ई-रिक्शा चालक बन कर गोगरी के बैंकों की रेकी कर रहा था ब्रजेश, लूट की थी योजना

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रणवीर झा, गोगरी : कटिहार में 50 लाख रुपये की लूटकांड के बाद गोगरी के मुश्कीपुर में छुपे हुए शातिर बदमाश ब्रजेश यादव को पुलिस ने दबोच लिया है. ब्रजेश गोगरी में अपने मौसेरे भाई मुश्कीपुर कोठी निवासी शैलेश यादव के यहां रहकर ई-रिक्शा चला रहा था. इसके पीछे भी उसका शातिराना दिमाग था. वह […]

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रणवीर झा, गोगरी : कटिहार में 50 लाख रुपये की लूटकांड के बाद गोगरी के मुश्कीपुर में छुपे हुए शातिर बदमाश ब्रजेश यादव को पुलिस ने दबोच लिया है. ब्रजेश गोगरी में अपने मौसेरे भाई मुश्कीपुर कोठी निवासी शैलेश यादव के यहां रहकर ई-रिक्शा चला रहा था. इसके पीछे भी उसका शातिराना दिमाग था. वह इलाके के सभी बैंक के इर्द-गिर्द रेकी कर रहा था. अगला टारगेट गोगरी के बैंक हो सकते थे.

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कटिहार व गोगरी पुलिस ने जाल बिछाया, जिसकी भनक शातिर को लग गयी. कटिहार और गोगरी पुलिस की संयुक्त छापेमारी की भनक ब्रजेश को लगने के बाद मौसेरे भाई के यहां ई-रिक्शा लेकर जमालपुर बाजार आया. ई-रिक्शा को टावर चौक पर छोड़कर ब्रजेश भागने की फिराक में था कि पहले से मौजूद पुलिस ने धर दबोचा.
50 लाख लूट मामले का मास्टरमाइंड गिरफ्तार कटिहार के कदवा निवासी ब्रजेश यादव ई-रिक्शा का चालक बन कर गोगरी के बैंकों की रेकी कर रहा था. इससे पहले भी वह ई रिक्शा से रेकी कर कई लूटकांड को अंजाम दे चुका है. कुख्यात अपराधी ब्रजेश कुमार अपने टीम को पहले लाइनर का काम करता था.
देखते ही देखते दिन दहाड़े 50 लाख लूट की वारदात को अंजाम देकर पुलिस के लिये सिरदर्द बन गया था. कटिहार जिले के अबतक सबसे बड़ी लूट के मामले में मास्टरमाइंड की भूमिका निभाने वाले ब्रजेश यादव की गिरफ्तारी से कई राज सामने आने की उम्मीद है.
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार यदि ब्रजेश यादव को मंगलवार को गिरफ्तार नहीं किया जाता तो आगामी एक सप्ताह के अंदर गोगरी में भी किसी बड़ी लूट की घटना को अंजाम देने से इंकार नहीं किया जा सकता था. विगत छह जून को घटना को 50 लाख लूट की घटना को अंजाम देने के बाद ब्रजेश गोगरी के मुश्कीपुर कोठी निवासी अपने मौसेरे भाई शैलेश यादव के यहां रह रहा था.
खगड़िया, महेशखूंट और गोगरी के थे बैंक
गिरफ्तार ब्रजेश यादव ने पूछताछ में रेकी से लेकर लूटकांड के कई राज पर से पर्दा हटाया है. गोगरी डीएसपी के नेतृत्व में शातिर से पूछताछ की गयी. डीएसपी ने अनुसार, गिरफ्तार ब्रजेश ने पुलिस को बताया कि फिलहाल, खगड़िया, महेशखूंटन और गोगरी में रेकी कर रहे थे. पूरे इलाके को जानने के बाद इधर ही कुछ दिन रहकर घटना को अंजाम देने की योजना थी.
महेशखूंट और खगड़िया में पहले घटना को अंजाम देने का प्लानिंग थी. ब्रजेश यादव घटना को अंजाम देने के पूर्व सबसे पहले एक ई-रिक्शा को भाड़ा पर लेकर उससे बैंक, एटीएम और कैश वैन के इर्द गिर्द घूमकर पहले सुरक्षा और व्यवस्था की जानकारी ले रहा था. सबसे बड़ी बात यह है की गिरफ्तार ब्रजेश यादव उस ई-रिशा पर किसी सवारी और यात्री को नहीं बैठाता था, सिर्फ ब्रजेश ही उसमें बैठकर अकेले घूमता रहता था.
मौसेरे भाई से पुलिस कर रही पूछताछ
गोगरी के मुश्कीपुर निवासी शैलेश यादव के घर पर 20 दिन से रह रहे ब्रजेश की गिरफ़्तारी के बाद गोगरी पुलिस ने ब्रजेश के मौसेरे भाई शैलेश यादव को गोगरी थाना पर बुलाकर पूछताछ कर रही है. गोगरी थानाध्यक्ष राघवेन्द्र कुमार ने बताया कि ब्रजेश के मौसेरे भाई से पूछताछ जारी है.
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