केसीसी ऋण वितरण में करोड़ों का घोटाला

Updated at : 13 May 2017 7:52 AM (IST)
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केसीसी ऋण वितरण में करोड़ों का घोटाला

150 मजदूरों के घर पहुंचा फर्जी एटीएम कार्ड चौथम(खगड़िया) : भारतीय स्टेट बैंक, बलुआही शाखा में केसीसी ऋण वितरण में करोड़ों के गोलमाल का मामला प्रकाश में आया है. किसान की जगह मजदूरों के नाम से ऋण निकाल कर राशि का बंदरबांट किया गया है. पूरे मामले का खुलासा उस वक्त हुआ जब चौथम के […]

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150 मजदूरों के घर पहुंचा फर्जी एटीएम कार्ड
चौथम(खगड़िया) : भारतीय स्टेट बैंक, बलुआही शाखा में केसीसी ऋण वितरण में करोड़ों के गोलमाल का मामला प्रकाश में आया है. किसान की जगह मजदूरों के नाम से ऋण निकाल कर राशि का बंदरबांट किया गया है. पूरे मामले का खुलासा उस वक्त हुआ जब चौथम के विभिन्न इलाकों के दर्जनों मजदूरों के घर एटीएम कार्ड सहित अन्य कागजात पहुंचे. इसके बाद छानबीन में पता चला कि करीब 150 मजदूरों के नाम पर करोड़ों के ऋण स्वीकृत करा कर राशि की हेराफेरी कर ली गयी है.
बताया जाता है कि दो करोड़ से अधिक केसीसी ऋण का गोलमाल किया गया है. इसके बाद आक्रोशित मजदूरों ने जयप्रभानगर के पास एनएच-107 को जाम कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. जाम के कारण करीब दो घंटे तक आवागमन बाधित रहा. पूरे मामले में एक महिला कविता देवी को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है. बताया जाता है कि इसी महिला ने मजदूरों से संपर्क कर बरगला कर कागजात लिये थे. इधर, जाम की सूचना मिलते ही चौथम सीओ निशांत कुमार, थानाध्यक्ष सुनील कुमार सहनी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. लेकिन जाम कर रहे मजदूर मानने को तैयार नहीं हुए. इसके बाद सीओ ने डीएम से मोबाइल पर संपर्क साधा. डीएम द्वारा पूरे मामले में जांच कर कार्रवाई के आश्वासन के बाद मजदूर मानें. इसके बाद जाम हटाया जा सका.
बैंक अधिकारी, बिचौलिये की मिलीभगत से गोलमाल
जाम कर रहे मजदूरों ने बैंक प्रबंधक, कर्मी व दलालों की मिलीभगत से केसीसी ऋण की अवैध निकासी हुई है. उन लोगों ने कहा कि हमलोगों को पता भी नहीं है और बैंक से ऋण की निकासी हो गयी.
कई गांवों के मजदूरों से बैंक से ऋण दिलाने के नाम पर बैंक खाता खोलने के लिये जयप्रभानगर निवासी कविता देवी ने कागजात लिया था. दलालों ने बैंक प्रबंधक की मिलीभगत से 150 मजदूरों का खाता खोल कर औसतन प्रत्येक मजदूर करीब 1,95,000 केसीसी ऋण स्वीकृत कर उठाव कर लिया. किसी मजदूर के खाते से 95 हजार तो कई मजदूरों के नाम पर 80 हजार रुपये निकासी भी हो गयी. लेकिन जिनके नाम पर ऋण है उनको पता भी नहीं है. उक्त फर्जी ऋण की निकासी 20/09/2016 को किया गया है. उस वक्त बैंक प्रबंधक भवेश कुमार खां थे. जो गड़बड़ी के आरोप में पहले ही निलंबित हो गये हैं.
एटीएम घर पर पहुंचा, तो खुला राज
मजदूरों को डाक द्वारा जब बैंक का एटीएम कार्ड भेजा गया तो मजदूरों ने बलुआही एसबीआइ शाखा पहुंच कर जानकारी ली तो पैरों तले जमीन खिसक गयी. बैंक में जब मजदूरों का खाता निकाला गया तो पता चला कि प्रत्येक मजदूर के नाम से बैंक ने एक लाख 95 हजार का केसीसी ऋण स्वीकृत किया है.
स्वीकृत ऋण में प्रत्येक मजदूर के नाम से औसतन 95 हजार की निकासी की गयी है. इसके बाद करीब दो दर्जन से अधिक मजदूरों ने बैंक प्रबंधक नवीन प्रकाश को आवेदन देकर फर्जीवाड़े की जानकारी देते हुए जांच कर कार्रवाई की गुहार लगायी. वहीं दो दर्जन से अधिक मजदूरों ने जिला लोक शिकायत निवारण कार्यालय में भी केसीसी ऋण के नाम पर गोलमाल की शिकायत की है.
यह मामला वर्ष 2016 का है. उस वक्त एसबीआइ बलुआही शाखा के मैनेजर भवेश कुमार खां थे. पूरे मामले में ऋणधारक मजदूरों के आवेदन पर जांच के लिये उच्चाधिकारियों को भेज दिया गया है. जांच चल रही है. जल्द ही सच सामने आयेगा. केसीसी ऋण में फर्जीवाड़ा करनेवालों को बख्शा नहीं जायेगा.
नवीन प्रकाश, प्रबंधक,
एसबीआइ बलुआही शाखा
केसीसी ऋण में फर्जीवाड़ा का आरोप लगाते हुए मजदूरों ने जयप्रभानगर के पास एनएच-107 जाम कर दिया था. जाम कर रहे मजदूरों को डीएम के द्वारा जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिये जाने के बाद जाम समाप्त कर दिया गया. पूरे मामले में कविता देवी नामक एक महिला को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है.
निशांत कुमार, सीओ, चौथम
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