बाढ़ के बीच बड़ा आदेश : गोगरी में अधिकारियों की छुट्टी पर रोक, मुख्यालय छोड़ने पर पाबंदी
बैठक करते एसडीओ
गोगरी अनुमंडल में लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए बाढ़ की आशंका बढ़ गई है. इस खतरे को देखते हुए जिलाधिकारी के निर्देश पर सभी प्रशासनिक अधिकारियों की छुट्टी रद्द कर दी गई है. वे अब बाढ़ की स्थिति सामान्य होने तक मुख्यालय में ही रहेंगे.
गोगरी : लगातार बारिश और गंगा एवं गंडक नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए खगड़िया जिला प्रशासन अलर्ट मोड में है. संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए गोगरी अनुमंडल में प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी गयी हैं. जिलाधिकारी विक्रम विरकर के निर्देश पर गोगरी एसडीओ संजय कुमार ने अनुमंडल और गोगरी-परबत्ता प्रखंड स्तर के सभी पदाधिकारियों की छुट्टी पर रोक लगा दी है.
आपके शहर में
यह आदेश 6 सितंबर से बाढ़ की स्थिति सामान्य होने तक प्रभावी रहेगा. अधिकारियों के साथ तकनीकी और पर्यवेक्षक स्तर के कर्मियों को भी अपने-अपने मुख्यालय में मौजूद रहने का निर्देश दिया गया है.

बाढ़ प्रभावित इलाकों के जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक
एसडीओ संजय कुमार ने रविवार को अपने कार्यालय कक्ष में गोगरी और परबत्ता के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के जनप्रतिनिधियों, थानाध्यक्षों और संबंधित पदाधिकारियों के साथ बैठक की. बैठक में बाढ़ की मौजूदा स्थिति और राहत-बचाव की तैयारियों की समीक्षा की गयी.
एसडीओ ने कहा कि बाढ़ या किसी अन्य आपदा की स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए प्रशासनिक अधिकारियों का मुख्यालय में रहना जरूरी है. इसी वजह से सभी संबंधित अधिकारियों की छुट्टी रद्द की गयी है.
बाढ़ राहत के लिए सामुदायिक किचन और नाव की मांग
बैठक में रामपुर के मुखिया कृष्णानंद यादव, सरपंच नूर आलम, बौरना के मुखिया प्रतिनिधि नासिर इकबाल समेत अन्य जनप्रतिनिधियों ने बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए कई सुविधाओं की मांग रखी.
बाढ़ राहत की प्रमुख मांगें:
- बाढ़ प्रभावित इलाकों में सामुदायिक किचन शुरू करने की व्यवस्था.
- सूखा राशन, दाल, चावल और तैयार भोजन की उपलब्धता.
- पर्याप्त संख्या में नावों की व्यवस्था.
- बाढ़ पीड़ितों के लिए मेडिकल उपचार और जरूरी दवाएं.
- लोगों को सुरक्षित ऊंचे स्थानों पर रखने की व्यवस्था.
- पालतू पशुओं के लिए चारा और सुरक्षित स्थान.
- प्रभावित क्षेत्रों में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था.
कई जगह शुरू हुआ सामुदायिक किचन
एसडीओ संजय कुमार ने जनप्रतिनिधियों की मांगों पर आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया. उन्होंने बताया कि रविवार की शाम से मध्य विद्यालय उसरी बन्नी सहित जरूरतमंद पंचायतों में सामुदायिक किचन शुरू कर दिया गया है.
रामपुर और बौरना में भी सोमवार से सामुदायिक किचन शुरू किया गया. अन्य पंचायतों में भी राहत सामग्री और सामुदायिक किचन की जरूरत की समीक्षा संबंधित पदाधिकारियों से करायी जायेगी. जरूरत पड़ने पर वहां भी सामुदायिक किचन शुरू किया जायेगा.
बाढ़ प्रभावित पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था करने का भी भरोसा दिया गया है.
मुख्यालय में रहकर राहत कार्य संभालेंगे अधिकारी
प्रशासन ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को अपने-अपने मुख्यालय में रहकर सौंपे गये दायित्वों का तत्परता और जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करने का निर्देश दिया है. अधिकारियों की मौजूदगी से बाढ़ की स्थिति बिगड़ने पर राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाने में मदद मिलेगी.
लगातार बारिश और गंगा-गंडक के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन स्थिति पर नजर रख रहा है. आपदा प्रबंधन से जुड़े जरूरी इंतजामों को भी सक्रिय किया जा रहा है.
बाढ़ सामान्य होने तक जारी रहेगा आदेश
जिलाधिकारी के निर्देश के अनुसार अधिकारियों की छुट्टी पर लगायी गयी रोक बाढ़ की स्थिति सामान्य होने तक जारी रहेगी. सभी पदाधिकारियों को मुख्यालय में मौजूद रहकर प्रशासनिक और आपदा प्रबंधन से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया है.
बाढ़ के बीच प्रशासन ने साफ कर दिया है कि राहत और बचाव व्यवस्था में किसी तरह की देरी न हो, इसके लिए अधिकारी लगातार मैदान में मौजूद रहेंगे.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए