बारसोई में 'स्मैक' के खिलाफ जीविका दीदियों का फूटा गुस्सा: सड़कों पर उतरीं सैकड़ों महिलाएं, प्रशासन को दी चेतावनी

Updated:
विज्ञापन
फोटो - बारसोई में नशीले पदार्थों के बढ़ते प्रचलन के खिलाफ जागरूकता रैली निकालकर प्रदर्शन करतीं जीविका दीदियां एवं स्थानीय महिलाएं | Prabhat Khabar Network

बारसोई में नशीले पदार्थों के बढ़ते प्रचलन के खिलाफ जागरूकता रैली निकालकर प्रदर्शन करतीं जीविका दीदियां एवं स्थानीय महिलाएं | Prabhat Khabar Network

कटिहार के बारसोई में स्मैक के बढ़ते कारोबार के खिलाफ महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा. सैकड़ों जीविका दीदियों और स्थानीय महिलाओं ने नशा विरोधी जागरूकता रैली निकालकर प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी है.

विज्ञापन

कटिहार जिले के बारसोई नगर पंचायत क्षेत्र में स्मैक (सूखे नशे) के तेजी से फैलते अवैध कारोबार और इसकी गिरफ्त में आती युवा पीढ़ी को बचाने के लिए सोमवार को जीविका दीदियों और स्थानीय महिलाओं का जनाक्रोश सड़कों पर दिखाई दिया. सैकड़ों महिलाओं ने एकजुट होकर नशा विरोधी नारों और तख्तियों के साथ रेलवे गुमटी से लेकर बारसोई स्टेशन तक एक विशाल जागरूकता रैली निकाली. इस दौरान महिलाओं ने जिला प्रशासन व स्थानीय पुलिस के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए स्मैक तस्करों और कारोबारियों पर तत्काल कठोर कार्रवाई करने की मांग की.

"पुलिस की जांच में कुछ नहीं मिलता, पर युवाओं को मिल जाता है नशा"

रैली में शामिल महिलाओं ने स्थानीय पुलिस और प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए:

  • प्रशासनिक नाकामी पर सवाल: महिलाओं ने सीधा आरोप लगाया कि क्षेत्र में स्मैक का धंधा बेखौफ चल रहा है. जब भी पुलिस जांच का नाटक करती है, तो उसे कुछ हाथ नहीं लगता, लेकिन नशा करने वाले लड़कों को स्मैक की पूड़िया आसानी से मिल जाती है.
  • उग्र आंदोलन की चेतावनी: जीविका दीदियों ने प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि जल्द ही मुख्य नशे के सौदागरों को जेल की सलाखों के पीछे नहीं भेजा गया, तो महिलाएं चुप नहीं बैठेंगी और इस आंदोलन को व्यापक व उग्र रूप देने के लिए बाध्य होंगी.

नशे से तबाह हो रहे परिवार और बढ़ रहे अपराध

रैली के दौरान महिलाओं ने सूखे नशे के दुष्परिणामों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि स्मैक के कारण बारसोई के दर्जनों घर-परिवार पूरी तरह से बर्बाद हो चुके हैं:

  1. अपराध में बढ़ोतरी: नशे की लत को पूरा करने के लिए युवा घर के बर्तन और कीमती सामान बेच रहे हैं. इसके चलते इलाके में चोरी और छिनैती जैसी आपराधिक घटनाओं में अचानक इजाफा हुआ है.
  2. आर्थिक व मानसिक प्रताड़ना: परिवारों का माहौल खराब हो चुका है और माता-पिता अपने बच्चों के अंधकारमय भविष्य को देखकर रोने को मजबूर हैं.

जागरूकता रैली में सैकड़ों महिलाओं की रही सहभागिता

रेलवे गुमटी पर रैली के समापन के बाद जीविका दीदियों ने आम जनता और युवाओं से अपील की कि वे नशे जैसी सामाजिक बुराई के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठाएं.

इस विशाल जागरूकता अभियान में मुख्य रूप से अंजु देवी, गुंजा देवी, बबीता देवी, रूबी देवी, आशा देवी, सुबुत देवी, मीना देवी, क्रांति देवी, मोटरी देवी, सेमिया देवी, रिंकू देवी, सुजाता देवी, सुजाता दास, शोभा देवी, सुधा देवी, चंचला दास, नीतू देवी, मुन्नी देवी और मीनू देवी सहित बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाएं उपस्थित रहीं.

इसे भी पढ़ें:  मुजफ्फरपुर- भागलपुर में खुलेंगे AI और इंजीनियरिंग कॉलेज, इन लोगों पर लगेगा गुंडा एक्ट, सम्राट कैबिनेट ने 10 एजेंडों पर लगाई मुहर

इसे भी पढ़ें:  सम्राट चौधरी बोले- बिहार में विकास के लिए पैसे की कोई कमी नहीं, हर महीने की 10 तारीख को आ रही पेंशन


विज्ञापन
अरविंद गुप्ता

लेखक के बारे में

By अरविंद गुप्ता

अरविंद गुप्ता को पत्रकारिता में 14 वर्षों का अनुभव. पत्रकारिता के क्षेत्र में वर्ष 2012 से लगातार कार्य कार्यरत हैं. वर्तमान में कटिहार जिले के बारसोई से समाचार संकलन का कार्य कर रहे हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन