कुरसेला में गंगा-कोसी का कहर, खतरे के निशान से ऊपर बह रही कोसी, कई गांवों में घुसा बाढ़ का पानी
कुरसेला प्रखंड में गंगा और कोसी नदियों का जलस्तर खतरनाक रूप से बढ़ गया है, जिससे बाढ़ का संकट गहरा गया है। कोसी खतरे के निशान से 31 सेमी ऊपर बह रही है, जिससे निचले इलाकों के दर्जनों घरों में पानी घुस गया है और लोगों को मचान पर रहने को मजबूर होना पड़ रहा है।
कटिहार, कुरसेला. गंगा और कोसी नदी के बढ़ते जलस्तर ने कुरसेला प्रखंड में बाढ़ संकट को और गहरा कर दिया है. कोसी नदी खतरे के निशान से 31 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है और अगले 24 घंटे में जलस्तर में और वृद्धि की संभावना जतायी गयी है. नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी बारिश और वीरपुर बराज से बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण कोसी उफान पर है. दूसरी ओर गंगा का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति और विकट हो गयी है. कई संपर्क सड़कें डूब चुकी हैं और दर्जनों घरों में पानी प्रवेश कर गया है.
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कई मुख्य सड़कों पर तीन से चार फीट पानी का तेज बहाव
पूर्वी मुरादपुर पंचायत के बसुहार मजदिया और मलेनिया गांव की मुख्य सड़क बाढ़ के पानी में डूब गयी है. खेरिया से पत्थल टोला को जोड़ने वाली सड़क पर तीन से चार फीट पानी का तेज बहाव हो रहा है. वहीं एनएच-31 से बाघमारा-पचखुट्टी को जोड़ने वाली सड़क पर भी करीब चार फीट पानी बह रहा है. बल्थी महेशपुर से मेहर टोला को जोड़ने वाली सड़क पर पानी चढ़ जाने से आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है. संपर्क मार्गों के डूबने के कारण ग्रामीणों को नाव के सहारे मुख्य सड़कों तक पहुंचना पड़ रहा है.
दर्जनों घरों में घुसा पानी, मचान और चौकी पर रहने को मजबूर लोग
जरलाही पंचायत के मलेनिया मिर्जापुर गांव के निचले हिस्से में बसे दर्जनों घरों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है. प्रभावित परिवारों के चूल्हे तक डूब गये हैं. पानी से घिरे परिवार घरों में मचान और चौकी पर रहने को मजबूर हैं. ग्रामीणों के अनुसार कई परिवारों के सामने भोजन की समस्या भी खड़ी हो गयी है. लोग सत्तू, चूड़ा और मूढ़ी खाकर किसी तरह गुजारा कर रहे हैं. दक्षिणी मुरादपुर पंचायत के पत्थल टोला में भी दर्जन से अधिक घरों में पानी घुस गया है.
चारों तरफ पानी से घिरे कई गांव और टोले
बाढ़ के कारण कुरसेला प्रखंड के शेरमारी, चांयटोला, पत्थल टोला, खेरिया, तीनघरिया, बसुहार मजदिया, कमलाकान्ही, बालूटोला, निषाद टोला, मलेनिया मिर्जापुर और मधेली गुमटी टोला समेत कई गांव और टोले पानी से घिर गये हैं. नगर पंचायत क्षेत्र के बाघमारा, पचखुट्टी, कुरसेला बस्ती, रामपुर गवालटोली और बल्थी महेशपुर में भी चारों तरफ पानी का दबाव बना हुआ है. जलस्तर में और वृद्धि होने पर इन इलाकों के घरों में पानी घुसने का खतरा बढ़ गया है.
घुरना-बल्थी महेशपुर सड़क सह तटबंध पर बढ़ा दबाव
घुरना-बल्थी महेशपुर सड़क सह तटबंध पर मड़कोस नदी का दबाव बढ़ रहा है. कटरिया गांव के पास तटबंध बाढ़ के पानी से घिर गया है. वहीं मधेली के 11-12 नंबर ठोकर पर गंगा के तेज प्रवाह का खतरा बना हुआ है. लगातार बारिश के कारण तटबंधों पर क्षरण का खतरा भी बढ़ गया है. यदि जलस्तर में और वृद्धि होती है तो कमजोर हिस्सों पर दबाव बढ़ने की आशंका है.
नीचे बाढ़ और ऊपर बारिश, दोहरी मार झेल रहे ग्रामीण
बाढ़ प्रभावित इलाकों में जनजीवन पूरी तरह बेहाल हो गया है. संपर्क सड़कों के डूब जाने से आवागमन प्रभावित है और ग्रामीण नाव के सहारे जरूरी काम के लिए मुख्य सड़कों तक पहुंच रहे हैं. कई परिवारों के सामने घर, भोजन, पशुओं और रोजमर्रा की जरूरतों को लेकर परेशानी बढ़ गयी है. ग्रामीणों का कहना है कि एक ओर नीचे बाढ़ का पानी बढ़ रहा है तो दूसरी ओर लगातार बारिश लोगों की मुश्किलें और बढ़ा रही है. लोगों की नजर अब नदी के जलस्तर और प्रशासन की ओर से राहत एवं बचाव व्यवस्था पर टिकी है.
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