टाउन हॉल में सजेगा 'यूथ की बात' का मंच, पूर्व IAS कन्नन गोपीनाथन सुनेंगे युवाओं के सवाल

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IAS कन्नन गोपीनाथन

कटिहार के टाउन हॉल में 'यूथ की बात' कार्यक्रम आज युवाओं को मंच देगा. परीक्षा घोटालों, शिक्षा और रोज़गार पर होगी चर्चा, जिसमें पूर्व IAS कन्नन गोपीनाथन जैसे दिग्गज शामिल होंगे. अपनी बात रखने और समाधान खोजने का यह अनूठा अवसर न चूकें.

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जंतर-मंतर से शुरू हुए युवाओं के देशव्यापी आंदोलन ने परीक्षा में हो रहे घोटालों, शिक्षा व्यवस्था, रोजगार और सरकारी जवाबदेही जैसे गंभीर मुद्दों को राष्ट्रीय विमर्श के केंद्र में ला दिया है. लाखों छात्र-छात्राओं ने जाति और धर्म की सीमाओं को लांघकर अपने सुरक्षित भविष्य के लिए आवाज बुलंद की है. इसी कड़ी में, युवाओं को एक सशक्त मंच देने के उद्देश्य से आगामी 18 अगस्त को कटिहार के टाउन हॉल में 'यूथ की बात: आज़ादी का जश्न और आगे के प्रश्न' शीर्षक से एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है.

क्या है 'यूथ की बात' कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य?

जानकारों का मानना है कि आज का युवा भारत मुख्य रूप से दो तरह की नकारात्मक धाराओं को सिरे से खारिज कर रहा है. पहली वह धारा जो युवाओं को अकर्मण्यता (निष्क्रियता) में धकेलती है और यह भ्रम फैलाती है कि आंदोलन अपनी मंजिल तक पहुंच चुका है. वहीं, दूसरी धारा वह है जो युवाओं को यह कहकर निराश करती है कि महज एक मंत्री के इस्तीफे या परीक्षा घोटाले की जांच से व्यवस्था में क्या ही बदलाव आएगा.

इन दोनों स्थितियों के बीच 'यूथ की बात' उन युवाओं की आवाजों को सुनने और समझने का एक खुला मंच है जो अपने हक के लिए सड़कों पर उतरे हैं. इस मंच के जरिए वे अपने भविष्य को लेकर सरकार और समाज से सीधे अपने सवाल पूछ सकेंगे.

दिग्गजों का पैनल: कौन-कौन हो रहे हैं शामिल?

कटिहार के टाउन हॉल में यह वैचारिक कार्यक्रम सुबह 10 बजे से लेकर दोपहर तीन बजे तक चलेगा. इस आयोजन में युवाओं का मार्गदर्शन करने और उनके सवालों का जवाब देने के लिए कई चर्चित चेहरे शिरकत कर रहे हैं:

  • मुख्य अतिथि: देश के जाने-माने पूर्व आईएएस अधिकारी कन्नन गोपीनाथन.
  • पैनलिस्ट: पटना विश्वविद्यालय की प्रखर छात्र नेत्री सबा आफरीन और जानी-मानी सामाजिक कार्यकर्ता कामायनी स्वामी.

कार्यक्रम के प्रारूप के अनुसार, पहले युवा मंच पर अपनी बात रखेंगे और अपने जमीनी अनुभव साझा करेंगे. इसके बाद कन्नन गोपीनाथन, सबा आफरीन और कामायनी स्वामी का पैनल युवाओं की बातों पर अपनी विस्तृत टिप्पणी रखेगा और छात्र हितों की आगे की ठोस दिशा तय की जाएगी.

वैचारिक मंथन के साथ होंगी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां

इस आयोजन में केवल गंभीर चर्चाएं ही नहीं होंगी, बल्कि यह वैचारिक और सांस्कृतिक समन्वय का भी गवाह बनेगा. युवाओं में ऊर्जा भरने के लिए जन जागरण शक्ति संगठन की सांस्कृतिक टीम और आरा के प्रख्यात गायक राजू रंजन द्वारा बेहतरीन गीत व सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी. इसके अलावा युवा प्रतिभागी भी अपनी बेबाक राय रखने के साथ-साथ अपनी कला और सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश करेंगे.


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सूरज कुमार गुप्ता

लेखक के बारे में

By सूरज कुमार गुप्ता

सूरज कुमार गुप्ता पिछले 25 वर्षों से प्रिंट मीडिया में एक्टिव है. वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत की. राजनीतिक व सामाजिक सरोकार से जुड़े मुद्दों पर पत्रकारिता करना इनकी रुचि में शामिल है. सामाजिक कार्यो में उत्कृष्ट योगदान के लिए वर्ष 2007 में इन्हें भारत सरकार की ओर से तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ एपीजे अब्दुल कलाम ने राष्ट्रीय युवा पुरस्कार से सम्मानित किया था.

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