आठ घंटे गाड़ी में पड़ा रहा शव

Published at :25 Apr 2016 2:18 AM (IST)
विज्ञापन
आठ घंटे गाड़ी में पड़ा रहा शव

कुव्यवस्था. पोस्टमार्टम के लिए गलगलिया से लाया गया िजले का सदर अस्पताल आयेदिन चर्चा में रहता है. रविवार को एक बार िफर से यहां व्याप्त कुव्यवस्था की पोल खुल गयी. हुआ यूं िक पोस्टमार्टम के लिए गलगलिया से वाहन में पहुंचा शव आठ घंटे तक पड़ा रहा. किशनगंज : सदर अस्पताल में सर्वत्र फैली कुव्यवस्था […]

विज्ञापन

कुव्यवस्था. पोस्टमार्टम के लिए गलगलिया से लाया गया

िजले का सदर अस्पताल आयेदिन चर्चा में रहता है. रविवार को एक बार िफर से यहां व्याप्त कुव्यवस्था की पोल खुल गयी. हुआ यूं िक पोस्टमार्टम के लिए गलगलिया से वाहन में पहुंचा शव आठ घंटे तक पड़ा रहा.
किशनगंज : सदर अस्पताल में सर्वत्र फैली कुव्यवस्था रविवार को एक बार फिर से उजागर हो गयी. गलगलिया से मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराने अहले सुबह सदर अस्पताल पहुंच जाने के बाद भी मृतक का शव लगभग आठ घंटे तक पोस्टमार्टम रूम के बाहर गाड़ी में ही पड़ा रहा. इस दौरान मृतक के शव के साथ पहुंचे परिजन व चौकीदार अस्पताल प्रशासन से जल्द पोस्टमार्टम कराने की गुहार लगाते रहे.
दरअसल विगत दिनों स्थानीय उत्पाद विभाग ने गुप्त सूचना के आधार पर स्थानीय खगड़ा रेल गुमटी के निकट छापेमारी कर अब तक सदर अस्पताल के पोस्टमार्टम गृह को अपनी सेवाएं दे रहे राजेंद्र मल्लिक उर्फ पेटला को अवैध देसी शराब के साथ रंगे हाथ गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. पेटला विगत कई वर्षों से अवैतनिक कर्मी के रूप में सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम करने का कार्य करता था. परंतु पेटला के जेल जाने के बाद अब तक अस्पताल प्रबंधन द्वारा वैकल्पिक व्यवस्था न किये जाने के कारण मृतक के शव को दुर्गती झेलनी पड़ रही थी.
नतीजतन घंटों कड़ी धूप में शव के पड़े रहने के बाद जब उससे दुर्गंध निकलना प्रारंभ हो गया और पोस्टमार्टम रूम के निकट अवस्थित प्रसवोत्तर वार्ड में भर्ती मरीजों का जीना मुहाल हो गया तब जाकर अस्पताल प्रशासन की कुंभ कर्णी निद्रा भग हुई और आनन फानन में बाहर से लाये गये लोग के द्वारा अस्पताल प्रबंधक ने जैसे तैसे मृतक के शव का पोस्टमार्टम करा उसे परिजनों के हवाले कर दिया. वहीं सदर अस्पताल प्रशासन के इस अमानवीय व्यवहार से बुरी तरह से क्षुब्ध मृतक के परिजनों ने जाते जाते अस्पताल प्रशासन पर कई गंभीर आरोप भी लगा दिये. परिजनों का स्पष्ट कहना था कि जब अस्स्पताल प्रशासन मृत व्यक्तियों के साथ इतना क्रूरतम व्यवहार कर सकता है तो जिंदा व्यक्तियों के संग उनके व्यवहार का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन