एवं पोषाहार देने के लिए सेविका एवं सहायिका का नियोजन किया गया़ किशनगंज जिले में कुल 1774 आंगनबाड़ी केंद्र स्वीकृत है़ परंतु विभाग की लापरवाही के कारण मात्र 827 आंगनबाड़ी केंद्र का भवन बन सका है़ शेष 947 आंगनबाड़ी केंद्र खुले आसमान के नीचे, पेड़ के नीचे या तो झोपड़े में संचालित हो रहे है़
पदाधिकारियों के इच्छा शक्ति की कमी या विभागीय लापरवाही का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 434 ऐसे केंद्र है जो भूमिहीन है़ वहीं 158 केंद्र के पास भूमि तो है लेकिन उनके पास भवन नहीं है़ जबकि 355 केंद्रों के भवन का निर्माण कार्य लंबित है़
केंद्र है तो सेविका नहीं
प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र के लिए 1 सेविका एवं एक सहायिका की व्यवस्था की गयी है़ लेकिन आईसीडीएस विभाग के लुंज पूंज एवं चौपट व्यवस्था का आलम यह है कि स्वीकृत 1494 अतिरिक्त केंद्र और 280 मिनी केंद्र कुल मिला कर 1774 स्वीकृत केंद्रों के लिए मात्र 1589 सेविका ही कार्यरत है़
जबकि 185 सेविका का पद रिक्त है़ वहीं सहायिका के लिए स्वीकृत पद 1494 के बदले 1349 ही कार्यरत है और 145 सहायकिा का पद रिक्त है़
महिला पवेक्षिका की है कमी
आंगनबाड़ी केंद्रों का लगातार मॉनिटरिंग के लिए महिला पर्यवेक्षिका की नियुक्ति की गयी है़ महिला पर्यवेक्षिकाओं के लिए जिले में कुल 52 पद स्वीकृत है़ परंतु इसके विरूद्ध मात्र 41 महिला पर्यवेक्षिका कार्यरत है और 11 पद रिक्त पड़े है़ सेविका सहायिका एवं पर्यवेक्षिका की कमी के कारण आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन ठीक तरीके से नहीं हो रहा है़ कई पोषक क्षेत्र ऐसे है जहां आंगनबाड़ी केंद्र संचालित ही नहीं है़ जिसका खामियाजा उस पोषक क्षेत्र के बच्चों, महिलाओं एवं बालिकाओं को उठाना पड़ रहा है. उधर इस संबंध में आइसीडीएस के पदाधिकारी कुछ भी बोलने से परहेज करते दिखे.
434 आंगनबाड़ी केंद्र है भूमिहीन
947 आंगनबाड़ी केंद्र खुले आसमान के नीचे हो रहे संचालित
सहायिका के स्वीकृत पद 1494 के बदले 1349 ही कार्यरत है
145 सहायकिा का पद रिक्त है
41 महिला पर्यवेक्षिका कार्यरत है और 11 पद रिक्त
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