दूसरे राज्यों से बना रहे थे ऑन-ड्यूटी हाजिरी, शिक्षा विभाग की तकनीकी जांच में फंसे 21 शिक्षक

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फोटो- ई-शिक्षाकोष पोर्टल

बिहार के कटिहार में ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर 21 शिक्षकों की ऑनलाइन हाजिरी में गंभीर अनियमितता सामने आई है. तकनीकी जांच में इन शिक्षकों की लोकेशन स्कूल से बाहर दर्ज पाई गई, जिसके बाद विभागीय कार्रवाई की जा सकती है.

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कटिहार. ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति की जुलाई 2026 में की गयी समीक्षा में गंभीर अनियमितता सामने आयी है. तकनीकी जांच में जिले के विभिन्न प्रखंडों के 21 शिक्षक-शिक्षिकाओं की ओर से स्कूल में उपस्थित होने के लिए मार्क ऑन ड्यूटी विकल्प का इस्तेमाल किये जाने का मामला सामने आया है. विभागीय जांच में संबंधित शिक्षकों की लोकेशन विद्यालय से अलग स्थान पर दर्ज पायी गयी. मामले को जिला शिक्षा पदाधिकारी ने शिक्षक आचरण एवं विभागीय निर्देशों के प्रतिकूल मानते हुए सभी संबंधित शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा है.

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तकनीकी जांच में विद्यालय और पोर्टल लोकेशन में मिला अंतर

जिला शिक्षा पदाधिकारी की ओर से जारी कार्यालय आदेश के अनुसार ई-शिक्षाकोष पोर्टल की समीक्षा के दौरान पाया गया कि संबंधित शिक्षकों ने विद्यालय में उपस्थित नहीं होकर किसी अन्य स्थान से मार्क ऑन ड्यूटी के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज की. विभागीय स्तर पर मामले की तकनीकी जांच भी करायी गयी. जांच के दौरान पोर्टल पर दर्ज उपस्थिति और संबंधित शिक्षकों की वास्तविक लोकेशन में अंतर पाया गया. इसके बाद विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित शिक्षकों से जवाब मांगा है.

दो दिनों के भीतर डीईओ के समक्ष देना होगा स्पष्टीकरण

सभी संबंधित शिक्षकों को पत्र प्राप्ति के दो दिनों के अंदर जिला शिक्षा पदाधिकारी के समक्ष उपस्थित होकर अपना स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया है. शिक्षकों को यह भी स्पष्ट करना होगा कि किन परिस्थितियों में उनके द्वारा इस तरह उपस्थिति दर्ज की गयी. स्पष्टीकरण विद्यालय के प्रधानाध्यापक के मंतव्य के साथ उपलब्ध कराने को कहा गया है. इससे विभाग प्रत्येक मामले में शिक्षक और विद्यालय स्तर से स्थिति स्पष्ट करने का प्रयास करेगा.

संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर हो सकती है विभागीय कार्रवाई

आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यदि संबंधित शिक्षकों का स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया जाता है तो उनके विरुद्ध बिहार सरकारी सेवक आचरण नियमावली, 2005 के यथासंशोधित प्रासंगिक प्रावधानों के तहत अनुशासनिक कार्रवाई की जायेगी. इसकी जिम्मेदारी संबंधित शिक्षक की स्वयं होगी. हालांकि, अंतिम कार्रवाई से पहले शिक्षकों का पक्ष और उनके स्पष्टीकरण पर भी विचार किया जायेगा.

प्रधानाध्यापक से लेकर विभिन्न श्रेणी के शिक्षक शामिल

जारी सूची में कोढ़ा, प्राणपुर, अमदाबाद, समेली, बलरामपुर, बारसोई, बरारी और फलका प्रखंड के शिक्षक शामिल हैं. इनमें हेडमास्टर, हेड टीचर, विशिष्ट टीचर तथा टीआरई-दो और टीआरई-तीन के तहत नियुक्त विभिन्न श्रेणी के शिक्षक शामिल बताए गये हैं.

दरभंगा से कोलकाता तक अलग-अलग जगह दर्ज हुई लोकेशन

दस्तावेज के अनुसार कुछ शिक्षकों की पोर्टल लोकेशन दरभंगा, पटना, पूर्णिया, पश्चिम बंगाल, औरंगाबाद, मालदा, कोलकाता, भागलपुर, मधेपुरा, बगहा, खगड़िया, गोरखपुर और मुंगेर समेत अन्य स्थानों पर दर्ज पायी गयी. अब संबंधित शिक्षकों के स्पष्टीकरण के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि निर्धारित तिथि पर उनकी लोकेशन विद्यालय से अलग क्यों दर्ज हुई.

ऑनलाइन उपस्थिति की तकनीकी निगरानी बढ़ने का संकेत

इस कार्रवाई से यह स्पष्ट है कि ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर दर्ज होने वाली शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति की तकनीकी स्तर पर भी निगरानी की जा रही है. केवल पोर्टल पर उपस्थिति दर्ज होना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि दर्ज लोकेशन की भी जांच की जा सकती है. विभाग की ओर से मांगे गये स्पष्टीकरण और आगे की कार्रवाई पर अब संबंधित 21 शिक्षकों की नजर रहेगी.

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