कटिहार में मूसलाधार बारिश के बाद जलजमाव: बाढ़ पीड़ितों की बढ़ी परेशानी, मंगलवार को ठनका का अलर्ट जारी

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कटिहार में हुई भारी बारिश ने शहर की सड़कों को तालों में बदल दिया, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया. दूसरी ओर, पहले से बाढ़ से जूझ रहे लाखों लोग अब इस नई आपदा से बेहाल हैं. मंगलवार को वज्रपात के अलर्ट ने चिंताएं और बढ़ा दी हैं.

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कटिहार जिले में रविवार की सुबह 9:30 बजे शुरू हुई झमाझम बारिश ने पिछले कई दिनों से तीखी और चिपचिपी उमस झेल रहे नागरिकों को बड़ी राहत दी. तेज हवाओं और मानसूनी बौछारों से तापमान में तेजी से गिरावट आई और मौसम पूरी तरह खुशनुमा हो गया.

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हालांकि, राहत की यह फुहार अपने साथ शहरी क्षेत्र के लिए जलजमाव और ग्रामीण अंचल के बाढ़ पीड़ितों के लिए नई मुसीबतें लेकर आई है. जहां नगर निगम के ड्रेनेज सिस्टम की पोल खुल गई, वहीं गंगा के उफान से बेघर होकर सड़कों और तटबंधों पर शरण लिए लाखों परिवारों के सामने रहने और खाने का गंभीर संकट पैदा हो गया है.

शहर की सड़कें बनीं नाला: न्यू मार्केट, एमजी रोड और कालीबाड़ी में भरा पानी

मूसलाधार बारिश के चंद मिनटों के भीतर ही नगर निगम की जलनिकासी व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई:

  • जलमग्न हुए प्रमुख इलाके: शहर के व्यावसायिक केंद्र न्यू मार्केट, महात्मा गांधी (MG) रोड, कालीबाड़ी, दुर्गा स्थान, गर्ल्स स्कूल रोड और बिनोदपुर सहित दर्जनों प्रमुख मोहल्लों में घुटने तक पानी भर गया.
  • आवागमन ठप, फिसलन बढ़ी: नालियों की नियमित उड़ाही न होने से गंदा पानी सड़कों पर बहने लगा. इससे पैदल चलने वालों, स्कूली बच्चों और दोपहिया वाहन चालकों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी. कई स्थानों पर कीचड़ के कारण गाड़ियां फिसलती नजर आईं.

नीचे गंगा का उफान, ऊपर से बारिश: बाढ़ पीड़ितों पर प्रकृति का दोहरा प्रहार

ग्रामीण और दियारा इलाकों में स्थिति बेहद विकट और हृदयविदारक बनी हुई है:

  • चार प्रखंडों में बाढ़ का तांडव: जिले के अमदाबाद, मनिहारी, बरारी और कुरसेला प्रखंडों में गंगा नदी का पानी पहले से ही सैकड़ों घरों में घुसा हुआ है, जिससे लाखों की आबादी विस्थापित है.
  • बांधों पर तंबू में घुसा पानी: घर डूबने के बाद जो परिवार सड़कों, रेलवे लाइनों और ऊंचे तटबंधों पर खुले आसमान के नीचे प्लास्टिक व पॉलीथिन टांगकर जीवन गुजार रहे हैं, बारिश ने उनका आशियाना भी उजाड़ दिया.
  • राशन और बिस्तर भीगे: तेज बारिश के कारण तिरपाल के भीतर पानी भर गया, जिससे पीड़ितों के सूखे कपड़े, बिस्तर और बचा-खुचा राशन भीग गया. पीड़ितों ने दर्द बयां करते हुए कहा कि नीचे बाढ़ का पानी और ऊपर से बारिश ने उनके सामने दो जून की रोटी का संकट खड़ा कर दिया है.

राहत कार्यों में बारिश बनी बाधा, मंगलवार को भारी वज्रपात का अलर्ट

मौसम विभाग और जिला प्रशासन ने आने वाले 48 घंटों के लिए विशेष सतर्कता जारी की है:

  • राहत वितरण में अड़चन: प्रशासन द्वारा प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है, लेकिन कीचड़ और लगातार बारिश से राहत शिविरों व दूरदराज के बांधों तक संपर्क साधने में कठिनाई हो रही है.
  • मंगलवार का बड़ा अलर्ट: मौसम विभाग के अनुसार रविवार को दिनभर रुक-रुक कर फुहारें जारी रहेंगी, जबकि मंगलवार को भारी बारिश के साथ तीव्र वज्रपात (ठनका) का अलर्ट जारी किया गया है. प्रशासन ने निचले और दियारा इलाकों में रह रहे लोगों को पक्के शेल्टरों में जाने और पेड़ों व खंभों से दूर रहने की हिदायत दी है.

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