कटिहार में बाढ़ के बीच बोट एंबुलेंस से पहुंचेगी स्वास्थ्य सेवा, अमदाबाद-बरारी में शुरू हुआ संचालन

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नाव एंबुलेंस का संचालन | Prabhat Khabar Network

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बाढ़ के बावजूद कटिहार में स्वास्थ्य सेवाएं जारी हैं. अमदाबाद और बरारी प्रखंडों में बोट एंबुलेंस के ज़रिए मरीजों तक इलाज, दवा और आपातकालीन चिकित्सा सुविधा पहुंचाई जा रही है. जिला प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावितों को समय पर चिकित्सा सहायता देना है.

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कटिहार. बाढ़ की विभीषिका के बीच सड़क संपर्क टूटने से प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य सेवाएं बाधित नहीं होंगी. जिला प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित लोगों तक इलाज, दवा और आपातकालीन चिकित्सा सुविधा पहुंचाने के लिए बोट एंबुलेंस का संचालन शुरू कर दिया है. अमदाबाद और बरारी प्रखंड में दो बोट एंबुलेंस के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करायी जा रही हैं. जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी के नेतृत्व में सोमवार को जिला स्तरीय टीम ने अमदाबाद प्रखंड के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जमीनी निरीक्षण किया.

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पंचायत प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर जानी समस्याएं

निरीक्षण से पहले पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गयी. इसमें बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति, सड़क संपर्क टूटने से उत्पन्न समस्याओं और लोगों की तत्काल जरूरतों की जानकारी ली गयी. जनप्रतिनिधियों ने सड़क संपर्क से कटे गांवों में मेडिकल टीम और बोट एंबुलेंस उपलब्ध कराने की मांग रखी. इसके बाद प्रशासन की ओर से अमदाबाद और बरारी प्रखंड में बोट एंबुलेंस का संचालन शुरू कराया गया.

मरीजों के साथ मेडिकल टीम को भी पहुंचाएगी बोट एंबुलेंस

जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने कहा कि बाढ़ के कारण रास्ते बंद हो सकते हैं, लेकिन स्वास्थ्य सेवा का संपर्क नहीं टूटना चाहिए. प्रभावित क्षेत्र के अंतिम व्यक्ति तक समय पर चिकित्सा सहायता पहुंचाना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है. उन्होंने बताया कि बोट एंबुलेंस के जरिये मरीजों को स्वास्थ्य केंद्र तक लाने के साथ जरूरत पड़ने पर मेडिकल टीम और स्वास्थ्यकर्मियों को भी प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचाया जायेगा.

सर्पदंश से जलजनित बीमारी तक, दवाओं का रहेगा पर्याप्त स्टॉक

बाढ़ के दौरान सर्पदंश, कुत्ता काटने और जलजनित बीमारियों की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने आवश्यक दवाओं का पर्याप्त स्टॉक रखने का निर्देश दिया है. सिविल सर्जन ने सभी स्वास्थ्य संस्थानों को एंटी स्नेक वेनम, एआरवी और जलजनित बीमारियों से संबंधित आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा है. साथ ही दवाओं के स्टॉक की लगातार समीक्षा करने का भी निर्देश दिया गया है.

सूचना मिलते ही प्रभावित गांवों में पहुंचेगी मेडिकल टीम

बाढ़ प्रभावित इलाकों में जरूरत के अनुसार स्वास्थ्य शिविर भी लगाये जायेंगे. आशा कार्यकर्ताओं को सूचना तंत्र की महत्वपूर्ण कड़ी बनाया गया है. किसी गांव या पंचायत से गंभीर मरीज अथवा स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकता की सूचना मिलने पर संबंधित मेडिकल टीम को तत्काल प्रभावित क्षेत्र में भेजा जायेगा.

गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों की बनेगी विशेष सूची

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों की विशेष सूची तैयार की जायेगी. आपात स्थिति में इन लोगों को प्राथमिकता के आधार पर चिकित्सा सुविधा, रेफरल और आवश्यक परिवहन उपलब्ध कराया जायेगा. जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पंचायत प्रतिनिधियों, स्थानीय प्रशासन, आशा कार्यकर्ताओं और मेडिकल टीमों के समन्वय से स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी करेंगे.

बाढ़ में किसी जरूरतमंद को इलाज से वंचित नहीं होने देने का लक्ष्य

प्रशासन का उद्देश्य बाढ़ के कारण सड़क संपर्क टूटने के बावजूद प्रभावित लोगों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बनाए रखना है. बोट एंबुलेंस, मेडिकल टीम, दवाओं के पर्याप्त स्टॉक और स्थानीय स्तर पर सूचना तंत्र के जरिये आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को सक्रिय रखा जायेगा. प्रशासन की कोशिश है कि बाढ़ के बीच किसी भी जरूरतमंद को समय पर इलाज से वंचित न होना पड़े.

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