जिला कोषागार से 6.43 लाख रुपये की अवैध निकासी का हुआ खुलासा

Author : Prabhat Khabar News Desk Published by : Prabhat Khabar Updated At : 31 Aug 2020 7:22 AM

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खगड़िया : जिला कोषागार से 6.43 लाख रुपये की अवैध निकासी का खुलासा होते ही स्वास्थ्य विभाग से लेकर जिला प्रशासन में खलबली मच गयी है. पूरा मामला गोगरी प्रखंड अन्तर्गत महेशखूंट अस्पताल में एनएचएम के अन्तर्गत संविदा पर बहाल चिकित्सक को मानदेय भुगतान से जुड़ा हुआ है.

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विनय, खगड़िया : जिला कोषागार से 6.43 लाख रुपये की अवैध निकासी का खुलासा होते ही स्वास्थ्य विभाग से लेकर जिला प्रशासन में खलबली मच गयी है. पूरा मामला गोगरी प्रखंड अन्तर्गत महेशखूंट अस्पताल में एनएचएम के अन्तर्गत संविदा पर बहाल चिकित्सक को मानदेय भुगतान से जुड़ा हुआ है. सूत्रों की मानें तो गोगरी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी सह डीडीओ, लेखापाल व जिला कोषागार के कर्मियों की मिलीभगत से इस अवैध भुगतान के खेल को अंजाम दिया गया है.

इधर, पूरे मामले का खुलासा होते ही डीएम आलोक रंजन घोष ने जांच के आदेश दिये हैं. उन्होंने भी माना कि यह गंभीर मामला है. डीएम ने कहा कि पूरे मामले में दोषियों को बख्शा नहीं जायेगा. बताया जाता है कि इस अवैध भुगतान में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी व लेखापाल की मिलीभगत के कारण आज तक इस गंभीर वित्तीय अनियमितता में संबंधित लिपिक पर कार्रवाई तो दूर एक स्पष्टीकरण तक नहीं पूछा गया है और ना ही अवैध भुगतान की गयी राशि में से एक रुपये भी कोषागार में जमा कराया गया है.

चिकित्सक को कोषागार से कर दिया भुगतान

डॉ विकास कुमार चिकित्सा पदाधिकारी महेशखूंट की नियुक्ति संविदा के आधार पर जिला स्वास्थ्य समिति खगड़िया के ज्ञापांक 61 दिनांक 25.01.2018 के द्वारा एनएचएम के अन्तर्गत की गयी. इनके मानदेय का भुगतान जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा प्राप्त एनएचएम की राशि से किया जाना है. लेकिन गोगरी अस्पताल में कार्यरत प्रधान लिपिक सह लेखापाल मिथलेश प्रसाद मंडल व डीडीओ सह प्रखंड प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी की मिलीभगत से सिविल सर्जन द्वारा प्राप्त उप आवंटन से कोषागार के माध्यम से नियमित कर्मचारियों के आवंटन से 6,43,375 का भुगतान संविदा पर बहाल चिकित्सक को कर दिया गया.

ऐसी किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता होने पर तुरंत संबंधित लेखापाल व डीडीओ पर कार्रवाई करते हुए उक्त राशि को तुरंत उसी आवंटन के विपत्र कोड में वापस चालान द्वारा उसी वित्तीय वर्ष के अंत (31 मार्च) तक कोषागार में चालान के माध्यम से जमा कर देना है. मगर दो वित्तीय वर्ष बीतने के बाद भी खानापूर्ति के लिये चिकित्सक को पत्र देकर स्वास्थ्य विभाग सोया हुआ है.

चिकित्सक ने एक फूटी कौड़ी भी कोषागार में नहीं किया वापस

पूरे मामले में गोगरी प्रखंड प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने संविदा चिकित्सक डॉ. विकास कुमार को भेजे गये पत्र में कहा है कि 01.02.2018 से 28.02.2019 तक मानदेय राशि 6,43,375 रुपये कोषागार के माध्यम से आपके एसबीआई बैंक खाता में भुगतान किया गया है. जबकि आपका नियोजन जिला स्वास्थ्य समिति खगड़िया के ज्ञापांक 61 दिनांक 25.01.2018 के द्वारा एनएचएम के अन्तर्गत भुगतेय है. प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी सह डीडीओ ने चिकित्सक डॉ. विकास को भुगतान की गयी राशि 6,43,375 रुपये कोषागार में चालान द्वारा जमा कराते हुए चालान की एक प्रति कार्यालय में समर्पित करना सुनिश्चित करें. इसे अत्यावश्यक समझे.

यह पत्र प्रखंड प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा पत्रांक 1322 के तहत 23.10.2019 को भेजी गयी है. लेकिन अब तक निविदा पर बहाल चिकित्सक डॉ. विकास ने भुगतान किये गये राशि में से एक फूटी कौड़ी भी अब तक जिला कोषागार में जमा नहीं किया है. वहीं इस अवैध रुप से राशि भुगतान के मामले में लापरवाही के घेरे में आये डीडीओ सह गोगरी प्रभारी प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी व संबंधित लेखापाल से स्पष्टीकरण तक नहीं पूछा गया है. जो विभागीय कार्यशैली को कटघरे में खड़ा कर रहा है. जबकि यह मामला पूरी तरह वित्तीय अनियमितता से जुड़ा हुआ है.

posted by ashish jha

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