कटिहार में बाढ़ से 6 लाख से अधिक लोग प्रभावित, 194 सामुदायिक किचेन से पहुंच रहा भोजन, मंत्री ने कहा- लापरवाही नहीं चलेगी

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राहत व बचाव कार्यो की समीक्षा करते आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सादा | Prabhat Khabar Network

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कटिहार जिले में बाढ़ की विकट स्थिति के बीच आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सादा ने उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की. मंत्री ने अधिकारियों को राहत और बचाव कार्यों में किसी भी ढिलाई को बर्दाश्त न करने के सख्त निर्देश दिए हैं. उन्होंने 24 घंटे सतर्क रहने और प्रभावित लोगों तक हर संभव मदद पहुंचाने पर जोर दिया.

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Katihar Flood Relief: कटिहार जिले में बाढ़ की स्थिति के बीच राहत और बचाव कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा की गयी. बुधवार को आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सादा ने अधिकारियों के साथ बैठक कर जिले में बाढ़ की स्थिति और प्रभावित लोगों तक पहुंचायी जा रही राहत की जानकारी ली. मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि राहत और बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जायेगी. सभी संबंधित पदाधिकारी और कर्मी 24 घंटे अलर्ट मोड में रहकर बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखें.

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बैठक में बताया गया कि जिले के पांच अंचलों की 49 पंचायतों के 331 गांवों में बाढ़ की स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है. करीब 6,09,234 प्रभावित लोगों तक त्वरित राहत पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से युद्धस्तर पर काम किया जा रहा है.

1,883 लोगों को सुरक्षित निकाला गया

मंत्री रत्नेश सादा ने कहा कि बाढ़ प्रभावित नागरिकों की सुरक्षा और उन्हें समय पर राहत उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जलस्तर बढ़ने से संवेदनशील और जोखिम वाले इलाकों से लोगों को सुरक्षित निकालने की प्रक्रिया में पूरी तत्परता बरती जाये.

बैठक में बताया गया कि अब तक कुल 1,883 लोगों को सुरक्षित निष्क्रमित कर राहत केंद्रों तक पहुंचाया गया है. सुदूर और जलमग्न क्षेत्रों में आवागमन तथा आपातकालीन राहत कार्यों के लिए 69 नावों का परिचालन किया जा रहा है.

मंत्री ने कहा कि बाढ़ की स्थिति सामान्य होने तक राहत एवं बचाव कार्य पूरी तत्परता के साथ जारी रहना चाहिए. प्रत्येक प्रभावित परिवार तक भोजन, सूखा राशन, पशु चारा, स्वास्थ्य सुविधा और आवश्यक राहत सामग्री पहुंचाना सुनिश्चित किया जाये.

194 सामुदायिक किचेन में 2.20 लाख लोगों को भोजन

बाढ़ प्रभावित लोगों को भोजन की समस्या न हो, इसके लिए जिले में 194 सामुदायिक किचेन संचालित किये जा रहे हैं. प्रशासन की ओर से दी गयी जानकारी के अनुसार इन सामुदायिक रसोइयों के माध्यम से अब तक 2,20,897 लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा चुका है.

मंत्री ने सभी प्रभावित क्षेत्रों में सामुदायिक किचेन का नियमित संचालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि कोई भी प्रभावित व्यक्ति भोजन से वंचित नहीं रहना चाहिए.

जहां तत्काल सामुदायिक किचेन पहुंचाना मुश्किल है, वहां प्रभावित परिवारों को सूखा राशन और अन्य जरूरी राहत सामग्री उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया.

13,105 पॉलिथीन शीट का वितरण

बाढ़ प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत उपलब्ध कराने के लिए अब तक 13,105 पॉलिथीन शीट वितरित की गयी हैं. मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रभावित परिवारों को सूखा राशन एवं अन्य आवश्यक राहत सामग्री प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध करायी जाये.

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशुधन की सुरक्षा को भी राहत कार्यों का अहम हिस्सा बताया गया. मंत्री ने पर्याप्त मात्रा में पशु चारा उपलब्ध कराने और उसका नियमित वितरण सुनिश्चित करने को कहा. पशुपालकों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो, इसके लिए आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया.

जिले में चार पशु चिकित्सा शिविर और पांच चलंत पशु चिकित्सा दल सक्रिय हैं. इनके माध्यम से अब तक 123 प्रभावित पशुओं का उपचार किया जा चुका है.

Katihar Flood Relief: 17 स्वास्थ्य शिविरों में 1,285 लोगों को इलाज

बाढ़ के कारण होने वाली बीमारियों और संक्रमण की रोकथाम के लिए जिले में 17 स्वास्थ्य शिविर सक्रिय किये गये हैं. इन शिविरों के माध्यम से अब तक 1,285 लोगों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करायी जा चुकी है.

मंत्री ने स्वास्थ्य विभाग की टीमों को प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं को लगातार सक्रिय रखने और किसी भी आपात स्थिति में प्रभावित लोगों को तत्काल चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराने को कहा.

मंत्री रत्नेश सादा ने कहा कि राहत और बचाव कार्यों के लिए बजट या संसाधनों की कोई कमी नहीं होने दी जायेगी. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक प्रभावित परिवार तक समय पर सहायता पहुंचे और विशेष रूप से दूरस्थ तथा जलमग्न क्षेत्रों में राहत कार्यों को और प्रभावी बनाया जाये.

बैठक में पूर्व उप मुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद, एमएलसी अशोक अग्रवाल, विधायक विजय सिंह, मनोहर प्रसाद सिंह, दुलाल चंद्र गोस्वामी, जिला पदाधिकारी आशुतोष द्विवेदी समेत कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद थे.

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