कुरेठा स्टेशन: करोड़ों का भवन बना पर ओवरब्रिज नदारद, 5 नंबर ट्रैक पार करने को मजबूर यात्री

Updated:
विज्ञापन
कुरेठा स्टेशन

कुरेठा स्टेशन

कुरुथा रेलवे स्टेशन पर करोड़ों की लागत से बना नया भवन यात्रियों की बुनियादी सुविधा से महरूम है. ओवरब्रिज के अभाव में यात्रियों को जान जोखिम में डालकर रेल लाइनें पार करनी पड़ रही हैं. स्टेशन मास्टर द्वारा दुर्व्यवहार की घटना ने यात्रियों के आक्रोश को और बढ़ा दिया है.

विज्ञापन

कटिहार-कुमेदपुर रेल खंड के अंतर्गत आने वाले कुरेठा रेलवे स्टेशन पर दोहरीकरण (Doubling) कार्य और नए आधुनिक भवन का निर्माण तो करोड़ों रुपये की लागत से पूरा हो गया, लेकिन यात्रियों की सबसे प्राथमिक बुनियादी सुविधा अब भी अधूरी है. स्टेशन के दक्षिणी हिस्से की तरफ जाने के लिए यात्रियों को 5 नंबर रेल लाइन पार करनी पड़ती है. ओवरब्रिज (Foot Over Bridge) न होने के कारण रोजाना सैकड़ों यात्री अपनी जान जोखिम में डालकर ट्रैक पार करने को मजबूर हैं.

रास्ता मांगने पर दुर्व्यवहार का आरोप, स्टेशन परिसर में हंगामा

गुरुवार देर शाम करीब 8:00 बजे मालदा-कटिहार पैसेंजर ट्रेन से उतरे दर्जनों यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. 5 नंबर लाइन पर काफी देर से मालगाड़ी/ट्रेन खड़ी रहने के कारण रास्ता पूरी तरह बंद था.

जब परेशान यात्री वैकल्पिक रास्ता पूछने स्टेशन कार्यालय के अंदर सहायक स्टेशन मास्टर (ASM) शक्तिधर के पास पहुंचे, तो आरोप है कि उन्होंने कोई समाधान बताने के बजाय यात्रियों के साथ दुर्व्यवहार किया और धक्का देकर स्टेशन परिसर से बाहर निकाल दिया. इस घटना से आक्रोशित यात्रियों ने स्टेशन परिसर में जोरदार हंगामा शुरू कर दिया.

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

स्टेशन मास्टर द्वारा यात्रियों के साथ धक्का-मुक्की और दुर्व्यवहार का पूरा घटनाक्रम कैमरे में कैद हो गया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.

स्थानीय निवासियों का कहना है कि:

  • करोड़ों की लागत से तैयार हुआ नया स्टेशन भवन बिना ओवरब्रिज के महज 'शोभा की वस्तु' बनकर रह गया है.
  • दक्षिण दिशा से आने-जाने वाले हजारों ग्रामीण और यात्री रोज दुर्घटना के साये में रेल पटरियां पार करते हैं.

यात्रियों ने दी आंदोलन की चेतावनी

क्रोधित यात्रियों और स्थानीय ग्रामीणों ने रेल प्रशासन (ईस्टर्न/नॉर्थ ईस्ट फ्रंटियर रेलवे) से पुरजोर मांग की है कि:

  1. कुरेठा स्टेशन पर अविलंब फुट ओवरब्रिज (FOB) का निर्माण कार्य शुरू कराया जाए.
  2. दुर्व्यवहार करने वाले संबंधित रेल कर्मचारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए और कर्मियों को यात्रियों के साथ शालीनता से पेश आने का कड़ा निर्देश दिया जाए.

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते फुट ओवरब्रिज का निर्माण और व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे.


विज्ञापन
दिव्यांशु प्रशांत

लेखक के बारे में

By दिव्यांशु प्रशांत

दिव्यांशु प्रशांत वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्होंने महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में परास्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। मीडिया क्षेत्र में लगभग एक वर्ष के अनुभव के दौरान वे दैनिक जागरण में न्यूज़ राइटर और रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। करियर के शुरुआती दौर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़े पॉलिटिकल कंटेंट राइटिंग का विशेष अनुभव प्राप्त किया। इसके अतिरिक्त उन्होंने टी. एन. बी. कॉलेज से हिंदी साहित्य में स्नातक किया है, जिसके कारण साहित्य, पठन-पाठन, लेखन और कविता-सृजन में उनकी विशेष रुचि है। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली लेखन के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना उनकी पेशेवर पहचान है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन