कटिहार में बाढ़ का दायरा बढ़ा, 3.43 लाख आबादी प्रभावित, 67 नावें उतरीं, 60 सामुदायिक रसोई की तैयारी

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कटिहार जिले में बाढ़ का कहर लगातार बढ़ रहा है, जिससे 3.43 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं. 236 गांव जलमग्न हो गए हैं और प्रशासन 67 नावों के ज़रिए राहत कार्य चला रहा है. अब तक 5250 लोगों को सामुदायिक रसोई से भोजन मिल चुका है.

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कटिहार. गंगा, कोसी, बरंडी और कारी कोसी नदियों के जलस्तर में लगातार वृद्धि से कटिहार जिले में बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है. अब तक जिले के कुरसेला, बरारी, अमदाबाद और मनिहारी अंचल की 35 ग्राम पंचायतों के 236 गांव और तीन नगर पंचायतों के 10 वार्ड बाढ़ से प्रभावित हुए हैं. प्रशासन के अनुसार कुल 3,43,180 आबादी बाढ़ की चपेट में है. बाढ़ प्रभावित परिवार ऊंचे और सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं. सोमवार शाम बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने के बाद डीएम आशुतोष द्विवेदी ने समाहरणालय सभागार में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में राहत और बचाव कार्यों की जानकारी दी.

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67 नावों से जारी है आवागमन, सबसे ज्यादा कुरसेला में 17 नाव

डीएम ने बताया कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों के आवागमन और राहत कार्यों के लिए कुल 67 नावों का परिचालन किया जा रहा है. बरारी अंचल में 19, मनिहारी में 11, अमदाबाद में 8, कुरसेला में 17, मनसाही में 3, प्राणपुर में 4, कोढ़ा में 3 और फलका में 2 नाव चलायी जा रही हैं.

प्रशासन का कहना है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जरूरत के अनुसार नावों का परिचालन और बढ़ाया जा सकता है, ताकि लोगों को आवागमन और राहत सामग्री पहुंचाने में परेशानी नहीं हो.

5250 बाढ़ प्रभावित लोगों को कराया गया भोजन

बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए सामुदायिक रसोई का संचालन शुरू किया गया है. बरारी अंचल के दो सामुदायिक रसोई केंद्रों में करीब 1500 लोगों को भोजन कराया गया. कुरसेला के एक केंद्र में करीब 250 और अमदाबाद के 12 केंद्रों में करीब 3500 लोगों को भोजन उपलब्ध कराया गया. इस तरह अब तक कुल करीब 5250 बाढ़ प्रभावित लोगों को सामुदायिक रसोई के माध्यम से भोजन कराया जा चुका है.

इसके अलावा नये प्रभावित क्षेत्रों से विस्थापित हुए लोगों और जलमग्न घरों में रह रहे परिवारों के लिए शाम तक 60 और सामुदायिक रसोई केंद्र शुरू करने की तैयारी की गयी है. इनमें बरारी में 22, कुरसेला में 5, मनिहारी में 15 और अमदाबाद में 12 केंद्र प्रस्तावित हैं.

आठ स्वास्थ्य शिविरों में 450 लोगों का इलाज

बाढ़ प्रभावित लोगों के स्वास्थ्य को लेकर भी प्रशासन की ओर से शिविर चलाये जा रहे हैं. बरारी में दो, अमदाबाद में चार और कुरसेला में दो स्वास्थ्य शिविर संचालित हैं. इन शिविरों के माध्यम से अब तक करीब 450 लोगों का इलाज किया जा चुका है.

बाढ़ प्रभावित इलाकों में पेयजल की सुरक्षा के लिए अब तक 458 हैलोजेन टैबलेट का वितरण भी किया गया है. प्रशासन की ओर से जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य व्यवस्था पर नजर रखी जा रही है.

4060 पॉलीथीन शीट बांटी गयीं, मवेशियों के लिए पशु शिविर

डीएम ने बताया कि बाढ़ प्रभावित बरारी, कुरसेला, मनिहारी और अमदाबाद अंचलों में पशुओं के उपचार के लिए एक-एक पशु शिविर संचालित किया जा रहा है. इन शिविरों में अब तक 123 पशुओं का इलाज किया गया है.

बाढ़ के कारण विस्थापित होकर अपने मवेशियों के साथ ऊंचे स्थानों पर पहुंचे लोगों के लिए भी पशु चिकित्सा की व्यवस्था की जा रही है. वहीं बाढ़ प्रभावित और विस्थापित परिवारों के बीच अब तक करीब 4060 पॉलीथीन शीट का वितरण किया जा चुका है. वितरण का काम लगातार जारी है.

16 नये चापाकल लगाये गये, पेयजल व्यवस्था पर जोर

बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग की ओर से नये चापाकल भी लगाये गये हैं. बरारी अंचल में 12 और कुरसेला अंचल में 4 नये चापाकलों का अधिष्ठापन किया गया है.

प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल और स्वच्छता की स्थिति पर लगातार निगरानी रखने की बात कही गयी है.

जरूरतमंद परिवारों को 7000 रुपये की अनुग्रह सहायता

डीएम आशुतोष द्विवेदी ने बताया कि बाढ़ आपदा राहत के लिए मानक संचालन प्रक्रिया के अनुसार प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य चलाये जा रहे हैं. जरूरतमंद बाढ़ प्रभावित परिवारों को अनुग्रह अनुदान सहायता के रूप में 7000 रुपये प्रति परिवार की राशि सीधे उनके बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की जानी है.

इसके लिए आपदा सम्पूर्ति पोर्टल पर दर्ज लाभुकों के विवरण का सत्यापन किया जा रहा है. प्रशासन की ओर से पूर्व में इस संबंध में संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये हैं.

राहत के लिए चल रही है बहुस्तरीय व्यवस्था

डीएम ने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नाव परिचालन, सामुदायिक रसोई, स्वास्थ्य शिविर, पशु शिविर, पशुचारा और पॉलीथीन शीट वितरण जैसी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं. प्रशासन का प्रयास है कि बाढ़ से प्रभावित परिवारों को तत्काल जरूरी सहायता उपलब्ध करायी जाए. उन्होंने कहा कि जलस्तर और बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और प्रभावित क्षेत्रों की जरूरत के अनुसार राहत व्यवस्था को बढ़ाया जाएगा.

24 घंटे सक्रिय है जिला आपातकालीन संचालन केंद्र

बाढ़ और अन्य आपदा से जुड़ी सूचना के त्वरित संकलन और सहायता के लिए जिला आपातकालीन संचालन केंद्र सह नियंत्रण कक्ष 24 घंटे कार्यरत है. यहां प्राप्त सूचनाओं और शिकायतों को संबंधित अधिकारियों तक तत्काल पहुंचाया जा रहा है और उनका रिकॉर्ड भी रखा जा रहा है.बाढ़ या आपदा से संबंधित सूचना देने के लिए नियंत्रण कक्ष के दूरभाष नंबर 06452-239025, 239026 और 242400 पर संपर्क किया जा सकता है.

डीएम ने कहा, प्रभावित परिवारों तक पहुंचाई जा रही सहायता

डीएम आशुतोष द्विवेदी ने कहा कि बाढ़ आपदा राहत के लिए निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया के अनुरूप प्रशासन काम कर रहा है. बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों के आवागमन से लेकर भोजन, स्वास्थ्य, पशु चिकित्सा, पेयजल और अस्थायी राहत सामग्री तक की व्यवस्था की जा रही है.

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