तालाबों में पानी नहीं, जीर्णोद्धार की है आस

Published at :15 Dec 2015 9:00 PM (IST)
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तालाबों में पानी नहीं, जीर्णोद्धार की है आस

तालाबों में पानी नहीं, जीर्णोद्धार की है आस बनायी गई सीढ़ियां हो रही बेकारप्रतिनिधि, गोगरी. एक तरफ जहां जल संरक्षण को लेकर सरकारी स्तर पर मनरेगा व अन्य योजना के तहत पोखर तालाब निर्माण व जीर्णोद्धार कराने पर बल दिया जा रहा है. वहीं क्षेत्र में पुराने तालाब व पोखर मृतप्राय हो रहे हैं. अधिकांश […]

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तालाबों में पानी नहीं, जीर्णोद्धार की है आस बनायी गई सीढ़ियां हो रही बेकारप्रतिनिधि, गोगरी. एक तरफ जहां जल संरक्षण को लेकर सरकारी स्तर पर मनरेगा व अन्य योजना के तहत पोखर तालाब निर्माण व जीर्णोद्धार कराने पर बल दिया जा रहा है. वहीं क्षेत्र में पुराने तालाब व पोखर मृतप्राय हो रहे हैं. अधिकांश पोखर व तालाब जहां पानी नहीं रहने से सूख कर बेकार हो रहे हैं. तो कई तालाबों में जल है तो साफ-सफायी के अभाव में फैली गंदगी के कारण बेकार पड़े हैं. बात नगर पंचायत गोगरी जमालपुर की करें तो नगर पंचायत क्षेत्र में वैसे भी पोखर व तालाबों की कमी है और जो भी है वे उपेक्षा के कारण आम लाेगों के लिए बेकार साबित हो रहे हैं. जिनके जीर्णोद्धार को लेकर कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है. क्षेत्र के जमालपुर बाजार के पंसारी बालिका उच्च विद्यालय के पास स्थित रानी पोखर लगभग मृत होने के कगार पर हैं. नगर पंचायत प्रशासन के द्वारा इसके जीर्णोद्धार के नाम पर बीते 2012 में उक्त पोखर के एक किनारे में लाखों की लागत से सीढ़ियां बनायी गई मगर पोखर की साफ-सफायी व सतह की खुदायी की ओर ध्यान नहीं दिया गया. आज आलम यह है कि पोखर लगभग मृत हो चुका है. हलांकि पोखर में पानी तो है मगर फैली गंदगी व गंदे पानी के कारण कोई इस ओर झांकने तक नहीं आते हैं. वही हाल कुर्मीर्टोला स्थित बड़ी पोखर का है. जो सूख कर बेकार हो गया है. नगर पंचायत क्षेत्र के अलावे भी अन्य जगहों के तलाबों की भी वही स्थिति है. नगर पंचायत के तालाबों का अगर जीर्णोद्धार हो तो नगर पंचायत में सुन्दरता के साथ स्वच्छता भी आएगी नगर पंचायत अध्यक्ष रंजीता कुमारी के अनुसार तालाबों के जीर्णोद्धार के लिए ही सीढ़ियां बनायी गई है. योजना के तहत तलाबों में और सीढ़ी व अन्य कार्य कराया जाना है.

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