बारिश के बाद कैमूर में बढ़ा डेंगू-टायफाइड का खतरा, सदर अस्पताल में 10 बेड सुरक्षित

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फोटो.12. अस्पताल में बढ़ी मरीजों की भीड़ | Prabhat Khabar Network

बारिश के बाद जलजमाव से डेंगू, मलेरिया और टायफाइड का खतरा बढ़ा। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने और साफ-सफाई रखने की सलाह दी है।

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Kaimur News : बारिश के बाद जिले में जगह-जगह जलजमाव और उमस भरी गर्मी के कारण डेंगू, टायफाइड और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है. बदलते मौसम को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है. विभाग के अनुसार बरसात के मौसम में मच्छरजनित और जलजनित बीमारियों के फैलने की आशंका अधिक रहती है. ऐसे में लोगों को साफ-सफाई, खान-पान और आसपास के वातावरण पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है.

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कैमूर में सामने आ रहे टायफाइड के मरीज

पिछले वर्षों के अनुभव के अनुसार बरसात के दौरान डेंगू और टायफाइड के मरीजों की संख्या बढ़ने की आशंका रहती है. इस बार भी जिले में टायफाइड के मरीज सामने आ रहे हैं. शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोग टायफाइड बुखार से पीड़ित हो रहे हैं. बारिश के बाद कई मोहल्लों और ग्रामीण इलाकों में पानी जमा है, जो मच्छरों के प्रजनन का कारण बन रहा है. इससे मलेरिया और डेंगू का खतरा बढ़ सकता है.

डेंगू का मरीज नहीं मिला, अस्पताल में 10 बेड सुरक्षित

सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. विनोद कुमार ने बताया कि बदलते मौसम में लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि बारिश शुरू होते ही स्वास्थ्य विभाग बीमारी की रोकथाम और उपचार को लेकर सतर्क रहता है. हालांकि, बीमारी से बचाव के लिए लोगों की भागीदारी भी जरूरी है.

उन्होंने बताया कि फिलहाल जिले में डेंगू का कोई मरीज नहीं मिला है, लेकिन संभावित स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह तैयार है. सदर अस्पताल में डेंगू के संभावित मरीजों के इलाज के लिए 10 बेड सुरक्षित रखे गये हैं. विभाग की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है.

नवंबर तक डेंगू का खतरा अधिक

स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार बारिश के बाद से नवंबर तक डेंगू का खतरा अधिक रहता है. बारिश खत्म होने के बाद भी वातावरण में नमी और उमस बनी रहती है, जो मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल स्थिति पैदा करती है. डेंगू मादा एडीज इजिप्टी मच्छर के काटने से फैलता है. यह मच्छर मुख्य रूप से दिन के समय काटता है.

घर में जमा पानी पर रखें नजर

बारिश के बाद घरों की छत, गमले, कूलर, पुराने टायर, टूटे बर्तन और अन्य जगहों पर जमा साफ पानी में भी एडीज मच्छर पनप सकता है. स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से ऐसे स्थानों की नियमित सफाई करने और पानी जमा नहीं होने देने की अपील की है. घर के आसपास जलजमाव होने पर उसे तत्काल हटाने की सलाह दी गयी है.

दूषित पानी से बढ़ सकता है टायफाइड का खतरा

बारिश के मौसम में दूषित पानी और संक्रमित भोजन के कारण टायफाइड समेत अन्य जलजनित बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है. चिकित्सकों ने लोगों को साफ या उबला हुआ पानी पीने, खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों से बचने और भोजन को ढककर रखने की सलाह दी है.

बुखार को नजरअंदाज न करें

चिकित्सकों के अनुसार तेज बुखार, सिरदर्द, कमजोरी, शरीर में दर्द या लगातार तबीयत खराब रहने पर खुद से दवा लेने के बजाय चिकित्सकीय जांच करानी चाहिए. स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर समय पर अस्पताल पहुंचें.

स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि डेंगू, मलेरिया और टायफाइड से बचाव में जागरूकता की महत्वपूर्ण भूमिका है. आसपास साफ-सफाई रखने, जलजमाव रोकने और सुरक्षित खान-पान अपनाने से इन बीमारियों के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है.


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