सीसीटीवी है, पर काम नहीं कर रहा

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कटिहार. सदर अस्पताल से बच्चा चोरी होने के बाद यह संयोग ही था कि आरोपित मौके से पकड़े गये और बच्चा भी बरामद हो गया. नहीं तो अस्पताल प्रशासन की भी खूब किरकिरी होती. कारण, सदर अस्पताल में लगे अधिकतर सीसीटीवी खराब पड़े हैं. सदर अस्पताल में पूर्व के वर्षों में होमगार्ड के जवान तैनात […]

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कटिहार. सदर अस्पताल से बच्चा चोरी होने के बाद यह संयोग ही था कि आरोपित मौके से पकड़े गये और बच्चा भी बरामद हो गया. नहीं तो अस्पताल प्रशासन की भी खूब किरकिरी होती.

कारण, सदर अस्पताल में लगे अधिकतर सीसीटीवी खराब पड़े हैं. सदर अस्पताल में पूर्व के वर्षों में होमगार्ड के जवान तैनात रहते थे. इस कारण किसी भी प्रकार की घटना होने पर पुलिस के भय से लोग कम उत्पात मचाते थे. अब निजी सुरक्षाकर्मियों के कारण लोगों व अपराधियों में सुरक्षा का किसी प्रकार का भय नहीं रहता है. इस कारण अस्पताल में अक्सर हो हंगामा होता रहता है. सदर अस्पताल में सुरक्षा के दृष्टिकोण से सीसीटीवी लगाया गया था, लेकिन उनमें से कुछ एक को छोड़ सभी खराब पड़े हुए हैं. सदर अस्पताल में बिचौलिया भी इस कदर हावी हैं कि उसमें सदर अस्पताल प्रशासन का किसी प्रकार का भय नहीं रहता है.

कटिहार : सदर अस्पताल इन दिनों अखबारों व न्यूज चैनलों की सुर्खियों में है. कभी 48 घंटे तक शव को रख कर उसे बिना पोस्टमार्टम कराये भेज दिया जाता है, तो कभी प्रसव वार्ड में नींद में सो रही मां के पास नवजात बच्चे की चोरी हो जाती है. इतना ही नहीं प्रसव कराने पहुंची प्रसूता महिला के परिजनों से वसूली भी की जाती है. इसे लेकर कई बार सदर अस्पताल में हंगामा भी हो चुका है. पीड़ित परिजनों ने लिखित शिकायत भी की, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है. अस्पताल प्रशासन इस बात को कई बार दोहरा चुका है कि अस्पताल में बिचौलिये हावी हैं. सदर अस्पताल में कोई भी काम बिना पैसे के नहीं हो रहा है. ऐसे में लोग कह रहे हैं कि जिला अस्पताल होने का कोई मतलब ही नहीं है. सदर अस्पताल में आये मरीजों को अक्सर यह शिकायत रहती है कि उन्हें काउंटर से दवा खरीदनी पड़ती है.

वहीं प्रसूता महिला के परिजनों से तो आशा व स्वास्थ्यकर्मी सेटिंग कर हजारों की दवाई तक बाहर की दुकान से खरीदकर मंगवाते हैं. हालांकि सदर अस्पताल आये मरीजों की आर्थिक स्थिति कुछ बेहतर नहीं रहती है. बावजूद जच्चा-बच्चा को बचाने के लिए वह किसी प्रकार राशि की व्यवस्था कर दवा खरीदते हैं. इसकी कई बार शिकायत सीएस सहित अन्य अधिकारियों यहां तक कि जांच में आये स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त सचिव तक से भी की गयी थी.

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