गंगा-गंडक के बढ़ते जलस्तर के बीच डीएम ने किया जीएन बांध का निरीक्षण, रैन कट की मरम्मत के निर्देश

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निरीक्षण करते डीएम और गोगरी सीओ | Prabhat Khabar Network

खगड़िया DM ने गंगा और गंडक के बढ़ते जलस्तर के बीच जीएन बांध का निरीक्षण किया. अधिकारियों को तटबंधों की निरंतर निगरानी रखने और रैन कट वाले स्थानों की तत्काल मरम्मत के निर्देश दिए गए हैं. डीएम बाढ़ प्रभावितों से भी मिले और हरसंभव मदद का आश्वासन दिया.

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गोगरी (खगड़िया) : गंगा और गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर के बीच प्रशासन ने बांध-तटबंधों की सुरक्षा को लेकर निगरानी तेज कर दी है. रविवार को खगड़िया डीएम विक्रम विरकर, गोगरी एसडीओ संजय कुमार और सीओ मो. आमिर हुसैन ने बन्नी से गोगरी तक जीएन बांध का स्थल निरीक्षण किया. अधिकारियों ने बांध पर पानी के बढ़ते दबाव और संवेदनशील स्थानों की स्थिति का जायजा लिया.

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बांध सुरक्षित, रैन कट की मरम्मत के निर्देश

निरीक्षण के दौरान डीएम ने अधिकारियों को बांध-तटबंधों पर लगातार नजर रखने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि गंगा और गंडक का जलस्तर बढ़ा है और दियारा क्षेत्र में पानी का फैलाव हुआ है, लेकिन फिलहाल सभी बांध-तटबंध सुरक्षित हैं.

डीएम ने गोगरी के जीएन बांध को भी सुरक्षित बताया. साथ ही बांध पर जहां-जहां रैन कट हैं, वहां तत्काल मरम्मत कराने का निर्देश दिया. एसडीओ संजय कुमार और सीओ मो. आमिर हुसैन को पानी की स्थिति की लगातार निगरानी करने को कहा गया है.

बन्नी पहुंचकर बाढ़ प्रभावितों से मिले डीएम

निरीक्षण के बाद डीएम विक्रम विरकर सीओ मो. आमिर हुसैन के साथ बन्नी के वार्ड 18 पहुंचे. यहां उन्होंने बाढ़ प्रभावित लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली. डीएम ने लोगों को हरसंभव प्रशासनिक मदद का भरोसा दिलाया.

बाढ़ की स्थिति पर प्रशासन की तैयारी

  • गंगा और गंडक के जलस्तर में लगातार वृद्धि.
  • बन्नी से गोगरी तक जीएन बांध का भौतिक निरीक्षण.
  • रैन कट वाले स्थानों की तत्काल मरम्मत के निर्देश.
  • बांध-तटबंधों की लगातार निगरानी का आदेश.
  • जरूरत पड़ने पर कम्युनिटी किचन चलाने की तैयारी.
  • बाढ़ प्रभावितों के बीच राहत सामग्री का वितरण किया जायेगा.

बाढ़ प्रभावित इलाकों में चापाकल और अस्थायी शौचालय बनेंगे

गोगरी एसडीओ संजय कुमार ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं को लेकर पीएचईडी विभाग को निर्देश दिया है. उन्होंने कहा कि प्रभावित इलाकों में रविवार को ही चापाकल और अस्थायी शौचालय का निर्माण कराया जाये, ताकि बाढ़ पीड़ितों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े.

एसडीओ ने सभी सीओ को भी इस संबंध में रविवार सुबह निर्देश जारी कर दिया है. प्रशासन का कहना है कि नदी के जलस्तर और बांधों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है. स्थिति बिगड़ने पर तत्काल राहत और बचाव से जुड़े कदम उठाये जायेंगे.

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